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एनडीए सांसदों ने विपक्ष पर संसद न चलने का लगाया आरोप, कहा- सदन में हंगामा करना लोकतांत्रिक परंपराओं के खिलाफ

एनडीए सांसदों ने विपक्ष पर संसद न चलने का लगाया आरोप, कहा- सदन में हंगामा करना लोकतांत्रिक परंपराओं के खिलाफ
एनडीए सांसदों ने विपक्ष पर संसद न चलने का लगाया आरोप, कहा- सदन में हंगामा करना लोकतांत्रिक परंपराओं के खिलाफ

नई दिल्ली, 20 जुलाई (आईएएनएस)। संसद के मानसून सत्र के दौरान विभिन्न मुद्दों पर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के कई सांसदों और नेताओं ने संसद की कार्यवाही, विपक्ष के विरोध प्रदर्शन, परिसीमन, नीट परीक्षा और सीजेपी के विरोध मार्च पर अपनी-अपनी प्रतिक्रियाएं दीं। नेताओं ने संसद में चर्चा को लोकतंत्र का सबसे उपयुक्त मंच बताते हुए हंगामे और व्यवधान की राजनीति पर सवाल उठाए।

भाजपा सांसद कंगना रनौत ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि संसद का सत्र इसलिए बुलाया जाता है ताकि सभी महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हो सके और सरकार से जवाबदेही सुनिश्चित की जा सके। भाजपा चाहती है कि सदन सुचारू रूप से चले और विपक्ष अपने सभी प्रश्न संसद के भीतर उठाए। विरोध प्रदर्शन के नाम पर हंगामा करना और संसदीय कार्यवाही में बाधा डालना लोकतांत्रिक परंपराओं के अनुरूप नहीं है।

कंगना रनौत ने कहा कि जनता ने लोकतांत्रिक प्रक्रिया के तहत सरकार को चुना है और सरकार किस प्रकार कार्य करेगी, यह उसका अधिकार है। यदि किसी दल या नेता को सरकार की नीतियों पर आपत्ति है तो उसे चुनाव लड़कर जनता का समर्थन प्राप्त करना चाहिए। केवल विरोध प्रदर्शन के माध्यम से सरकार पर यह दबाव नहीं बनाया जा सकता कि वह किसे पद पर रखे या हटाए। संसद का उद्देश्य संवाद और बहस है, न कि टकराव है।

भाजपा के राज्यसभा सांसद अशोक मित्तल ने तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के कुछ सांसदों द्वारा अलग गुट बनाए जाने पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि संविधान के तहत सांसदों को अलग समूह बनाने का अधिकार है।

उन्होंने कहा कि यदि कुछ सांसदों ने अलग गुट बनाया है तो यह उनका संवैधानिक अधिकार है और इसका विरोध करने का कोई औचित्य नहीं है। हालांकि उन्होंने वॉकआउट को भी संविधान की भावना के विपरीत बताया।

भाजपा नेता रेखा शर्मा ने परिसीमन के मुद्दे पर कहा कि यह एक लंबी और आवश्यक प्रक्रिया है। उनके अनुसार, कई क्षेत्रों में अभी भी जनसंख्या के अनुपात में उचित प्रतिनिधित्व नहीं मिल पा रहा है क्योंकि समय पर परिसीमन नहीं हुआ। भविष्य में इस विषय पर आने वाले विधेयक को व्यापक समर्थन मिलेगा।

वहीं, भाजपा सांसद कमलजीत सहरावत ने नीट परीक्षा को लेकर कहा कि केंद्र सरकार इस मुद्दे पर पूरी तरह संवेदनशील है और परीक्षा से जुड़ी गड़बड़ियों पर आवश्यक कदम उठाए गए हैं। उन्होंने कहा कि कुछ बिचौलियों की वजह से छात्रों और सरकार दोनों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ा, लेकिन सरकार छात्रों के हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है।

सीजेपी के विरोध मार्च पर प्रतिक्रिया देते हुए कमलजीत सहरावत ने कहा कि लोकतंत्र में अपनी बात रखने के लिए उचित मंच उपलब्ध हैं, लेकिन अराजकता फैलाना किसी भी स्थिति में उचित नहीं है। सरकार देश की समस्याओं को समझते हुए उनके समाधान की दिशा में लगातार कार्य कर रही है।

--आईएएनएस

एसएके/एएस

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