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निष्पक्ष न्याय ही सशक्त राष्ट्र की आधारशिला, अंतरराष्ट्रीय न्याय दिवस पर नेताओं के संदेश

निष्पक्ष न्याय ही सशक्त राष्ट्र की आधारशिला, अंतरराष्ट्रीय न्याय दिवस पर नेताओं के संदेश
निष्पक्ष न्याय ही सशक्त राष्ट्र की आधारशिला, अंतरराष्ट्रीय न्याय दिवस पर नेताओं के संदेश

नई दिल्ली, 17 जुलाई (आईएएनएस)। अंतरराष्ट्रीय न्याय दिवस के अवसर पर देश के विभिन्न राज्यों के नेताओं ने सोशल मीडिया के माध्यम से लोगों को शुभकामनाएं देते हुए न्याय, समानता और संवैधानिक मूल्यों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। नेताओं ने कहा कि एक मजबूत लोकतंत्र की आधारशिला निष्पक्ष और सुलभ न्याय व्यवस्था है तथा प्रत्येक नागरिक को बिना किसी भेदभाव के न्याय मिलना चाहिए।

राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने प्रदेशवासियों को अंतरराष्ट्रीय न्याय दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा, "अंतरराष्ट्रीय न्याय दिवस की सभी प्रदेशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं! न्याय लोकतंत्र की सबसे सशक्त नींव और अधिकारों की रक्षा का महत्वपूर्ण माध्यम है। आइए, हम सभी समानता, निष्पक्षता और सुलभ न्याय व्यवस्था के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को और मजबूत करें, ताकि प्रत्येक नागरिक सम्मान और विश्वास के साथ आगे बढ़ सके।"

बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा, "न्याय तभी सार्थक है, जब वह सभी के लिए समान और सुलभ हो। अंतरराष्ट्रीय न्याय दिवस पर आइए, समान न्याय, समान अधिकार और न्यायपूर्ण समाज के निर्माण का संकल्प लें। यही एक सशक्त, समरस और लोकतांत्रिक राष्ट्र की आधारशिला है।"

राजस्थान के उपमुख्यमंत्री डॉ. प्रेमचंद बैरवा ने अपने एक्स पोस्ट में कहा, "अंतर्राष्ट्रीय न्याय दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं। आइए इस दिवस पर हम सभी न्याय एवं समानता के प्रति जागरूक रहकर एक आदर्श समाज की स्थापना करने का संकल्प लें, ताकि हर व्यक्ति को निष्पक्षता और सम्मान मिल सके।"

बिहार सरकार में मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने कहा, "अंतरराष्ट्रीय न्याय दिवस के अवसर पर आइए, हम सभी के लिए न्याय, समानता और कानून के शासन के महत्व के प्रति समाज में जागरूकता फैलाने का संकल्प लें। न्यायपूर्ण और समान समाज के निर्माण में हम सभी अपनी सक्रिय भूमिका निभाए।"

वहीं, राजस्थान के शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा, "सभी प्रदेशवासियों को अंतरराष्ट्रीय न्याय दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं! एक न्यायपूर्ण व्यवस्था केवल अधिकारों की रक्षा ही नहीं करती, बल्कि समाज में विश्वास, समरसता और उत्तरदायित्व की भावना को भी सशक्त बनाती है। आइए, हम ऐसे भारत के निर्माण में अपना सक्रिय योगदान दें, जहाँ प्रत्येक नागरिक को बिना किसी भेदभाव के सम्मान, समान अवसर और न्याय प्राप्त हो। न्याय, समानता और संवैधानिक मूल्यों के प्रति हमारी प्रतिबद्धता ही विकसित, समरस और सशक्त भारत की सबसे बड़ी शक्ति है।"

--आईएएनएस

पीआईएम/पीएम

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