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नोएडा में फर्जी कॉल सेंटर का भंडाफोड़, पांच गिरफ्तार; चार बैंक खाते फ्रीज

नोएडा, 16 जनवरी (आईएएनएस)। नोएडा से साइबर ठगी के एक बड़े मामले का खुलासा हुआ है। थाना फेस-1 पुलिस ने मैनुअल इंटेलिजेंस और गोपनीय सूचना के आधार पर रियल एस्टेट निवेश और बीमा पॉलिसी को कम समय में मैच्योर कराने के नाम पर लोगों से धोखाधड़ी करने वाले फर्जी कॉल सेंटर का पर्दाफाश किया है।
नोएडा में फर्जी कॉल सेंटर का भंडाफोड़, पांच गिरफ्तार; चार बैंक खाते फ्रीज

नोएडा, 16 जनवरी (आईएएनएस)। नोएडा से साइबर ठगी के एक बड़े मामले का खुलासा हुआ है। थाना फेस-1 पुलिस ने मैनुअल इंटेलिजेंस और गोपनीय सूचना के आधार पर रियल एस्टेट निवेश और बीमा पॉलिसी को कम समय में मैच्योर कराने के नाम पर लोगों से धोखाधड़ी करने वाले फर्जी कॉल सेंटर का पर्दाफाश किया है।

इस कार्रवाई में पुलिस ने पांच साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है, जबकि बड़ी मात्रा में इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और कॉल डाटा भी बरामद किया गया है। पुलिस के अनुसार, शुक्रवार को डी-16, सेक्टर-6 स्थित एक मकान में संचालित इस फर्जी कॉल सेंटर पर छापा मारा गया।

मौके से अनुज, राकेश कुमार, मनीष मंडल, शुभम सक्सेना और शहजाद अहमद को गिरफ्तार किया गया। आरोपियों के कब्जे से एक लैपटॉप, सात स्मार्ट मोबाइल फोन, नौ की-पैड मोबाइल फोन, एक प्रिंटर मशीन और 45 कॉल डाटा शीट बरामद की गई हैं। इसके साथ ही साइबर ठगी से जुड़े चार बैंक खातों को फ्रीज कराया गया है, जिनमें लगभग 80 लाख रुपये की राशि जमा पाई गई।

पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे देश के विभिन्न राज्यों में रहने वाले लोगों को फोन कर लैप्स बीमा पॉलिसी का पैसा वापस दिलाने, लोन दिलाने और रियल एस्टेट में सुरक्षित निवेश का झांसा देते थे। पीड़ितों से 5,000 रुपये से लेकर एक लाख रुपये तक की रकम निवेश के नाम पर ली जाती थी। ठगी से प्राप्त धनराशि फर्जी बैंक खातों में ट्रांसफर कराई जाती और बाद में आपस में बांट ली जाती थी।

पुलिस को आरोपियों के लैपटॉप से ठगी से संबंधित विस्तृत डाटा शीट भी मिली है, जिससे कई अन्य मामलों के खुलासे की संभावना जताई जा रही है। पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपियों के खिलाफ देश के अलग-अलग राज्यों से राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायतें दर्ज हैं। थाना फेस-1 में इस मामले में बीएनएस की विभिन्न धाराओं और आईटी एक्ट की धारा 66डी के तहत मुकदमा दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

पुलिस ने लोगों से अपील की है कि बीमा पॉलिसी या निवेश को कम समय में मैच्योर कराने के नाम पर आने वाले कॉल, मैसेज या ई-मेल से सतर्क रहें। किसी भी अनजान व्यक्ति को ओटीपी, बैंक विवरण या कार्ड संबंधी जानकारी साझा न करें। साइबर ठगी की आशंका होने पर तुरंत साइबर हेल्पलाइन 1930 पर सूचना दें या शिकायत दर्ज कराएं।

--आईएएनएस

पीकेटी/डीएससी

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