NEET UG पेपर लीक केस: आरोपी के वकील का दावा- 'प्रह्लाद कुलकर्णी पब्लिक सर्वेंट नहीं', वीडियो में जाने CBI के आरोपों पर उठाए सवाल
नीट UG पेपर लीक मामले में आरोप तय करने को लेकर मंगलवार को दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट में सुनवाई हुई। इस दौरान आरोपी प्रह्लाद विठ्ठलराव कुलकर्णी की ओर से पेश वकील ने CBI के आरोपों पर सवाल उठाते हुए कहा कि कुलकर्णी को गलत तरीके से पब्लि सर्वेंट बताया गया है। बचाव पक्ष ने अदालत में दलील दी कि कानून के मुताबिक किसी व्यक्ति को पब्लिक सर्वेंट घोषित करने के लिए उसके पद से जुड़ी आधिकारिक अधिसूचना जरूरी होती है। कुलकर्णी के वकील हेमंत शाह ने कहा कि नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) एक पब्लिक अथॉरिटी है और देश में सार्वजनिक परीक्षाओं का आयोजन करती है, लेकिन कुलकर्णी के पद को लेकर ऐसी कोई अधिसूचना मौजूद नहीं है, जिसके आधार पर उन्हें पब्लिक सर्वेंट माना जा सके।
CBI के आरोपों पर भी उठाए सवाल
सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने CBI के उस आरोप को भी चुनौती दी, जिसमें कहा गया है कि प्रह्लाद कुलकर्णी समेत अन्य एक्सपर्ट्स को NEET प्रश्नपत्र तैयार करने की जिम्मेदारी दी गई थी।वकील हेमंत शाह ने कहा कि ऐसा कोई काम कुलकर्णी को सौंपे जाने का सवाल ही नहीं उठता। उन्होंने अदालत में दलील दी कि जब प्रश्नपत्र तैयार करने की जिम्मेदारी ही नहीं दी गई थी, तो भरोसा तोड़ने या किसी आपराधिक कृत्य का मामला भी नहीं बनता।बचाव पक्ष ने कहा कि आरोपी के खिलाफ लगाए गए आरोपों के लिए पर्याप्त आधार नहीं हैं और इस मामले में अपराध साबित करने वाली परिस्थितियां मौजूद नहीं हैं।
13 आरोपियों के खिलाफ आरोप तय करने पर सुनवाई
नीट UG पेपर लीक मामले में स्पेशल फास्ट ट्रैक कोर्ट के स्पेशल जज अजय गुप्ता की बेंच 13 आरोपियों के खिलाफ आरोप तय करने के मुद्दे पर सुनवाई कर रही है।मंगलवार की सुनवाई के बाद इस मामले में बुधवार को भी दलीलें जारी रहेंगी। बुधवार को आरोपी मंगीलाल बिवाल, दिनेश बिवाल और विकास बिवाल की ओर से उनके वकील अदालत में अपना पक्ष रखेंगे।
NEET पेपर लीक मामले में जांच जारी
NEET UG पेपर लीक मामला देशभर में चर्चा का विषय रहा है। जांच एजेंसी CBI इस मामले में कथित पेपर लीक, साजिश और परीक्षा प्रक्रिया में गड़बड़ी से जुड़े आरोपों की जांच कर रही है।CBI की ओर से आरोपियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत कार्रवाई की जा रही है, जबकि आरोपी पक्ष लगातार अदालत में अपने बचाव में दलीलें पेश कर रहा है। अब अदालत में होने वाली आगे की सुनवाई से तय होगा कि आरोपियों के खिलाफ औपचारिक रूप से आरोप तय किए जाएंगे या नहीं।फिलहाल, इस मामले में अदालत में आरोप तय करने की प्रक्रिया जारी है और सभी पक्ष अपनी-अपनी दलीलें रख रहे हैं।

