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नेपाल में फंसे भारतीयों को सुरक्षित निकाले केंद्र, दल-बदल कानून में बदलाव जरूरी: सपा

नेपाल में फंसे भारतीयों को सुरक्षित निकाले केंद्र, दल-बदल कानून में बदलाव जरूरी: सपा
नेपाल में फंसे भारतीयों को सुरक्षित निकाले केंद्र, दल-बदल कानून में बदलाव जरूरी: सपा

लखनऊ, 27 अगस्त (आईएएनएस)। समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता फखरुल हसन चांद ने नेपाल में आई भीषण बाढ़, उत्तर प्रदेश की कानून-व्यवस्था, एमपीएससी ड्रग इंस्पेक्टर परीक्षा के पेपर लीक, महिलाओं के लिए सपा की योजनाओं, वंदे मातरम विवाद और भाजपा की नीतियों समेत कई मुद्दों पर प्रतिक्रिया दी। नेपाल त्रासदी पर चिंता जताते हुए उन्होंने भारत सरकार से वहां फंसे भारतीयों को सुरक्षित निकालने की अपील की।

नेपाल में आई भीषण बाढ़ को लेकर फखरुल हसन चांद ने कहा कि सैलाब में सैकड़ों लोग लापता हैं और बड़ी संख्या में लोगों की मौत की दुखद सूचना सामने आई है। समाजवादी पार्टी इस त्रासदी पर गहरा दुख व्यक्त करती है और मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना जताती है। नेपाल में बड़ी संख्या में भारतीय भी फंसे हुए हैं। ऐसे में उन्हें सुरक्षित बाहर निकालना केंद्र सरकार की जिम्मेदारी है।

नेशनल कॉन्फ्रेंस में फारूक अब्दुल्ला और श्रीनगर सांसद आगा सैयद रूहुल्लाह के बीच सामने आए मतभेद पर सपा प्रवक्ता ने कहा कि भाजपा लगातार विपक्षी दलों को तोड़ने का काम कर रही है और दल-बदल कानून में व्यापक बदलाव की जरूरत है। अगर कोई सांसद या विधायक किसी राजनीतिक दल के टिकट और विचारधारा के आधार पर चुनाव जीतता है और बाद में पार्टी छोड़ता या तोड़ता है, तो उसकी सदस्यता स्वतः समाप्त होनी चाहिए। उन्होंने जम्मू-कश्मीर के घटनाक्रम के पीछे भी भाजपा की भूमिका होने का आरोप लगाया।

कांग्रेस मुख्यालय के बाहर मुस्लिम महिलाओं के प्रदर्शन पर फखरुल हसन ने कहा कि ऐसे प्रदर्शनों के पीछे भाजपा और उससे जुड़े संगठनों की भूमिका की जांच की जानी चाहिए। उन्होंने भाजपा के 'बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ' अभियान पर सवाल उठाते हुए कहा कि देश में महिलाओं के खिलाफ अपराध बढ़े हैं।

'वंदे मातरम' के गायन को लेकर चल रहे विवाद पर सपा प्रवक्ता ने कहा कि यह गीत देश को एकता के सूत्र में बांधने वाला रहा है। हालांकि, भाजपा इसे राजनीतिक मुद्दा बना रही है। भाजपा नेताओं को भी 'वंदे मातरम' आना चाहिए और इसे राजनीति का हथियार नहीं बनाया जाना चाहिए। उन्होंने स्कूल-कॉलेजों को लेकर भी भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि अगर शिक्षण संस्थान बंद होंगे तो आने वाली पीढ़ी इस गीत को सीखेगी कहां।

चीनी की बढ़ती कीमतों पर कैलाश विजयवर्गीय के बयान को लेकर सपा नेता ने कहा कि महंगाई से परेशान आम जनता के बीच इस तरह की टिप्पणी गरीबों का मजाक उड़ाने जैसी है। उन्होंने भाजपा से महंगाई पर ठोस कदम उठाने की मांग की और विजयवर्गीय के बयान को निंदनीय बताया।

दिल्ली के तिलक नगर में मॉडल की हत्या और शामली में हरियाणवी कलाकार अंकित बालियान की हत्या का जिक्र करते हुए उन्होंने भाजपा शासित राज्यों की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि आम हो या खास, कोई भी सुरक्षित नहीं है। अंकित बालियान की हत्या को उन्होंने उत्तर प्रदेश की कानून-व्यवस्था के लिए बड़ी चुनौती बताया और मामले में शामिल सभी आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।

महाराष्ट्र में एमपीएससी ड्रग इंस्पेक्टर परीक्षा का पेपर लीक होने और छह आरोपियों की गिरफ्तारी पर फखरुल हसन चांद ने कहा कि आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए, लेकिन बड़ा सवाल यह है कि पेपर लीक की घटनाएं लगातार क्यों हो रही हैं। पेपर लीक से सबसे ज्यादा नुकसान उन युवाओं का होता है जो वर्षों तक मेहनत कर सरकारी नौकरी की तैयारी करते हैं। उनके मुताबिक, युवाओं का सरकारों से भरोसा लगातार कमजोर हो रहा है।

सपा की ओर से महिलाओं के लिए घोषित योजनाओं का बचाव करते हुए उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव ने महिलाओं को सालाना 40 हजार रुपए देने, 1090 जैसी महिला सुरक्षा सेवाओं को मजबूत करने, लैपटॉप और साइकिल देने तथा शिक्षा को मुफ्त करने जैसे वादे किए हैं। समाजवादी पार्टी का इतिहास रहा है कि उसने जनता से किए वादों को पूरा किया है। डिंपल यादव और अखिलेश यादव ने महिलाओं से संवाद के बाद इन योजनाओं की घोषणा की है और सरकार बनने पर इन्हें लागू किया जाएगा।

योगी सरकार के स्टार्टअप और आईटी क्षेत्र के विस्तार को लेकर सपा प्रवक्ता ने सवाल किया कि ये योजनाएं जमीन पर कब दिखाई देंगी। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार बड़े-बड़े विज्ञापनों के जरिए उपलब्धियां गिनाती है, जबकि रोजगार, महंगाई, शिक्षा और कानून-व्यवस्था जैसे मुद्दों पर जमीनी स्थिति अलग है। भाजपा की नीतियों से जनता परेशान है और आने वाले समय में समाजवादी पार्टी की सरकार बनेगी।

नेपाल में बादल फटने और अचानक आई बाढ़ के बाद यूपी के सीमावर्ती इलाकों में पैदा हुए खतरे पर उन्होंने कहा कि एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और प्रशासन को पूरी तरह सतर्क रहना चाहिए। उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार से सीमावर्ती क्षेत्रों के लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने तथा नेपाल में फंसे भारतीयों को जल्द वापस लाने की मांग की।

--आईएएनएस

पीएसके

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