नीले कपड़े पहनने से अंबेडकर का सम्मान नहीं होता, जनता सपा का चरित्र जानती है: भूपेंद्र चौधरी
लखनऊ, 8 सितंबर (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री और भाजपा नेता भूपेंद्र सिंह चौधरी ने समाजवादी पार्टी और कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। उन्होंने अखिलेश यादव के नीले रंग के कपड़े लॉन्च करने, पीडीए की नई परिभाषा, एआई आधारित राजनीतिक कंटेंट, सहारनपुर में मस्जिद से जुड़ी कार्रवाई, 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले सपा-कांग्रेस के संभावित गठबंधन और राहुल गांधी के रायबरेली दौरे समेत कई मुद्दों पर विपक्ष को घेरा।
अखिलेश यादव की ओर से कार्यकर्ताओं के लिए नीली टी-शर्ट और पैंट लॉन्च किए जाने पर भूपेंद्र चौधरी ने कहा कि केवल नीले कपड़े पहनने से डॉ. भीमराव अंबेडकर के विचारों का सम्मान नहीं होता। समाजवादी पार्टी ने अपने शासनकाल में दलित महापुरुषों और उनके विचारों का सम्मान नहीं किया। सपा सरकार में दलितों का उत्पीड़न हुआ और दलित महापुरुषों के नाम पर बने स्मारकों तथा संस्थाओं के नाम बदलने के प्रयास किए गए। चौधरी ने सपा के छात्र संगठन की कथित ड्रेस और सरकारी नियुक्तियों में कथित पक्षपात को लेकर भी आरोप लगाए और कहा कि प्रदेश की जनता सपा के राजनीतिक चरित्र को समझती है।
अखिलेश यादव द्वारा पीडीए को 'प्रेम, दया और अपनापन' बताए जाने पर चौधरी ने कहा कि सपा प्रमुख लगातार इसकी परिभाषा बदल रहे हैं। सपा के शासनकाल में सत्ता और व्यवस्था एक परिवार तथा एक जाति तक सीमित रही।
अखिलेश यादव के यूपी की अर्थव्यवस्था को लेकर सवाल उठाने पर चौधरी ने कहा कि सीएम योगी सरकार के कार्यकाल में उत्तर प्रदेश देश की बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में शामिल हुआ है। बिजली, पानी, सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य और कानून-व्यवस्था के क्षेत्रों में सुधार हुआ है। सपा सरकार के समय बिजली की उपलब्धता सीमित थी, जबकि अब किसानों और व्यापारियों को बेहतर व्यवस्था मिल रही है। पहले उत्तर प्रदेश से व्यापार और निवेश के पलायन की चर्चा होती थी, जबकि अब राज्य निवेश का प्रमुख केंद्र बन रहा है।
एआई आधारित राजनीतिक कंटेंट को लेकर भूपेंद्र चौधरी ने समाजवादी पार्टी पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी को जनता ने चुनकर सरकार चलाने का जनादेश दिया है। एआई के जरिए मुख्यमंत्री का अपमान करना केवल एक व्यक्ति का नहीं बल्कि प्रदेश की जनता के जनादेश का अपमान है। लोकतंत्र में राजनीतिक विरोध अपनी जगह है, लेकिन तकनीक का इस्तेमाल किसी निर्वाचित जनप्रतिनिधि को अपमानित करने के लिए नहीं होना चाहिए।
सहारनपुर में मस्जिद से संबंधित प्रशासनिक कार्रवाई को लेकर चौधरी ने कहा कि सरकार अवैध कब्जे और अवैध निर्माण के खिलाफ कार्रवाई कर रही है। संबंधित कार्रवाई न्यायालय के आदेश के बाद हुई है और सभी को न्यायपालिका पर विश्वास रखना चाहिए। एएसआई की जांच के दौरान पुराने कुएं के मिलने की बात का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि मंदिरों और धार्मिक स्थलों के इतिहास से जुड़े विषयों पर अलग-अलग दावे किए जाते रहे हैं, लेकिन सरकार की प्राथमिकता अवैध कब्जों और निर्माण को हटाना है। पुरातात्विक जांच से जो तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर स्थिति स्पष्ट होगी।
कांग्रेस नेता अजय राय के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए चौधरी ने सपा और कांग्रेस पर दंगों की राजनीति का आरोप लगाया। उन्होंने मेरठ के मलियाना, मुरादाबाद और संभल जैसे घटनाक्रमों का उल्लेख करते हुए दावा किया कि पिछली सरकारों में कानून-व्यवस्था की स्थिति खराब रही। उन्होंने दावा किया कि भाजपा सरकार के कार्यकाल में प्रदेश में अमन-चैन कायम है और अपराधियों, अवैध कब्जा करने वालों तथा महिलाओं के खिलाफ अपराध करने वालों पर कानून के तहत कार्रवाई की गई है।
2027 के विधानसभा चुनाव से पहले सपा-कांग्रेस के सीट बंटवारे की चर्चाओं पर चौधरी ने कहा कि दोनों दल सुविधा के अनुसार गठबंधन करते हैं और उनके बीच वैचारिक एकरूपता नहीं है। उन्होंने 2017, 2019 और 2022 के राजनीतिक गठबंधनों का उदाहरण देते हुए कहा कि दोनों दलों के बीच स्थायी विश्वास का अभाव है। उत्तर प्रदेश में कांग्रेस का अपना मजबूत जनाधार नहीं बचा है और उसे सपा के सहारे की जरूरत है। भाजपा का गठबंधन लंबे समय से सहयोगी दलों के साथ विश्वास के आधार पर चल रहा है। भाजपा 2027 में योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में विकास के मुद्दे पर चुनाव लड़ेगी और पिछले वर्षों के काम का रिपोर्ट कार्ड जनता के सामने रखेगी।
राहुल गांधी के रायबरेली दौरे पर चौधरी ने कहा कि वह अपने निर्वाचन क्षेत्र में आए हैं, लेकिन कांग्रेस के लिए उत्तर प्रदेश में कोई विशेष राजनीतिक संभावना नहीं है। उन्होंने कांग्रेस को 'बैसाखियों' पर निर्भर बताते हुए दावा किया कि पार्टी उतना ही आगे बढ़ पाएगी, जितना सपा उसे राजनीतिक सहयोग देगी। 2027 के चुनाव में भाजपा और एनडीए विकास के एजेंडे के साथ जनता के बीच जाएंगे और उन्हें विश्वास है कि उत्तर प्रदेश की जनता फिर भाजपा को समर्थन देगी।
--आईएएनएस
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