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पुरुषों के लिए कोई कानून नहीं, मरना मजबूरी: सुसाइड से पहले युवक ने बनाया वीडियो, बोला – सास और पत्नी ने मुझे धोखा दिया

पुरुषों के लिए कोई कानून नहीं, मरना मजबूरी: सुसाइड से पहले युवक ने बनाया वीडियो, बोला – सास और पत्नी ने मुझे धोखा दिया

समाज में बढ़ती घरेलू समस्याओं और मानसिक दबावों का शिकार एक युवा ने अपने जीवन को खत्म करने से पहले एक वीडियो बनाकर दर्दनाक बयान दिया। यह घटना समाज में पुरुषों के अधिकारों और उनके सामने आने वाली चुनौतियों पर एक गंभीर सवाल खड़ा करती है।

जानकारी के अनुसार, मृतक युवक [युवक का नाम] (उम्र 28 वर्ष) ने अपने घर में आत्महत्या से पहले एक वीडियो रिकॉर्ड किया, जिसमें उसने अपने दर्द और मानसिक दबाव को साझा किया। वीडियो में युवक ने कहा कि उसकी सास और पत्नी ने उसे धोखा दिया और लगातार मानसिक प्रताड़ना दी। उसने यह भी कहा कि समाज और कानून पुरुषों के पक्ष में खड़े नहीं होते, और यही कारण है कि उसने अपनी जीवन लीला समाप्त करने का फैसला किया।

वीडियो में युवक ने रोते हुए कहा, “पुरुषों के लिए कोई कानून नहीं है। हम भी दर्द महसूस करते हैं, हम भी दुख झेलते हैं, लेकिन हमारी आवाज सुनने वाला कोई नहीं है। सास और पत्नी के धोखे ने मेरी जिंदगी बर्बाद कर दी। मैं और कैसे जियूँ?” इस वीडियो ने न केवल उसकी मानसिक स्थिति को उजागर किया, बल्कि समाज में पुरुषों के अधिकारों और उनके सामने आने वाली घरेलू समस्याओं की ओर भी ध्यान आकर्षित किया।

स्थानीय पुलिस ने घटना की पुष्टि की है। पुलिस अधिकारी ने बताया कि युवक के शव के पास से यह वीडियो मिला है। उन्होंने कहा कि युवक ने अपने आप को बंदूक से घायल किया था। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और मृतक के परिवार और पड़ोसियों से पूछताछ की जा रही है।

इस घटना ने समाज में एक गंभीर बहस को जन्म दिया है कि घरेलू हिंसा और मानसिक प्रताड़ना केवल महिलाओं तक सीमित नहीं है। पुरुष भी घरेलू और पारिवारिक दबाव का शिकार हो सकते हैं, लेकिन कानूनी रूप से उनके पास सीमित अधिकार और सुरक्षा उपाय हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि समाज में पुरुष मानसिक स्वास्थ्य और घरेलू समस्याओं के प्रति संवेदनशील नहीं है, और इसके चलते कई युवक गंभीर मानसिक तनाव का सामना करते हैं।

साइकोलॉजिस्ट डॉ. [नाम] का कहना है, “मर्दों को भी मानसिक स्वास्थ्य की चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। अक्सर उन्हें सामाजिक या पारिवारिक दबाव में अकेला छोड़ दिया जाता है। यह घटना हमें सोचने पर मजबूर करती है कि हमें पुरुषों के लिए भी उचित कानूनी और मानसिक सहायता व्यवस्था विकसित करनी होगी।”

सोशल मीडिया पर इस वीडियो के वायरल होने के बाद कई लोग युवकों के मानसिक स्वास्थ्य और घरेलू समस्याओं पर चर्चा कर रहे हैं। कुछ ने इसे एक चेतावनी बताया है कि समाज में पुरुषों के प्रति समान संवेदनशीलता और कानून का होना जरूरी है।

यह दुखद घटना हमें यह याद दिलाती है कि मानसिक स्वास्थ्य और पारिवारिक समस्याओं को कभी भी हल्के में नहीं लेना चाहिए। अगर समय रहते उचित सहायता और कानूनी मदद मिले, तो कई युवा अपने जीवन की कीमती क्षणों को बचा सकते हैं।

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