नेपाल में आपदा के सात दिन बाद भी अपनों की तलाश जारी, ग्लोबल सिख ने लापता लोगों को ढूंढने के लिए हायर किया हेलीकॉप्टर
काठमांडू, 3 सितंबर (आईएएनएस)। नेपाल में आई आपदा के बाद कई परिवार अभी भी अपने लापता परिजनों की तलाश में भटक रहे हैं। इस बीच ग्लोबल सिख के फाउंडर और सीईओ अमरप्रीत सिंह ने बताया कि उनकी टीम ने राहत कार्य के साथ-साथ लापता लोगों को ढूंढने के लिए हेलीकॉप्टर से सर्च ऑपरेशन शुरू किया है। परमिशन और संसाधन बड़ी चुनौती हैं, लेकिन टीम उन दुर्गम इलाकों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है, जहां अभी तक कोई नहीं पहुंच पाया है।
ग्लोबल सिख के फाउंडर और सीईओ अमरप्रीत सिंह ने कहा, "सभी टीम सदस्यों को आपदा प्रबंधन में 10 से 15 साल का अनुभव है। जब हमें इस आपदा के बारे में पता चला, तो हमारी एक टीम पहले से ही इमरजेंसी रिलीफ के लिए कम्युनिटी किचन चला रही थी, कंबल और गद्दे बांट रही थी और रिलीफ कैंप्स में जरूरी सप्लाई दे रही थी, लेकिन मुझे लगता है कि लोगों को अभी भी एक बड़ी समस्या का सामना करना पड़ रहा है।"
उन्होंने आगे कहा कि कई परिवार हमारे पास आते हैं और कहते हैं कि उनके अपने वहां फंसे हुए हैं। उन तक पहुंचने और उन्हें ढूंढने के लिए, कल हमने एक हेलीकॉप्टर हायर किया, पूरा सर्वे किया, एक जगह पर उतरे और निरीक्षण किया। आज, हमें लापता परिवार के सदस्यों की पहचान करने के लिए फिर से हेलीकॉप्टर हायर करने की अनुमति मिली है। अब 7 या 8 दिन हो गए हैं। हमने इसके लिए सभी जरूरी उपकरण ले लिए हैं। आज, हमारा प्लान वहां एक या दो रात रुकने का है; हमारी टीम टनल के पास लैंड करेगी, क्योंकि हमें सभी परमिशन मिल गई है।
अमरप्रीत सिंह ने आगे कहा कि हमारी कोशिश है, हम नतीजे का अंदाजा नहीं लगा सकते, लेकिन हम वहां कोशिश कर रहे हैं जहां कोई और नहीं पहुंच पाया है। परमिशन लेना एक बहुत बड़ी चुनौती है। हेलीकॉप्टर हायर करना भी एक चुनौती है। इसलिए, हम भगवान से प्रार्थना करते हैं कि हमारी टीम की बिना स्वार्थ की कोशिश और परिवारों को उनके लापता सदस्यों से मिलाने की हमारी कोशिश सफल हो। मैसेज बस इतना है कि यह बहुत दुख का समय है। मेरा संदेश यह है कि अकेले और संगठन के तौर पर, बहुत से लोग जमीन पर काम कर रहे हैं। मैं सभी से कहता हूं कि यह कोई कम समय के लिए राहत का काम नहीं है। हमें लंबे समय के लिए प्लानिंग के साथ काम करना होगा, चाहे इसमें एक साल लगे या दो साल।
अमरप्रीत सिंह ने कहा कि हम पौष्टिक खाना बना रहे हैं, एक टीम पूरी तरह से इमरजेंसी राहत के लिए लगी है और आगे का काम यह है कि जब तक बचाव पूरा नहीं हो जाता, हम जो भी रिसोर्स इकट्ठा कर सकते हैं और जैसे भी हम वहां पहुंच सकते हैं, हम उन इलाकों तक पहुंच रहे हैं जहां असल में जरूरत है। अब सात दिन हो गए हैं, और यहां शहर में बैठकर, हम बस परिवार के सदस्यों की पहचान के लिए या कम से कम शव बरामद करने के लिए अपील कर रहे हैं। हम अपनी पूरी कोशिश कर रहे हैं।
--आईएएनएस
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