मेरा नीरज कुमार ने चार बार विरोध किया, फिर भी वह अपने बूथ से हार गए : अनंत सिंह
पटना, 19 सितंबर (आईएएनएस)। बिहार में जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) के भीतर अंदरूनी कलह जारी है। मोकामा से जेडीयू विधायक अनंत सिंह और पार्टी के मुख्य प्रवक्ता नीरज कुमार के बीच चल रही जुबानी जंग अब और तेज हो गई है।
जेडीयू के मुख्य प्रवक्ता नीरज कुमार के साथ मतभेदों पर जेडीयू विधायक अनंत सिंह ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि नीरज कुमार ने हमेशा उनका विरोध किया है। चार चुनावों में उन्होंने हमारा विरोध किया। उन्होंने टिकट लेकर मेरे खिलाफ चुनाव भी लड़ा, जबकि मैंने निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ा था, तब वह हार गए थे, यहां तक कि अपने ही बूथ से भी हार गए थे। लेकिन, उन्हें कोई शर्म नहीं है।
अनंत सिंह ने कहा कि उन्होंने ही नीरज कुमार को राजनीति में स्थापित करने में मदद की थी। वे तो अपने गांव भी नहीं गए थे, मैं उन्हें उनके गांव ले गया था। हमने उन्हें पार्टी का टिकट दिलवाया। उन्होंने नीतीश कुमार और ललन सिंह के पैर पकड़े, तब जाकर उन्हें टिकट मिला और किसने उन्हें टिकट दिया था?
इस विवाद पर जेडीयू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजीव रंजन ने डैमेज कंट्रोल की कोशिश की। उन्होंने कहा, "अनंत सिंह भी पार्टी के विधायक हैं, जबकि नीरज कुमार पार्टी के मुख्य प्रवक्ता हैं। हमें भरोसा है कि पार्टी ऐसे मुद्दों को सुलझा लेगी। हमारा लक्ष्य एनडीए के लिए सभी आठ सीटें जीतना है, और इसलिए, हर सीट बहुत महत्वपूर्ण है।"
उधर इस अंदरूनी लड़ाई को लेकर विपक्षी राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) ने जेडीयू पर निशाना साधा है। आरजेडी नेता शक्ति सिंह यादव ने कहा, "जेडीयू कई गुटों में बंटी हुई है और उसे इसकी कीमत चुकानी पड़ेगी। जेडीयू, भाजपा की ही एक इकाई है। जेडीयू ने अपनी पहचान खो दी है। जेडीयू अपने विधायकों को एकजुट रखने की कोशिश कर रही है। पार्टी के भीतर पूरी तरह से फूट पड़ी है। आने वाले दिनों में यह साफ हो जाएगा कि आखिरकार यह कितने टुकड़ों में बंटेगी।"
इस बीच यूनिफॉर्म सिविल कोड (यूसीसी) के मुद्दे पर भी आरजेडी ने सख्त रुख दिखाया है। शक्ति सिंह यादव ने कहा, "हमने यह स्पष्ट कर दिया है कि जब तक हमारे राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष तेजस्वी यादव बिहार की राजनीति में हैं, तब तक किसी में इतनी हिम्मत नहीं है कि वह किसी खास धर्म को निशाना बनाए और यूसीसी लागू करे। अगर इसे लागू किया गया, तो इसका विरोध होगा। इसे किसी भी कीमत पर बिहार में लागू नहीं होने दिया जाएगा।"
--आईएएनएस
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