नोएडा में बैंक प्रबंधक पर एक करोड़ की धोखाधड़ी का आरोप, साइबर ठगों ने ऐंठे 47.82 लाख रुपए
नोएडा, 7 सितंबर (आईएएनएस)। नोएडा के फेज-वन थाना क्षेत्र में एक कंपनी के बैंक खाते से एक करोड़ रुपये से अधिक की रकम निकालकर अलग-अलग खातों में ट्रांसफर करने का मामला सामने आया है। कंपनी निदेशक की शिकायत पर कोर्ट के आदेश के बाद पुलिस ने बैंक प्रबंधक समेत छह लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
वहीं, साइबर क्राइम थाने में नोएडा और ग्रेटर नोएडा के छह लोगों से अलग-अलग तरीकों से कुल 47.82 लाख रुपये की ऑनलाइन ठगी के मामले दर्ज किए गए हैं।
नोएडा के फेज-वन थाना क्षेत्र के सेक्टर-2 स्थित हरित रियलटेक प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक सौरभ राणा ने कोर्ट में याचिका दाखिल कर आरोप लगाया कि नरेंद्र कुमार ने वर्ष 2014 के आसपास खुद को इंडियन बैंक में प्रबंधक बताते हुए कंपनी का दौरा किया था। उसने कंपनी का बैंक खाता खुलवाने और बैंकिंग से जुड़े कार्यों में सहायता करने का भरोसा दिलाया। इसके बाद कंपनी के अन्य निदेशकों से भी उसका परिचय हुआ और कंपनी का बैंक खाता बैंक में खोल दिया गया।
शिकायत के मुताबिक, कंपनी के निदेशक आरटीजीएस और अन्य बैंकिंग लेनदेन के लिए बैंक शाखा जाते थे। करीब चार-पांच वर्षों में नरेंद्र कुमार ने कंपनी के लोगों का इतना विश्वास हासिल कर लिया कि उसे हस्ताक्षर किए हुए चेक भी सौंपे जाने लगे। बाद में उसने कंपनी के लेखा संबंधी काम में भी मदद करने का भरोसा दिलाया।
आरोप है कि इसके बदले वह अपनी पत्नी के खाते में वेतन लेने लगा। कंपनी निदेशक का आरोप है कि नरेंद्र कुमार ने अपने पद और कंपनी के भरोसे का कथित तौर पर दुरुपयोग किया। उसने कंपनी के बैंक खातों से रकम अपने निजी खाते के अलावा अपने परिचितों के खातों में भी ट्रांसफर करनी शुरू कर दी।
आरोप है कि लेनदेन को छिपाने के लिए भी कई प्रयास किए गए। अप्रैल 2026 में कंपनी की ओर से कराई गई आंतरिक जांच और ऑडिट में कथित वित्तीय अनियमितताओं का पता चला। जांच में सामने आया कि नरेंद्र कुमार के खाते में 61,41,484 रुपये, रेनू अग्रवाल के खाते में 10 लाख रुपये, मीनाक्षी श्योराण के खाते में 3 लाख रुपये, संजय चौहान के खाते में 8 लाख रुपये, लोकेंद्र कुमार के खाते में 5.10 लाख रुपये और राहुल कुमार के खाते में 16.50 लाख रुपये ट्रांसफर किए गए।
इन सभी रकम को जोड़ने पर कुल राशि एक करोड़ चार लाख 51 हजार 484 रुपये बैठती है। कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने मामले में छह लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
दूसरी ओर, साइबर अपराधियों ने नोएडा और ग्रेटर नोएडा के छह लोगों को अलग-अलग तरीकों से निशाना बनाकर कुल 47 लाख 82 हजार रुपये ठग लिए। सभी पीड़ितों की शिकायत पर साइबर क्राइम थाने में अलग-अलग मुकदमे दर्ज किए गए हैं।
पुलिस ने प्रारंभिक जांच में ऑनलाइन साइबर धोखाधड़ी की पुष्टि करते हुए आरोपियों की तलाश और रकम के लेनदेन की जांच शुरू कर दी है। पहले मामले में ग्रेटर नोएडा की पंचशील ग्रीन सोसाइटी निवासी 22 वर्षीय आयुष गर्ग से करीब 5.59 लाख रुपये की ठगी हुई। उनके साथ यह घटना 5 से 8 जून 2025 के बीच हुई थी।
उन्होंने नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायत की, जिसके आधार पर मुकदमा दर्ज किया गया। दूसरे मामले में सेक्टर-37 निवासी विवेक यादव से साइबर ठगों ने 7.68 लाख रुपये की रकम ठग ली। उनकी शिकायत के आधार पर पुलिस ने केस दर्ज किया है।
सेक्टर-76 निवासी प्रवीण कुमार से 7,80,500 रुपये की ऑनलाइन धोखाधड़ी हुई। शिकायत के अनुसार जुलाई 2026 के दौरान अलग-अलग लेनदेन के माध्यम से यह रकम ठगी गई। ग्रेटर नोएडा के सेक्टर-12 निवासी 33 वर्षीय राहुल कुमार को साइबर ठगों ने 5 लाख रुपये का नुकसान पहुंचाया। वहीं, सेक्टर-121 निवासी 38 वर्षीय अंशुल माथुर से सबसे अधिक 13.95 लाख रुपये की साइबर ठगी की गई।
शिकायत के मुताबिक उनके साथ 9 अक्टूबर से 11 नवंबर 2025 के बीच ऑनलाइन धोखाधड़ी हुई। छठे मामले में सेक्टर-135 निवासी 36 वर्षीय संदीप सिंह से 7.78 लाख रुपये की ठगी हुई। उन्होंने 21 जुलाई 2025 को शिकायत दर्ज कराई थी।
पुलिस के मुताबिक, ज्यादातर मामलों में पीड़ितों को निवेश के नाम पर अधिक मुनाफा दिलाने का लालच दिया गया। इसके बाद अलग-अलग बैंक खातों में रकम ट्रांसफर कराई गई। साइबर पुलिस अब उन बैंक खातों की जांच कर रही है, जिनमें ठगी की रकम पहुंची है।
डीसीपी साइबर शैव्या गोयल के अनुसार, जांच में कुछ रकम किराए पर लिए गए बैंक खातों में ट्रांसफर किए जाने के इनपुट भी मिले हैं। पुलिस टीम संबंधित बैंकों के अधिकारियों से संपर्क कर लेनदेन और खाताधारकों की जानकारी जुटा रही है। दोनों मामलों में पुलिस का कहना है कि जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
--आईएएनएस
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