नई दिल्ली में क्वाड बैठक के बाद मार्को रुबियो बोले, अमेरिका-जापान संबंधों में नए सुनहरे दौर की शुरुआत
नई दिल्ली, 26 मई (आईएएनएस)। भारत की राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्ली में मंगलवार को क्वाड के विदेश मंत्रियों की बैठक हुई। इस बीच अमेरिकी विदेश सचिव मार्को रुबियो और जापान के विदेश मंत्री तोशिमित्सु मोटेगी ने द्विपक्षीय बैठक भी की।
अमेरिकी विदेश सचिव मार्को रुबियो ने मुलाकात की तस्वीरें सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा कर लिखा, "राष्ट्रपति ट्रंप के नेतृत्व में हमने अमेरिका-जापान संबंधों के लिए एक नए सुनहरे दौर की शुरुआत की है जो एक आजाद और खुले हिंद-प्रशांत को बनाए रखता है और इस इलाके में शांति और खुशहाली लाता है। मैं आज जापान के विदेश मंत्री तोशिमित्सु मोटेगी से मिला ताकि हम दोनों देशों के बीच और क्वाड के जरिए साथ मिलकर काम करते हुए रफ्तार बनाए रखने के बारे में बात कर सकें।"
अमेरिकी विदेश सचिव भारत से रवाना हो चुके हैं। प्लेन में मीडिया को दिए बयान में रुबियो ने कहा, "होर्मुज स्ट्रेट को खुला रखना होगा। वहां जो हो रहा है वह गैर-कानूनी है। यह मंजूर नहीं है।"
ऑस्ट्रेलियाई विदेश मंत्री पेनी वोंग से मुलाकात के बाद रुबियो ने कहा कि आज नई दिल्ली में क्वाड विदेश मंत्रियों की मीटिंग के दौरान ऑस्ट्रेलियाई विदेश मंत्री पेनी वोंग से मिलकर बहुत अच्छा लगा। हम यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि हमारे गठबंधन और साझेदारी से अमेरिकियों और ऑस्ट्रेलियाई लोगों दोनों को फायदा हो और क्वाड के जरिए हमारा सहयोग एक ज्यादा स्थिर, सुरक्षित और खुशहाल दुनिया के लिए एक ताकत बने। इस बैठक की अध्यक्षता भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने की।
भारत, ऑस्ट्रेलिया और जापान के विदेश मंत्रियों के साथ संयुक्त प्रेस बयान में रुबियो ने समुद्री सुरक्षा, बंदरगाह ढांचे और ऊर्जा सुरक्षा से जुड़ी कई नई क्वाड पहलों की घोषणा की।
उन्होंने कहा, "हम इस साझेदारी को सिर्फ बातचीत तक सीमित नहीं रखना चाहते, बल्कि इसे काम करने वाली साझेदारी बनाना चाहते हैं।"
उन्होंने कहा कि आज इस मंच पर मौजूद देश मिलकर दुनिया की लगभग एक-तिहाई जीडीपी और करीब दो अरब लोगों का प्रतिनिधित्व करते हैं। ये सिर्फ आर्थिक रूप से ताकतवर देश नहीं हैं, बल्कि ऐसे देश हैं, जो मजबूत लोकतांत्रिक मूल्यों में विश्वास रखते हैं। आर्थिक विकास और कई अन्य मुद्दों पर भी हमारी सोच काफी हद तक एक जैसी है।
रुबियो ने कहा कि 16 महीने पहले जब उन्होंने विदेश मंत्री का पद संभाला था, तब सभी देशों ने मिलकर तय किया था कि क्वाड सिर्फ दुनिया की समस्याओं पर चर्चा करने का मंच नहीं रहेगा। हम चाहते थे कि यह सिर्फ बैठकों तक सीमित न रहे, बल्कि एक ऐसा समूह बने, जो जमीन पर काम करे। मुझे खुशी है कि हमारी टीमों की मेहनत से आज हम कुछ ठोस और वास्तविक उपलब्धियों की घोषणा कर पा रहे हैं।
--आईएएनएस
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