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बीजेपी के नवनियुक्त जिला उपाध्यक्ष राम मनोहर तिवारी का छतरपुर में हुआ हादसा, वायरल हुआ वीडियो

बीजेपी के नवनियुक्त जिला उपाध्यक्ष राम मनोहर तिवारी का छतरपुर में हुआ हादसा, वायरल हुआ वीडियो

मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले में एक कहावत बहुत प्रसिद्ध है, "राजनीति में कद बढ़ते ही जमीन पर पैर टिकना मुश्किल हो जाता है।" हाल ही में इस कहावत को सच साबित करते हुए बिजावर विधानसभा क्षेत्र के ग्राम खैरा में एक दिलचस्प और अजीब हादसा हुआ, जो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। यह घटना बीजेपी के नवनियुक्त जिला उपाध्यक्ष राम मनोहर तिवारी से जुड़ी है, जो पद मिलने के बाद पहली बार अपने गांव खैरा पहुंचे थे।

राम मनोहर तिवारी का यह गांव में पहला दौरा था और वह अपने नए पद का गौरव अनुभव करने के लिए यहां आए थे। लेकिन क्या पता था कि उनका स्वागत कुछ इस तरह से होगा। तिवारी जी को इस उत्साहजनक दौरे के दौरान एक हादसे का सामना करना पड़ा। घटना के दौरान राम मनोहर तिवारी जब गांव में एक सार्वजनिक स्थान पर पहुंचे, तो उनका कदम फिसल गया और वह गिर पड़े। यह दृश्य किसी को भी हैरान कर सकता था, खासकर जब वह एक राजनीतिक पद पर आसीन होने के बाद इस तरह के हादसे का शिकार हुए।

इस हादसे का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से फैल गया, और देखते ही देखते यह वायरल हो गया। वीडियो में राम मनोहर तिवारी को गिरते हुए देखा जा सकता है, जिसके बाद आसपास के लोग उनकी मदद के लिए दौड़ते हैं। हालांकि, वीडियो में यह साफ नहीं दिखाई देता कि उन्हें कोई गंभीर चोट आई है या नहीं, लेकिन यह वीडियो उनके राजनीतिक सफर के इस पहले दिन पर एक अजीब मोड़ लेकर आया।

सोशल मीडिया पर वायरल होते इस वीडियो पर लोगों ने विभिन्न प्रतिक्रियाएं दी हैं। कुछ ने इसे राजनीति में आने के बाद के "अच्छे दिन" का मजाक उड़ाया, तो वहीं कुछ ने इसे एक सामान्य घटना मानते हुए तिवारी जी के स्वास्थ्य और सुरक्षा की कामना की। इसके अलावा, कुछ यूज़र्स ने इस घटना को लेकर तिवारी जी के उत्थान में आने वाली कठिनाइयों और राजनीतिक दबावों की ओर इशारा किया।

चुनाव और राजनीति की दुनिया में इस प्रकार की घटनाएं अक्सर मीडिया में सुर्खियां बनती हैं, खासकर जब एक नेता के लिए यह पहला सार्वजनिक उपस्थिति हो। यह घटना इस बात का प्रतीक बन गई कि राजनीति के "ऊँचे पद" के साथ कई चुनौतियाँ और कठिनाइयाँ आती हैं, और कभी-कभी यह "पैर जमीन पर टिकाए रखने" से भी जरा मुश्किल हो सकता है।

इस घटना के बाद राम मनोहर तिवारी ने भी एक बयान जारी किया, जिसमें उन्होंने अपनी स्थिति को लेकर कोई गंभीर चिंता नहीं जताई और कहा कि यह सिर्फ एक हल्की सी दुर्घटना थी। उन्होंने यह भी कहा कि इस छोटे से हादसे से उनकी मेहनत और जनसेवा की इच्छा में कोई कमी नहीं आएगी।

इस घटना से यह स्पष्ट होता है कि राजनीति में चाहे जो भी ऊँचा कद हो, कभी न कभी किसी ना किसी रूप में, हर नेता को अपनी जमीन से जुड़ा रहना पड़ता है।

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