NEET पेपर लीक विरोध मामला: छात्रों पर नहीं होगी FIR, वीडियो में जाने केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट में दी जानकारी; 2700 लोगों पर दर्ज केस वापस नहीं होंगे
NEET पेपर लीक मामले को लेकर प्रदर्शन करने वाले छात्रों को बड़ी राहत मिली है। केंद्र सरकार ने सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में स्पष्ट किया कि विरोध प्रदर्शन करने वाले छात्रों के खिलाफ कोई कानूनी कार्रवाई नहीं की जाएगी। केंद्र की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने अदालत को बताया कि सरकार अपने वादे पर कायम है और छात्रों के खिलाफ कोई FIR दर्ज नहीं की जाएगी। सुनवाई के दौरान तुषार मेहता ने कहा कि NEET पेपर लीक के विरोध में प्रदर्शन करने वाले छात्रों को लेकर सरकार का रुख साफ है। शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वाले छात्रों के खिलाफ किसी भी तरह की कार्रवाई नहीं की जाएगी।
गंभीर अपराधों में दर्ज FIR वापस नहीं होंगी
हालांकि, केंद्र सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि प्रदर्शन के दौरान गंभीर अपराधों में शाल लोगों के खिलाफ दर्ज मामलों को वापस नहीं लिया जाएगा। सॉलिसिटर जनरल ने बताया कि ऐसे मामलों में 2700 से ज्यादा लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की गई हैं, जिन्हें वापस नहीं लिया जाएगा।सरकार का कहना है कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन और गंभीर आपराधिक गतिविधियों के बीच अंतर किया जाएगा। जिन लोगों पर हिंसा या अन्य गंभीर आरोप हैं, उनके खिलाफ कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।
CJP ने जंतर-मंतर पर किया था प्रदर्शन
NEET पेपर लीक मामले को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन किया था। प्रदर्शन के दौरान संगठन ने सरकार के सामने तीन प्रमुख मांगें रखी थीं।इनमें एक प्रमुख मांग यह थी कि NEET मामले में आवाज उठाने वाले छात्रों और प्रदर्शनकारियों के खिलाफ किसी तरह की कानूनी कार्रवाई न की जाए। CJP का कहना था कि छात्रों को अपनी मांगों को शांतिपूर्ण तरीके से रखने का अधिकार है।सरकार की ओर से इन मांगों को स्वीकार किए जाने के बाद अब केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट में भी अपना पक्ष साफ कर दिया है।
पुलिस कार्रवाई पर CJI सूर्यकांत की टिप्पणी
मामले की सुनवाई के दौरान चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने पुलिस कार्रवाई को लेकर भी अहम टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि अगर कोई पुलिस अधिकारी जरूरत से ज्यादा बल का इस्तेमाल करता है तो उसे बिना वजह बचाया नहीं जाना चाहिए।CJI ने यह भी कहा कि कानून व्यवस्था बनाए रखना जरूरी है, लेकिन किसी भी स्थिति में अनुचित बल प्रयोग को सही नहीं ठहराया जा सकता। साथ ही उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि छात्र आंदोलन की आड़ में किसी कुख्यात अपराधी को बचाने की कोशिश नहीं होनी चाहिए।
18 अगस्त को होगी अगली सुनवाई
सुप्रीम कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 18 अगस्त की तारीख तय की है। अदालत अब इस मामले से जुड़े अन्य पहलुओं पर सुनवाई करेगी।NEET पेपर लीक विवाद के बाद देशभर में छात्रों ने विरोध प्रदर्शन किया था। छात्रों की मांग थी कि मामले की निष्पक्ष जांच हो और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। अब केंद्र के इस बयान के बाद प्रदर्शनकारी छात्रों को राहत मिलने की उम्मीद है।

