Samachar Nama
×

एनसीएससी के हस्तक्षेप के बाद प्रमुख वित्तीय योजनाओं में एससी लाभार्थियों की अनिवार्य रिपोर्टिंग के निर्देश

एनसीएससी के हस्तक्षेप के बाद प्रमुख वित्तीय योजनाओं में एससी लाभार्थियों की अनिवार्य रिपोर्टिंग के निर्देश
एनसीएससी के हस्तक्षेप के बाद प्रमुख वित्तीय योजनाओं में एससी लाभार्थियों की अनिवार्य रिपोर्टिंग के निर्देश

नई दिल्ली, 7 अक्टूबर (आईएएनएस)। राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग (एनसीएससी) के हस्तक्षेप के बाद वित्त मंत्रालय के वित्तीय सेवा विभाग (डीएफएस) ने प्रमुख सरकारी योजनाओं के तहत अनुसूचित जाति (एससी) के लाभार्थियों को दी गई सहायता की अनिवार्य रिपोर्टिंग के निर्देश जारी किए हैं।

एनसीएससी के सचिव विवेक कुमार देवांगन ने 24 सितंबर 2026 को वित्तीय सेवा विभाग के सचिव को पत्र लिखकर इस मुद्दे को उठाया था। पत्र में बताया गया था कि राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति (एसएलबीसी) की रिपोर्ट में प्रमुख सरकारी योजनाओं के तहत सहायता प्राप्त करने वाले एससी परिवारों और लाभार्थियों की संख्या और प्रतिशत का विवरण शामिल नहीं किया जा रहा है।

इन योजनाओं में प्रधानमंत्री मुद्रा योजना (पीएमएमवाई), स्टैंड-अप इंडिया, प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (पीएमईजीपी), पीएम स्वनिधि, सीजीटीएमएसई और एमएसएमई बिजनेस लोन जैसी योजनाएं शामिल हैं।

आयोग ने कहा था कि इस तरह के आंकड़ों का उपलब्ध नहीं होना संविधान के अनुच्छेद 338(5)(सी) के तहत उसे मिले दायित्व के निर्वहन में बाधा बन रहा है। इस प्रावधान के तहत आयोग को अनुसूचित जातियों के सामाजिक और आर्थिक विकास की प्रगति का मूल्यांकन करने का दायित्व दिया गया है।

एनसीएससी की ओर से उठाए गए इस मुद्दे के बाद वित्तीय सेवा विभाग ने 5 अक्टूबर 2026 को सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के एसएलबीसी/यूटीएलबीसी संयोजकों को निर्देश जारी किए हैं।

विभाग ने निर्देश दिया है कि एसएलबीसी और यूटीएलबीसी की नियमित समीक्षा बैठकों में उपरोक्त योजनाओं के तहत सहायता प्राप्त करने वाले एससी लाभार्थियों की योजना-वार और बैंक-वार संख्या तथा प्रतिशत का विवरण शामिल किया जाए।

इसके साथ ही संबंधित जानकारी नियमित रूप से राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग के साथ साझा करने को भी कहा गया है। वित्तीय सेवा विभाग ने सभी संबंधित अधिकारियों से 9 अक्टूबर 2026 तक कार्रवाई रिपोर्ट भी मांगी है। इसमें आंकड़ों की उपलब्धता और उन्हें जुटाने में आ रही किसी भी समस्या का विवरण शामिल करना होगा।

आयोग के इस हस्तक्षेप से प्रमुख वित्तीय योजनाओं के तहत अनुसूचित जाति के लाभार्थियों तक पहुंच रही सरकारी सहायता का अधिक व्यवस्थित तरीके से आकलन और निगरानी किए जाने का रास्ता साफ हुआ है।

--आईएएनएस

डीएससी

Share this story

Tags