नितिन नवीन के बयान पर राजद का पलटवार, मनोज झा बोले- थोड़ा पढ़ लीजिए
पटना, 18 अक्टूबर (आईएएनएस)। राजद के राज्यसभा सदस्य मनोज झा ने कोलकाता के दुर्गा पूजा पंडाल हादसे, भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन के राहुल गांधी पर दिए बयान और तेजस्वी यादव की बिहार की कानून-व्यवस्था को लेकर चेतावनी पर प्रतिक्रिया दी।
कोलकाता दुर्गा पूजा पंडाल हादसे पर मनोज झा ने सवाल उठाते हुए कहा, "कोई मुआवजा किसी के बहन, किसी की बेटी और किसी के परिवार की भरपाई कर सकता है? यह हादसा हमें बता रहा है कि हमने क्या तैयारी की थी। बीते एक-डेढ़ वर्षों में धार्मिक स्थलों पर इस तरह की भगदड़ की एक लंबी फेहरिस्त है। भगदड़ की पिछली घटनाओं से हमने क्या सीखा।"
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के बयान पर पलटवार करते हुए मनोज झा ने कहा, "नितिन नवीन, थोड़ा पढ़ लीजिए। मैं दर्जनों किताबों के नाम गिना सकता हूं जो बताती हैं कि जब भी सत्ता में बैठे लोगों को खतरा महसूस होता है, तो वे विदेशी हाथ तलाशते हैं। उनसे पहले भी किसी ने विदेशी हाथ की बात की थी। मैंने इस बारे में सोशल मीडिया पर भी लिखा है। बहुत सारी सामग्री है, पढ़िए।"
उन्होंने कहा, "आपको पढ़ना चाहिए क्योंकि आप दुनिया की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टियों में से एक के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं। व्हाट्सऐप फॉरवर्ड से काम नहीं चलेगा। आज जनता हर चीज का फैक्ट-चेक करती है। वे आपके बयानों का भी फैक्ट-चेक कर सकते हैं और एक घंटे के भीतर सब कुछ स्पष्ट कर सकते हैं। आपको पता होना चाहिए कि क्या देश में आय असमानता है और आपकी सरकार ने इसके बारे में क्या किया है।"
बता दें कि नितिन नवीन ने पटना में एक सभा को संबोधित करते हुए राहुल गांधी को 'विदेशी टूलकिट गैंग का मोहरा' बताया था और आरोप लगाया था कि वे देश के विकास को स्वीकार नहीं कर पा रहे हैं।
बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के बयान कि बिहार में कानून-व्यवस्था की स्थिति छह महीने में और खराब हो जाएगी, पर मनोज झा ने कहा, "मुझे यह बताइए, पिछले छह से आठ महीनों में नेता प्रतिपक्ष ने कितनी बार चेतावनी दी है और सरकार को आगाह किया है? मैं अतीत की बात नहीं कर रहा हूं। उन्होंने कहा है कि स्थिति आपके नियंत्रण में नहीं है। आप सरकार नहीं चला रहे हैं, गुंडे चला रहे हैं, ऐसे लोग जिनमें कानून का कोई डर नहीं है।"
उन्होंने कहा, "किसी भी दिन का अखबार उठा लीजिए और बताइए कि क्या अपराध, बलात्कार, किसी न किसी रूप में हिंसा या हत्या की खबर नहीं है। आप हर दिन के लिए एक कैलेंडर तैयार कर सकते हैं, लेकिन सरकार को क्या परवाह है? वे चापलूसी में इस हद तक चले जाते हैं। तो, स्पष्ट रूप से शासन की प्राथमिकताएं स्पष्ट हैं।"
--आईएएनएस
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