एनडीए परेड में आसमान छूएगा देशभक्ति का जज्बा, वायुसेना की प्रसिद्ध सारंग टीम करेगी रोमांचक प्रदर्शन
पुणे, 27 मई (आईएएनएस)। भारतीय वायु सेना की प्रसिद्ध सारंग हेलीकॉप्टर डिस्प्ले टीम नेशनल डिफेंस एकेडमी के ऐतिहासिक 150वें कोर्स की पासिंग आउट परेड के दौरान शानदार हवाई प्रदर्शन करेगी। यह आयोजन न केवल सैन्य परंपराओं और भारतीय वायुसेना की क्षमता का प्रदर्शन होगा, बल्कि महिला कैडेट्स के तीसरे बैच के ग्रेजुएशन का भी महत्वपूर्ण अवसर बनेगा।
पुणे में आयोजित होने वाले इस विशेष कार्यक्रम में सारंग टीम स्वदेशी रूप से विकसित एएलएच ध्रुव हेलीकॉप्टर के जरिए सटीक उड़ान कौशल और रोमांचक हवाई करतब प्रस्तुत करेगी। यह प्रदर्शन भारत की आधुनिक विमानन क्षमता, सैन्य अनुशासन और आत्मनिर्भर रक्षा तकनीक का प्रतीक माना जा रहा है।
भारतीय वायुसेना की सारंग टीम अपने आकर्षक रंग-बिरंगे हेलीकॉप्टरों और बेहतरीन एरियल फॉर्मेशन के लिए जानी जाती है। इस बार भी टीम आसमान में कई जटिल और रोमांचक संरचनाएं बनाकर दर्शकों को मंत्रमुग्ध करेगी। कार्यक्रम को लेकर देशभर में उत्साह का माहौल है।
सारंग टीम के एक हेलीकॉप्टर पायलट ने आईएएनएस से बात करते हुए बताया कि दर्शकों को नीचे से यह प्रदर्शन बेहद रोमांचक दिखाई देता है, लेकिन इसके पीछे वर्षों की कठिन ट्रेनिंग और अनुशासन छिपा होता है। उन्होंने कहा कि हवाई प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा सबसे बड़ी प्राथमिकता होती है और इसके लिए हर नियम का सख्ती से पालन किया जाता है।
पायलट ने कहा, “एक शानदार प्रदर्शन के लिए हमें लगातार अभ्यास करना पड़ता है। हर छोटी-बड़ी बात का बेहद बारीकी से ध्यान रखा जाता है। इसमें प्लानिंग, स्किल और अनुशासन का विशेष महत्व होता है। भारतीय वायुसेना में सेवा करना और सारंग जैसे प्रतिष्ठित हेलीकॉप्टर डिस्प्ले दल का हिस्सा बनना गर्व की बात है।”
एक अन्य हेलीकॉप्टर पायलट ने बताया कि ‘सारंग’ नाम भारतीय संस्कृति से लिया गया है। संस्कृत में ‘सारंग’ का अर्थ मोर होता है, जो सौंदर्य, गौरव और शक्ति का प्रतीक माना जाता है। उन्होंने कहा कि सारंग टीम की स्थापना वर्ष 2003 में की गई थी और इसका उद्देश्य भारतीय वायुसेना की पेशेवर क्षमता और स्वदेशी हेलीकॉप्टरों की दक्षता का प्रदर्शन करना है।
उन्होंने यह भी बताया कि सारंग टीम द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले एएलएच ध्रुव हेलीकॉप्टर पूरी तरह स्वदेशी तकनीक से विकसित किए गए हैं, जो भारत की रक्षा निर्माण क्षमता को दुनिया के सामने प्रदर्शित करते हैं।
--आईएएनएस
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