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नोएडा: घरेलू सहायिका बनकर चोरी करने वाली महिला गिरफ्तार, 2 लाख बरामद

नोएडा, 6 अप्रैल (आईएएनएस)। नोएडा के थाना सेक्टर-20 पुलिस ने घरेलू सहायिका के रूप में काम कर चोरी करने वाली एक महिला को गिरफ्तार कर बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने आरोपी महिला के कब्जे से चोरी किए गए आभूषणों की बिक्री से प्राप्त 2,00,000 नकद भी बरामद किए हैं।
नोएडा: घरेलू सहायिका बनकर चोरी करने वाली महिला गिरफ्तार, 2 लाख बरामद

नोएडा, 6 अप्रैल (आईएएनएस)। नोएडा के थाना सेक्टर-20 पुलिस ने घरेलू सहायिका के रूप में काम कर चोरी करने वाली एक महिला को गिरफ्तार कर बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने आरोपी महिला के कब्जे से चोरी किए गए आभूषणों की बिक्री से प्राप्त 2,00,000 नकद भी बरामद किए हैं।

यह कार्रवाई मैनुअल इंटेलिजेंस और इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस की मदद से की गई। पुलिस के अनुसार, 5 अप्रैल 2026 को आरोपी महिला रूबी देवी को लखनऊ हवाई अड्डे के पास से गिरफ्तार किया गया। रूबी देवी, जो बिहार के भागलपुर जिले की निवासी है, घरेलू सहायिका के रूप में काम करने के बहाने लोगों के घरों में प्रवेश कर चोरी की वारदात को अंजाम देती थी। उसकी उम्र लगभग 32 वर्ष बताई जा रही है।

पूछताछ के दौरान आरोपी ने खुलासा किया कि उसकी मुलाकात दिल्ली में रेश्मा नाम की महिला से हुई थी, जो उसकी साथी है और वर्तमान में फरार चल रही है। रेश्मा के पिता आरोपी के पड़ोसी बताए गए हैं। दोनों ने मिलकर जनवरी 2026 के अंतिम सप्ताह में सेक्टर-20 स्थित एक घर में काम करने के बहाने प्रवेश किया और वहां से कीमती ज्वैलरी चोरी कर ली। चोरी के बाद दोनों आरोपियों ने आपस में आभूषण बांट लिए। रूबी देवी ने अपने हिस्से के आभूषणों को एक अज्ञात व्यक्ति को कम कीमत पर बेच दिया।

इस बिक्री से प्राप्त रकम में से 2 लाख नकद पुलिस ने बरामद कर लिए हैं, जबकि बाकी रकम आरोपी ने अपनी जरूरतों में खर्च कर दी। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, रूबी देवी का आपराधिक इतिहास भी रहा है। उसके खिलाफ पहले भी दिल्ली के विभिन्न थानों में चोरी से संबंधित मामले दर्ज हैं।

वर्ष 2018 में थाना विवेक विहार और थाना पंजाबी बाग में भी उसके खिलाफ मुकदमे दर्ज किए गए थे। इस मामले में थाना सेक्टर-20 में संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस अब फरार आरोपी रेश्मा की तलाश में जुटी हुई है और जल्द ही उसे गिरफ्तार करने का दावा कर रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि घरेलू सहायकों को काम पर रखने से पहले उनकी पूरी जांच-पड़ताल करना बेहद जरूरी है, ताकि इस तरह की घटनाओं से बचा जा सके।

--आईएएनएस

पीकेटी/डीएससी

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