नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को मिलेगी ई-बसों की कनेक्टिविटी, 15 जून से शुरू होगा संचालन
ग्रेटर नोएडा, 10 जून (आईएएनएस)। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर) के संचालन से पहले यात्रियों की सुविधा के लिए सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को मजबूत किया जा रहा है। इसी क्रम में एयरपोर्ट को नोएडा और ग्रेटर नोएडा से जोड़ने के लिए इलेक्ट्रिक बसों का बेड़ा सेक्टर-90 स्थित अस्थायी बस डिपो पहुंच गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशों के तहत एयरपोर्ट के साथ-साथ ई-बस सेवा शुरू करने की तैयारियां अंतिम चरण में हैं।
जानकारी के अनुसार, कुल 100 इलेक्ट्रिक बसों का संचालन किया जाना है, जिनमें 90 सामान्य ई-बसें और 10 डबल डेकर बसें शामिल हैं। इन बसों का संचालन आगामी 15 जून से एयरपोर्ट पर फ्लाइट संचालन शुरू होने के साथ ही शुरू किए जाने की योजना है। परिवहन विभाग और संबंधित एजेंसियां अगले दो दिनों में इन बसों का ट्रायल रन भी शुरू करेंगी, ताकि संचालन से पहले सभी व्यवस्थाओं की जांच की जा सके।
यात्रियों को बेहतर और पर्यावरण अनुकूल परिवहन सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शुरू की जा रही यह सेवा नोएडा के प्रमुख परिवहन केंद्र बॉटेनिकल गार्डन मेट्रो स्टेशन से किशोरपुर होते हुए जेवर स्थित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट तक संचालित होगी। इससे दिल्ली-एनसीआर के यात्रियों को एयरपोर्ट तक पहुंचने के लिए एक सुविधाजनक और किफायती विकल्प मिलेगा।
अधिकारियों के अनुसार, प्रत्येक इलेक्ट्रिक बस एक बार चार्ज होने पर लगभग 250 किलोमीटर तक चल सकेगी। बसों में आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी, जिससे यात्रियों को आरामदायक यात्रा का अनुभव मिलेगा। किराए को भी आम लोगों की पहुंच में रखा गया है। ई-बस सेवा के लिए न्यूनतम किराया 10 रुपए और अधिकतम किराया 30 रुपए निर्धारित किया गया है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना का संचालन नोएडा प्राधिकरण और उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम (यूपीएसआरटीसी) के संयुक्त सहयोग से किया जाएगा।
अधिकारियों का कहना है कि एयरपोर्ट शुरू होने के बाद यात्रियों की संख्या को देखते हुए भविष्य में बसों की संख्या और रूटों का भी विस्तार किया जा सकता है। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के साथ शुरू होने वाली यह ई-बस सेवा न केवल यात्रियों को बेहतर कनेक्टिविटी प्रदान करेगी, बल्कि प्रदूषण नियंत्रण और हरित परिवहन को बढ़ावा देने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी। इससे जेवर एयरपोर्ट तक पहुंचना आसान, सस्ता और पर्यावरण के अनुकूल बनेगा।
--आईएएनएस
पीकेटी/डीकेपी

