नीट यूजी पेपर लीक केस: संसदीय समिति में उठेगा मुद्दा, छात्रों ने एनटीए का किया घेराव
नई दिल्ली, 13 मई (आईएएनएस)। राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट-यूजी) 2026 के पेपर लीक और अनियमितताओं का मामला लगातार गहराता जा रहा है। जांच एजेंसियों की पड़ताल में अब राजस्थान के बाद केरल से जुड़े तथ्य सामने आ चुके हैं। वहीं, इस मुद्दे को संसद की स्थायी समिति में उठाने की भी तैयारी कर ली गई है। दूसरी ओर, दिल्ली में नाराज छात्रों ने बुधवार को नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) मुख्यालय के बाहर प्रदर्शन कर परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता की मांग की।
बता दें कि एमबीबीएस जैसे मेडिकल कोर्स में दाखिले के लिए ली जाने वाली नीट की परीक्षा रद्द कर दी गई है। यह परीक्षा 3 मई को हुई थी। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी को 7 मई की देर शाम, यानी परीक्षा के चार दिन बाद, परीक्षा से जुड़ी कथित अनियमितताओं के संबंध में कुछ सूचनाएं प्राप्त हुई थीं। एनटीए ने इन सूचनाओं को 8 मई की सुबह स्वतंत्र जांच और आवश्यक कार्रवाई के लिए केंद्रीय एजेंसियों को भेज दिया। अब सीबीआई इस मामले की जांच कर रही है।
जानकारी के मुताबिक, अभी तक हुई जांच में पता चला है कि नीट-यूजी 2026 परीक्षा से पहले प्रसारित हुआ एक गेस पेपर राजस्थान के सीकर जिले के एक छात्र तक पहुंचा था। यह छात्र वर्तमान में केरल में एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहा है। बताया जा रहा है कि केरल से छात्र ने कथित तौर पर वह गेस पेपर अपने कुछ दोस्तों और एक हॉस्टल संचालक को भेजा था। जांच में यह भी सामने आया कि गेस पेपर में शामिल कई प्रश्न वास्तविक परीक्षा में पूछे गए प्रश्नों से काफी मिलते-जुलते थे।
फिलहाल, इस बात की जांच की जा रही है कि छात्र को यह सामग्री कहां से मिली और क्या इसके पीछे कोई संगठित नेटवर्क सक्रिय था। यह पता लगाने के लिए डिजिटल उपकरणों और चैट रिकॉर्ड की जांच शुरू कर दी गई है। मामले में कुछ संदिग्धों से पूछताछ भी की जा रही है।
इधर, समाजवादी पार्टी के सांसद जिया उर रहमान बर्क ने बुधवार को नीट-यूजी पेपर लीक मामले को गंभीर बताते हुए कहा कि यह देश की परीक्षा प्रणाली पर बड़ा सवाल खड़ा करता है। उन्होंने आरोप लगाया कि लगातार प्रतियोगी परीक्षाओं में गड़बड़ियां सामने आना सरकार की विफलता को दर्शाता है।
बर्क ने कहा कि वह इस मुद्दे को संसदीय शिक्षा समिति की बैठक में उठाएंगे और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करेंगे। उन्होंने कहा कि लाखों छात्र वर्षों तक कठिन मेहनत करते हैं, लेकिन पेपर लीक जैसी घटनाएं उनकी मेहनत और भविष्य दोनों को प्रभावित करती हैं।
विपक्षी दलों ने भी परीक्षा प्रणाली में सुधार, जवाबदेही तय करने और एनटीए की कार्यप्रणाली की स्वतंत्र जांच की मांग तेज कर दी है। इस बीच, दिल्ली में छात्र संगठनों और अभ्यर्थियों ने नीट-यूजी 2026 में कथित अनियमितताओं और पेपर लीक के विरोध में एनटीए मुख्यालय के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने छात्रों के हितों की रक्षा करने की मांग की। प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने आरोप लगाया कि लगातार सामने आ रही गड़बड़ियों से परीक्षा प्रणाली पर उनका भरोसा कमजोर हुआ है। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया। प्रदर्शन के दौरान पुलिस और छात्रों के बीच धक्का-मुक्की भी हुई।
छात्रों का आरोप है कि दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर बल प्रयोग किया और कई छात्रों को हिरासत में लिया। छात्र संगठन अभाविप का कहना है कि राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं में बार-बार सामने आ रही गड़बड़ियां देशभर के लाखों विद्यार्थियों के परिश्रम, विश्वास और भविष्य पर सीधा आघात हैं। नीट-यूजी जैसी महत्वपूर्ण परीक्षा में पेपर लीक की घटना केवल एक प्रशासनिक विफलता नहीं, अपितु संपूर्ण परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर गंभीर प्रश्नचिह्न है। वर्षों की कठिन तैयारी और अथक परिश्रम के बाद परीक्षा में सम्मिलित होने वाले विद्यार्थियों के साथ इस प्रकार का अन्याय किसी भी परिस्थिति में स्वीकार्य नहीं हो सकता।
--आईएएनएस
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