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भारत और नॉर्वे के बीच आर्थिक सहयोग : निर्मला सीतारमण ने मंत्री सेसिली मायर्सेथ की मुलाकात

नई दिल्ली, 18 फरवरी (आईएएनएस)। ओस्लो (नॉर्वे) में भारत और नॉर्वे के बीच आर्थिक सहयोग को नई गति देने की दिशा में महत्वपूर्ण बैठक हुई। केंद्रीय वित्त एवं कॉरपोरेट कार्य मंत्री निर्मला सीतारमण ने नॉर्वे की व्यापार एवं उद्योग मंत्री सेसिली मायर्सेथ और मत्स्य एवं महासागर नीति के स्टेट सेक्रेटरी इवन ट्रॉनस्टाड सागेबक्केन से मुलाकात की।
भारत और नॉर्वे के बीच आर्थिक सहयोग : निर्मला सीतारमण ने मंत्री सेसिली मायर्सेथ की मुलाकात

नई दिल्ली, 18 फरवरी (आईएएनएस)। ओस्लो (नॉर्वे) में भारत और नॉर्वे के बीच आर्थिक सहयोग को नई गति देने की दिशा में महत्वपूर्ण बैठक हुई। केंद्रीय वित्त एवं कॉरपोरेट कार्य मंत्री निर्मला सीतारमण ने नॉर्वे की व्यापार एवं उद्योग मंत्री सेसिली मायर्सेथ और मत्स्य एवं महासागर नीति के स्टेट सेक्रेटरी इवन ट्रॉनस्टाड सागेबक्केन से मुलाकात की।

इस बात की जानकारी भारत के वित्त मंत्रालय की ओर से एक्स पोस्ट के जरिए दी गई।

बैठक में हरित प्रौद्योगिकी, रेयर अर्थ प्रोसेसिंग, समुद्री एवं शिपिंग उद्योग और मत्स्य क्षेत्र सहित कई अहम क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के ठोस अवसरों पर चर्चा हुई।

बैठक के दौरान भारत-ईएफटीए (यूरोपीय मुक्त व्यापार संगठन) व्यापार और आर्थिक साझेदारी समझौता (टीईपीए) के संदर्भ में पारस्परिक निवेश और तकनीकी साझेदारी को मजबूत करने पर विशेष जोर दिया गया।

नॉर्वे की मंत्री सेसिली मायर्सेथ ने कहा कि वह और उनकी टीम वर्ष के अंत में प्रस्तावित प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नॉर्वे यात्रा का उत्सुकता से इंतजार कर रही हैं।

स्टेट सेक्रेटरी सागेबक्केन ने नॉर्वे के समुद्री उद्योग में भारत की बढ़ती भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि भारतीय विशेषज्ञता और क्षमता नॉर्वे की समुद्री अर्थव्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण साबित हो रही है।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि टीईपीए का प्रभावी क्रियान्वयन दोनों देशों के लिए परस्पर लाभकारी होगा। उन्होंने इस समझौते को समयबद्ध तरीके से लागू करने की उम्मीद जताई और कहा कि इससे निवेश, तकनीक हस्तांतरण और रोजगार के नए अवसर खुलेंगे।

बैठक को भारत-नॉर्वे संबंधों के लिए एक सकारात्मक कदम माना जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि हरित तकनीक, समुद्री अर्थव्यवस्था और मत्स्य क्षेत्र में सहयोग से दोनों देशों के बीच व्यापारिक संबंध और मजबूत होंगे तथा वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में साझेदारी का दायरा भी व्यापक होगा।

--आईएएनएस

वीकेयू/एएस

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