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नेपाल चुनाव में टूरिज्म बना अहम मुद्दा, राजनीतिक दलों ने मेनिफेस्टो में पर्यटन पर दिया जोर

नई दिल्ली, 26 फरवरी (आईएएनएस)। नेपाल में 5 मार्च को होने जा रहे चुनाव को लेकर राजनीतिक दलों की सुगबुगाहट तेज हो चुकी है। इस चुनाव में पर्यटन एक अहम मुद्दा है। राजनीतिक दलों ने अपने मेनिफेस्टो में नेपाल चुनाव पर अपना फोकस रखा है।
नेपाल चुनाव में टूरिज्म बना अहम मुद्दा, राजनीतिक दलों ने मेनिफेस्टो में पर्यटन पर दिया जोर

नई दिल्ली, 26 फरवरी (आईएएनएस)। नेपाल में 5 मार्च को होने जा रहे चुनाव को लेकर राजनीतिक दलों की सुगबुगाहट तेज हो चुकी है। इस चुनाव में पर्यटन एक अहम मुद्दा है। राजनीतिक दलों ने अपने मेनिफेस्टो में नेपाल चुनाव पर अपना फोकस रखा है।

चार बड़ी राजनीतिक दलों ने टूरिज्म को अपने घोषणापत्र में सेंटर में रखा है, जिसमें एविएशन सेफ्टी में बड़े रिफॉर्म, भारत के साथ और एयर एंट्री रूट पक्का करने के लिए डिप्लोमैटिक कोशिशें और पांच साल के अंदर पर्यटकों के आने और खर्च को दोगुना करने के बड़े टारगेट का वादा किया गया है।

नेपाली मीडिया काठमांडू पोस्ट ने बताया कि राजनीतिक दलों की ओर से मेनिफेस्टो में किए गए इन वादों में एक बात समान है, वह है-नेपाल को यूरोपीय कमीशन की एयर सेफ्टी लिस्ट से हटाने और देश के दो नए इंटरनेशनल एयरपोर्ट से इंटरनेशनल फ्लाइट्स बढ़ाने की प्रतिबद्धता।

रबी लामिछाने के नेतृत्व वाली राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (आरएसपी) के घोषणापत्र में अगले पांच सालों के अंदर टूरिस्ट की संख्या और उनके औसत खर्च को दोगुना करने का वादा किया गया है। इसके साथ ही उनके रुकने का समय भी बढ़ाने का वादा किया गया है।

काठमांडू पोस्ट के अनुसार, नेपाल में पिछले तीन साल से हर बार सिर्फ 1 मिलियन से ज्यादा टूरिस्ट आ रहे हैं। पर्यटकों का यह आंकड़ा अभी भी 2019 के स्तर पर वापस नहीं आया है। इंडस्ट्री के स्टेकहोल्डर्स पर्यटन में आई इस गिरावट की मुख्य वजह बार-बार होने वाले प्लेन क्रैश, खराब हाईवे इंफ्रास्ट्रक्चर और कमजोर इंटरनेशनल प्रमोशन को बताते हैं।

लंदन के वर्ल्ड ट्रैवल एंड टूरिज्म काउंसिल के मुताबिक, नेपाल के पर्यटन क्षेत्र ने 2023 में 327.9 बिलियन रुपए (2.5 बिलियन डॉलर) का रेवेन्यू कमाया और प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष रूप से 1.19 मिलियन नौकरियां दीं, जो कुल रोजगार का 15.2 फीसदी है। 2023 में जीडीपी में इस सेक्टर का कुल योगदान 358.9 बिलियन रुपए (2.7 बिलियन डॉलर) या 6.6 फीसदी रहा, जो कोविड-19 महामारी से पहले 2019 में 6.7 फीसदी से थोड़ा कम है।

--आईएएनएस

केके/वीसी

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