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नेपाल बाढ़: आपदा के बीच भारत बना मददगार, दूतावास ने सरकार और जनता का जताया आभार

नेपाल बाढ़: आपदा के बीच भारत बना मददगार, दूतावास ने सरकार और जनता का जताया आभार
नेपाल बाढ़: आपदा के बीच भारत बना मददगार, दूतावास ने सरकार और जनता का जताया आभार

नई द‍िल्‍ली, 27 अगस्त (आईएएनएस)। नेपाल में 26 अगस्त को आई भीषण बाढ़ से भारी तबाही के बीच भारत की त्वरित मानवीय सहायता के लिए नई दिल्ली स्थित नेपाल दूतावास ने भारत सरकार और जनता का आभार जताया है। दूतावास ने कहा कि भारत की एकजुटता और सहयोग ने इस कठिन समय में नेपाल को हिम्मत दी है।

दूतावास ने बताया क‍ि इस जल त्रासदी में गुरुवार सुबह तक नेपाल की भोटेकोशी नदी से 177 लोगों के शव बरामद कर लिए गए हैं। पुलिस ने एक नोटिस में बताया कि ये शव भोटेकोशी और त्रिशूल नदी प्रणालियों के निचले इलाकों के कई जिलों में नदी के किनारों से बरामद किए गए हैं। इनमें रसुवा, नुवाकोट, धाडिंग, चितवन, गोरखा, तनहुं, नवलपरासी (पूर्व) और नवलपरासी (पश्चिम) शामिल हैं।

दूतावास ने सोशल मीड‍िया प्‍लेटफॉर्म 'एक्‍स' पोस्‍ट में ल‍िखा, ''इस कठिन समय में, नई दिल्ली स्थित नेपाल दूतावास भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु, उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला और भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर का हार्दिक आभार व्यक्त करता है। उन्होंने नेपाल सरकार और नेपाल की जनता के प्रति अपनी संवेदनाएं, प्रार्थनाएं और एकजुटता व्यक्त की है।''

दूतावास ने बताया क‍ि 26 अगस्त 2026 को नेपाल में आई भीषण अचानक बाढ़ (फ्लैश फ्लड) ने भारी तबाही मचाई। इस आपदा में बहुत से लोगों को अपने घर छोड़ने पड़े और बस्तियों, सड़कों, पुलों तथा अन्य महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान पहुंचा। कई लोग अभी भी लापता हैं और जानमाल के नुकसान का पूरा आकलन अभी किया जा रहा है।

दूतावास शोक संतप्त परिवारों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करता है। हम घायलों के जल्द स्वस्थ होने की प्रार्थना करते हैं और उम्मीद करते हैं कि जो लोग अभी भी लापता हैं, उन्हें सुरक्षित और जल्द से जल्द खोज लिया जाएगा।

दूतावास ने बताया क‍ि नेपाल सरकार ने नेपाली सेना, नेपाल पुलिस, सशस्त्र पुलिस बल, स्थानीय प्रशासन, स्वास्थ्य संस्थानों और आपदा राहत से जुड़ी सभी एजेंसियों को सक्रिय कर दिया है। खोज, बचाव और राहत कार्य हर संभव तरीके से जारी हैं, जिनमें हवाई और जमीनी अभियान दोनों शामिल हैं।

सरकार की तत्काल प्राथमिकताएं लोगों की जान बचाना, लापता और फंसे हुए लोगों को ढूंढकर सुरक्षित निकालना, जिनमें विदेशी नागरिक भी शामिल हैं, घायलों को इलाज उपलब्ध कराना, प्रभावित समुदायों के लिए भोजन, सुरक्षित पेयजल और अस्थायी आश्रय की व्यवस्था करना, संपर्क मार्गों, संचार व्यवस्था और जरूरी सेवाओं को बहाल करना तथा बच्चों, बुजुर्गों, दिव्यांग व्यक्तियों और अन्य कमजोर वर्गों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।

दूतावास ने भारत के केंद्रीय मंत्रियों, राज्यपालों, मुख्यमंत्रियों, सांसदों, राजनीतिक नेताओं और भारत के मित्रवत नागरिकों से प्राप्त सहानुभूति और समर्थन के संदेशों के लिए भी समान रूप से आभारी है। उनकी संवेदनाओं, प्रभावित परिवारों के प्रति चिंता और भारत के सहयोग के आश्वासन ने गहरे दुख की इस घड़ी में नेपाल के लोगों को हिम्मत और संबल दिया है।

दूतावास नेपाल के संबंधित अधिकारियों के साथ करीबी समन्वय रखते हुए भारत सरकार और भारत की जनता की ओर से दी गई त्वरित मानवीय सहायता के लिए भी अपनी गहरी सराहना व्यक्त करता है।

दूतावास ने नई दिल्ली में स्थित विभिन्न देशों के राजनयिक मिशनों और अंतरराष्ट्रीय संगठनों के प्रमुखों एवं सदस्यों, मीडिया संस्थानों, नागरिक समाज संगठनों, व्यापार और सांस्कृतिक संगठनों, नेपाल के मित्रों, तथा पूरे भारत में रहने वाले नेपाली समुदाय का भी उनकी संवेदनाओं, प्रार्थनाओं, चिंता, और एकजुटता के लिए हार्दिक धन्यवाद किया है।

दूतावास की ओर से बताया गया क‍ि इस आपदा से प्रभावित होने वाले विदेशी नागरिकों के संबंध में भारत के विदेश मंत्रालय, अन्य संबंधित भारतीय अधिकारियों और विभिन्न राजनयिक मिशनों के साथ लगातार संपर्क और समन्वय बनाए हुए है।

दतावास की ओर कहा गया क‍ि स्थिति अभी भी बदल रही है। ऐसे में दूतावास जनता और मीडिया से अनुरोध करता है कि वे केवल आधिकारिक स्रोतों से जारी जानकारी पर भरोसा करें और बिना पुष्टि वाली खबरें, प्रभावित लोगों की निजी जानकारी, या अनधिकृत धन संग्रह की अपीलें साझा करने से बचें।

--आईएएनएस

एवाई/डीकेपी

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