एक ओर सरकारें बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं और संवेदनशील व्यवस्था के दावे करती हैं, वहीं दूसरी ओर जमीनी हकीकत इन दावों की पोल खोलती नजर आ रही है। हाल ही में सामने आई एक मार्मिक घटना ने मानवता को झकझोर कर रख दिया है। एम्बुलेंस की सुविधा न मिलने पर परिजनों को शव को ठेले पर ले जाने के लिए मजबूर होना पड़ा। इस दृश्य का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसे देखकर हर कोई स्तब्ध है।
जानकारी के अनुसार, एक व्यक्ति की तबीयत बिगड़ने के बाद उसे अस्पताल लाया गया था, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। मौत के बाद जब परिजनों ने शव को घर ले जाने के लिए अस्पताल प्रशासन से एम्बुलेंस की मांग की, तो उन्हें कोई मदद नहीं मिली। काफी देर तक इंतजार करने के बावजूद जब कोई व्यवस्था नहीं हुई, तो मजबूर होकर परिजनों ने पास में मौजूद एक ठेला लिया और उसी पर शव रखकर ले जाने लगे।
सड़क पर ठेले पर शव ले जाते हुए यह दृश्य जिसने भी देखा, उसकी आंखें नम हो गईं। आसपास मौजूद लोगों ने इस घटना का वीडियो बना लिया, जो अब इंटरनेट पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि परिजन भारी मन से ठेले को धक्का देते हुए शव को ले जा रहे हैं। न कोई सरकारी मदद, न कोई सम्मानजनक व्यवस्था — यह तस्वीर सिस्टम की संवेदनहीनता को उजागर करती है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यह पहली बार नहीं है जब ऐसी लापरवाही सामने आई हो। कई बार एम्बुलेंस समय पर उपलब्ध नहीं होती, जिससे मरीजों और उनके परिजनों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। इस घटना ने स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली और प्रशासन की उदासीनता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
सोशल मीडिया पर लोग प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जता रहे हैं और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। यूजर्स का कहना है कि किसी भी इंसान को अंतिम विदाई के वक्त कम से कम सम्मान तो मिलना ही चाहिए।
फिलहाल मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। जरूरत है कि प्रशासन इस घटना से सबक ले और स्वास्थ्य सेवाओं को दुरुस्त करे, ताकि भविष्य में किसी परिवार को इस तरह की अमानवीय स्थिति का सामना न करना पड़े। क्योंकि इंसानियत सिर्फ शब्दों से नहीं, संवेदनशील व्यवस्था से साबित होती है

