Samachar Nama
×

उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने रघुनाथ मंदिर में श्री रघुनाथ जी की जम्मू आरती में भाग लिया, कहा- 'संस्कृति जागृत होगी'

जम्मू, 18 मार्च (आईएएनएस)। उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने बुधवार को रघुनाथ मंदिर में आयोजित 'श्री रघुनाथ जी की जम्मू आरती' में भाग लिया। इस अवसर पर उन्होंने लोगों से आह्वान किया कि जम्मू संभाग के नदियों के किनारे बसे कस्बों और गांवों में स्थानीय समुदायों के सहयोग से दैनिक या साप्ताहिक संध्या आरती का आयोजन किया जाए।
उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने रघुनाथ मंदिर में श्री रघुनाथ जी की जम्मू आरती में भाग लिया, कहा- 'संस्कृति जागृत होगी'

जम्मू, 18 मार्च (आईएएनएस)। उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने बुधवार को रघुनाथ मंदिर में आयोजित 'श्री रघुनाथ जी की जम्मू आरती' में भाग लिया। इस अवसर पर उन्होंने लोगों से आह्वान किया कि जम्मू संभाग के नदियों के किनारे बसे कस्बों और गांवों में स्थानीय समुदायों के सहयोग से दैनिक या साप्ताहिक संध्या आरती का आयोजन किया जाए।

उपराज्यपाल ने कहा कि आरती के दीपों से प्रज्वलित लौ समाज को हमारी गहन और समृद्ध संस्कृति के प्रति जागृत करेगी और युवा पीढ़ी को पवित्र ग्रंथों के शाश्वत छंदों से जोड़ेगी।

उन्होंने 'श्री रघुनाथ जी की जम्मू आरती संस्था' द्वारा आयोजित इस अनूठी आरती को भारत की 'नारी शक्ति' और 'अर्धनारीश्वर' के प्रति शाश्वत सम्मान का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा, "आज श्रद्धालु पुरुषों और महिलाओं द्वारा की गई यह जम्मू आरती प्रत्येक जीव पर दिव्य आशीर्वाद बरसाती है। मेरा दृढ़ विश्वास है कि संध्या आरती आत्मा का अनुशासन है। यह समाज को हमारे अस्तित्व के मूल स्रोत की ओर देखने और कृतज्ञ होने का सचेत प्रयास है।"

उन्होंने आगे कहा कि आरती में उठने वाली हर लौ पूर्ण समर्पण की भेंट है, हर प्रार्थना अनंत के साथ संवाद है और हर पल आंतरिक यात्रा की ओर एक कदम है। तेजी से बदलती दुनिया में जीवन की भागदौड़ के बीच हमें एक ध्यानपूर्ण पल की जरूरत है, जो हमें भीतर मौजूद अमूल्य खजाने की याद दिलाए। जम्मू आरती समाज के हर वर्ग को इस आंतरिक धन को पुनः खोजने का अवसर प्रदान करती है।

उपराज्यपाल ने जम्मू को 'मंदिरों का शहर' बताते हुए कहा कि इसे आध्यात्मिकता का वैश्विक केंद्र और आध्यात्मिक पर्यटन के मानचित्र पर प्रमुख गंतव्य बनाने के प्रयास जारी हैं। रघुनाथ मंदिर के पवित्र प्रांगण में होने वाली जम्मू आरती से माता वैष्णो देवी और बाबा अमरनाथ के श्रद्धालुओं को इस पवित्र भूमि की आध्यात्मिक आभा का साक्षात अनुभव मिलेगा। इससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी नई गति मिलेगी।

उन्होंने कहा कि ऐसे समागम सच्ची आत्म-अनुभूति का माध्यम हैं। युवा पीढ़ी को अपनी आध्यात्मिक विरासत के मूल्यों को समझने और आत्मसात करने का अवसर मिलता है। "युवाओं को समझना चाहिए कि उन्हें धन-दौलत या पद की नहीं, बल्कि आंतरिक खजाने की अनमोल विरासत मिली है।"

इस अवसर पर 'श्री रघुनाथ जी की जम्मू आरती संस्था' की अध्यक्षा डॉ. रितु सिंह, अन्य पदाधिकारी, गणमान्य नागरिक और बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे।

--आईएएनएस

एससीएच

Share this story

Tags