नीट पेपर लीक मामले में सीबीआई की कार्रवाई तेज, कोचिंग इंस्टीट्यूट का मालिक गिरफ्तार
मुंबई, 18 मई (आईएएनएस)। नीट पेपर लीक मामले में एक और मुख्य आरोपी प्रो. शिवराज मोटेगांवकर को गिरफ्तार कर लिया गया है। वह लातूर के आरसीसी कोचिंग इंस्टीट्यूट का मालिक है। वह इंस्टीट्यूट चलाता है, जिसमें छात्रों को नीट यूजी परीक्षा के लिए कोचिंग दी जाती है। इसकी नौ शाखाएं हैं, जिनमें मुख्य शाखा लातूर में है।
मोटेगांवकर रसायन विज्ञान (केमिस्ट्री) का लेक्चरर पीवी कुलकर्णी का करीबी है, जो एनटीए से जुड़े हुए हैं। उनके इंस्टीट्यूट और आवास पर की गई तलाशी में केमिस्ट्री का एक प्रश्न बैंक बरामद हुआ, जिसमें ठीक वही प्रश्न थे, जो 3 मई को हुई नीट में आए थे।
पिछले 24 घंटों में, सीबीआई ने विभिन्न स्थानों पर 5 जगहों पर तलाशी भी ली है और कई आपत्तिजनक दस्तावेज, लैपटॉप और मोबाइल फोन जब्त किए हैं। जब्त की गई चीजों का विस्तृत विश्लेषण किया जा रहा है।
बता दें कि सीबीआई ने यह मामला 12 मई 2026 को उच्च शिक्षा विभाग, शिक्षा मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा दी गई लिखित शिकायत के आधार पर दर्ज किया था, जो नीट यूजी 2026 परीक्षा के कथित पेपर लीक से संबंधित थी। मामला दर्ज होने के तुरंत बाद विशेष टीमें बनाई गईं और पूरे देश में विभिन्न स्थानों पर तलाशी ली गई। कई संदिग्धों को हिरासत में लेकर उनसे पूछताछ की गई।
अब तक इस मामले में दिल्ली, जयपुर, गुरुग्राम, नासिक, पुणे, लातूर और अहिल्यानगर से 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। इससे पहले 9 आरोपियों को अदालत में पेश किया गया था और पुलिस हिरासत में लिया गया था, जिनसे गहन पूछताछ चल रही है।
विशेष टीमों द्वारा जांच जारी है। अब तक की गई जांच से रसायन विज्ञान (केमिस्ट्री) और जीव विज्ञान (बायोलॉजी) के पेपर लीक का असली स्रोत सामने आ गया है। ये पेपर परीक्षा से पहले ही प्रसारित कर दिए गए थे। इसके अलावा, उन बिचौलियों को भी गिरफ्तार कर लिया गया है, जिन्होंने उन छात्रों को जुटाने में भूमिका निभाई थी, जिन्होंने विशेष कोचिंग कक्षाओं में शामिल होने के लिए लाखों रुपये का भुगतान किया था। इन कक्षाओं में नीट यूजी 2026 परीक्षा में आने वाले प्रश्नों को बताया और उन पर चर्चा की गई थी।
--आईएएनएस
पीआईएम/एबीएम

