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एनसीआर में बारिश और तेज हवाओं से प्रदूषण में बड़ी गिरावट, एक्यूआई येलो जोन में पहुंचा

नोएडा, 19 मार्च (आईएएनएस)। बुधवार शाम के बाद अचानक बदले मौसम ने पूरे एनसीआर को राहत दी। तेज हवाओं, धूल भरी आंधी और हल्की से मध्यम बारिश के चलते वायु प्रदूषण में गिरावट दर्ज की गई। कई दिनों से खराब श्रेणी में चल रहा एयर क्वालिटी इंडेक्स अब घटकर येलो जोन यानी ‘मध्यम’ श्रेणी में पहुंच गया है।
एनसीआर में बारिश और तेज हवाओं से प्रदूषण में बड़ी गिरावट, एक्यूआई येलो जोन में पहुंचा

नोएडा, 19 मार्च (आईएएनएस)। बुधवार शाम के बाद अचानक बदले मौसम ने पूरे एनसीआर को राहत दी। तेज हवाओं, धूल भरी आंधी और हल्की से मध्यम बारिश के चलते वायु प्रदूषण में गिरावट दर्ज की गई। कई दिनों से खराब श्रेणी में चल रहा एयर क्वालिटी इंडेक्स अब घटकर येलो जोन यानी ‘मध्यम’ श्रेणी में पहुंच गया है।

मौसम विभाग के अनुसार, 19 मार्च और 20 मार्च को भी मौसम का मिजाज ऐसा ही रहने की संभावना है। विभाग ने दोनों दिनों के लिए गरज-चमक के साथ बारिश, 30-40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं और आंधी की चेतावनी जारी की है।

आईएमडी के लोकल फोरकास्ट के मुताबिक, 19 मार्च को अधिकतम तापमान 29 डिग्री और न्यूनतम 19 डिग्री रहने का अनुमान है, जबकि 20 मार्च को अधिकतम तापमान 27 डिग्री और न्यूनतम 17 डिग्री तक जा सकता है। दोनों ही दिनों में सुबह, दोपहर, शाम और रात- हर समय हल्की बारिश के साथ गरज-चमक और तेज हवाओं का दौर जारी रहने की संभावना जताई गई है।

वहीं 7 दिनों के पूर्वानुमान के अनुसार, 19 और 20 मार्च को आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे और एक-दो बार बारिश या गरज के साथ बौछारें पड़ सकती हैं। 21 और 22 मार्च को मौसम आंशिक रूप से साफ रहने की संभावना है, जबकि 23 और 24 मार्च को आसमान मुख्यतः साफ रहने का अनुमान है। बारिश के बाद प्रदूषण स्तर में भी सुधार देखने को मिला है।

दिल्ली के कई इलाकों में एक्यूआई मध्यम श्रेणी में दर्ज किया गया। आनंद विहार में एक्यूआई 140, अशोक विहार में 148, चांदनी चौक में 171 और बवाना में 162 रिकॉर्ड किया गया। इसी तरह नोएडा में सेक्टर-1 में एक्यूआई 196, सेक्टर-125 में 181, सेक्टर-116 में 172 और सेक्टर-62 में 150 दर्ज हुआ। गाजियाबाद के इंदिरापुरम में एक्यूआई 169, लोनी में 191, वसुंधरा में 168 और संजय नगर में 143 रिकॉर्ड किया गया।

विशेषज्ञों का कहना है कि तेज हवाओं और बारिश के कारण वातावरण में मौजूद धूल और प्रदूषक कण जमीन पर बैठ गए, जिससे हवा साफ हुई है। हालांकि, यह राहत अस्थायी हो सकती है। यदि मौसम फिर से शुष्क हुआ तो प्रदूषण स्तर दोबारा बढ़ सकता है।

--आईएएनएस

पीकेटी/डीसीएच

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