जामिया मिलिया इस्लामिया में छात्र आंदोलन का नया दौर: इलेक्शन की तारीख घोषित करने पर अड़े छात्र, कैंपस में बढ़ाई गई सुरक्षा
दिल्ली की जामिया मिल्लिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी में छात्रसंघ चुनाव और अन्य मांगों को लेकर छात्रों का विरोध प्रदर्शन एक बार फिर तेज हो गया है। देर रात विश्वविद्यालय प्रशासन और छात्रों के बीच बातचीत के बाद कुछ समय के लिए प्रदर्शन खत्म होने और जश्न मनाए जाने की स्थिति बनी, लेकिन लिखित नोटिफिकेशन सामने आने के बाद छात्र फिर नाराज हो गए। इसके बाद कैंपस में दोबारा नारेबाजी शुरू हो गई और छात्रों ने अपनी भूख हड़ताल जारी रखने का ऐलान किया।
छात्रों का कहना है कि प्रशासन की ओर से छात्रसंघ चुनाव की तारीख स्पष्ट नहीं की गई है। उनकी मांग है कि चुनाव की प्रक्रिया कब पूरी होगी और छात्रसंघ का संविधान कब तैयार होगा, इसकी समयसीमा लिखित रूप में बताई जाए।
रात ढाई बजे प्रशासन ने छात्रों से की बातचीत
प्रदर्शन कर रहे छात्रों के मुताबिक, विश्वविद्यालय प्रशासन के प्रतिनिधियों ने रात करीब 2:30 बजे उनसे बातचीत की थी। इस दौरान मांगों को लेकर आश्वासन दिए जाने के बाद छात्रों ने जश्न भी मनाया।
हालांकि, सुबह करीब 4:30 बजे रजिस्ट्रार कार्यालय की ओर से लिखित आदेश जारी होने के बाद स्थिति बदल गई। छात्रों का आरोप है कि बातचीत के दौरान उन्हें जो समझाया गया था, नोटिफिकेशन में उसका स्पष्ट उल्लेख नहीं था। इसी वजह से छात्र संगठनों ने नाराजगी जताई और प्रदर्शन दोबारा शुरू कर दिया।
नोटिफिकेशन में क्या कहा गया?
छात्रों के अनुसार, रजिस्ट्रार कार्यालय की ओर से जारी नोटिफिकेशन में कहा गया है कि छात्रसंघ का चुनाव संविधान को मंजूरी मिलने के 15 दिन बाद कराया जाएगा।
लेकिन छात्रों की मुख्य आपत्ति यह है कि नोटिफिकेशन में संविधान तैयार करने और उसे मंजूरी देने की तारीख स्पष्ट नहीं की गई है। उनका कहना है कि जब तक संविधान तैयार होने की समयसीमा घोषित नहीं होती, तब तक चुनाव को लेकर अनिश्चितता बनी रहेगी।
गेट नंबर 7 पर फिर शुरू हुई नारेबाजी
नोटिफिकेशन सामने आने के बाद छात्रों ने कैंपस के अंदर गेट नंबर 7 के पास फिर से विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। छात्राओं ने भी प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। मौके पर मौजूद महिला पुलिसकर्मियों ने छात्राओं को वहां से हटाया।
प्रदर्शन के दौरान दिल्ली पुलिस के खिलाफ भी नारे लगाए गए। वहीं, कैंपस के बाहर मौजूद अन्य छात्र भी प्रदर्शन कर रहे विद्यार्थियों के समर्थन में इकट्ठा होने लगे। छात्रों ने साफ किया कि उनकी भूख हड़ताल और विरोध तब तक जारी रहेगा, जब तक उनकी मांगों पर स्पष्ट निर्णय नहीं लिया जाता।
छात्रों का आरोप- नोटिफिकेशन पर हस्ताक्षर कराने में जल्दबाजी की गई
प्रदर्शनकारी छात्रों ने आरोप लगाया कि उन्हें रात में करीब ढाई बजे बातचीत के लिए उठाया गया और नोटिफिकेशन पर हस्ताक्षर करने के लिए कहा गया। उनका दावा है कि हस्ताक्षर कराने के दौरान उन्हें कुछ और जानकारी दी गई, जबकि लिखित आदेश में अलग बातें सामने आईं।
इन आरोपों के चलते छात्र संगठनों ने नोटिफिकेशन पर सवाल उठाए हैं। NSUI समेत कुछ छात्र संगठनों ने आदेश को स्वीकार नहीं करने और अपनी भूख हड़ताल जारी रखने की बात कही है। हालांकि, हस्ताक्षर कराने को लेकर लगाए गए आरोपों पर प्रशासन का पक्ष सामने आना भी जरूरी है।
छात्रसंघ चुनाव के साथ तीन प्रमुख मांगों को लेकर आंदोलन
जामिया के छात्र छात्रसंघ चुनाव और अपनी अन्य मांगों को लेकर भूख हड़ताल तथा विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। उनकी प्रमुख मांगों में चुनाव प्रक्रिया की स्पष्ट समयसीमा तय करना और छात्रसंघ के संविधान को तैयार करने तथा मंजूरी देने की तारीख बताना शामिल है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, छात्र तीन प्रमुख मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं, हालांकि सभी मांगों का पूरा विवरण स्पष्ट नहीं है।
फिलहाल जारी है विरोध प्रदर्शन
जामिया मिल्लिया इस्लामिया में प्रशासन की ओर से जारी नोटिफिकेशन के बाद विवाद फिर गहरा गया है। छात्र चुनाव की केवल सैद्धांतिक घोषणा के बजाय पूरी प्रक्रिया की समयसीमा चाहते हैं। दूसरी ओर, प्रशासन की ओर से जारी आदेश के अनुसार चुनाव संविधान को मंजूरी मिलने के 15 दिन बाद कराया जाएगा।
अब सबकी नजर इस बात पर है कि विश्वविद्यालय प्रशासन छात्रों की नाराजगी दूर करने के लिए कोई नया स्पष्टीकरण या समयबद्ध योजना जारी करता है या नहीं। फिलहाल छात्रों ने अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन और भूख हड़ताल जारी रखने का रुख अपनाया है।

