अमित शाह से मुलाकात के बाद NCP ने फूट की खबरें नकारीं: सुनेत्रा पवार के नेतृत्व में एकजुट रहने का दावा, वीडियो में जाने शरद पवार गुट से विलय से इनकार
महाराष्ट्र की राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) में अंदरूनी कलह और टूट की अटकलों के बीच पार्टी ने एकजुटता का दावा किया है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से पार्टी के वरिष्ठ नेताओं की मुलाकात के बाद NCP ने साफ कहा कि पार्टी डिप्टी CM और राष्ट्रीय अध्यक्ष सुनेत्रा पवार के नेतृत्व में काम करेगी। पार्टी ने शरद पवार के नेतृत्व वाली NCP (SP) के साथ विलय की संभावनाओं को भी खारिज कर दिया है।पार्टी की यह सफाई ऐसे समय आई है, जब दिल्ली में अमित शाह से मुलाकात करने वाले नेताओं की सूची में सुनेत्रा पवार और उनके बेटे पार्थ पवार व जय पवार शामिल नहीं थे। उनकी गैरमौजूदगी को लेकर राजनीतिक गलियारों में पार्टी के भीतर मतभेद और नेतृत्व को लेकर चर्चाएं शुरू हो गई थीं।
अमित शाह से मिले NCP के छह वरिष्ठ नेता
रविवार रात दिल्ली में NCP के वरिष्ठ नेताओं ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल में प्रफुल्ल पटेल, सुनील तटकरे, दिलीप वलसे पाटिल, छगन भुजबल, हसन मुश्रीफ और धनंजय मुंडे शामिल थे।बैठक में पार्टी से जुड़े मुद्दों के साथ महाराष्ट्र सरकार में महायुति गठबंधन के सहयोगियों के बीच बेहतर तालमेल बनाने पर चर्चा हुई। नेताओं ने अपने-अपने क्षेत्रों से जुड़े मुद्दे भी अमित शाह के सामने रखे।NCP के राष्ट्रीय मुख्य प्रवक्ता उमेश पाटिल ने कहा कि सुनेत्रा पवार और पार्थ पवार पहले ही अमित शाह से मुलाकात कर चुके थे। उस दौरान सुनेत्रा पवार ने वरिष्ठ नेताओं के प्रतिनिधिमंडल की बैठक के लिए समय मांगा था। इसलिए इस मुलाकात को पार्टी में मतभेद या किसी नेता को किनारे करने से जोड़ना गलत है।
वित्त मंत्रालय वापस चाहती है NCP
बैठक में महाराष्ट्र सरकार के वित्त विभाग का मुद्दा भी उठाया गया। NCP के एक वरिष्ठ नेता के मुताबिक, पार्टी यह विभाग वापस चाहती है। हालांकि, विभाग मिलने की स्थिति में इसकी जिम्मेदारी किस नेता को दी जाएगी, इसका फैसला बाद में किया जाएगा।वित्त विभाग पहले दिवंगत अजित पवार के पास था। उनके निधन के बाद मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने यह विभाग अपने पास रखा है। NCP प्रदेश अध्यक्ष सुनील तटकरे ने भी कोर कमेटी की बैठक के बाद पुष्टि की कि अमित शाह के साथ बातचीत में वित्त विभाग का मुद्दा उठाया गया था। उन्होंने कहा कि इस पर उचित समय पर फैसला लिया जाएगा।
कोर कमेटी की बैठक में भी हुई चर्चा
दिल्ली से लौटने के बाद NCP नेताओं ने मुंबई में बैठक की। इसके बाद पार्टी की कोर कमेटी की बैठक हुई। सुनील तटकरे ने कहा कि पार्टी संगठन को मजबूत करने, विधायकों की जिम्मेदारियों और महाराष्ट्र में सूखे की स्थिति जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई।उन्होंने पार्टी में असंतोष की खबरों को खारिज करते हुए कहा कि नेता आपसी संवाद और सामूहिक नेतृत्व के जरिए काम कर रहे हैं। पार्टी के सभी विधायकों की बैठक मंगलवार को बुलाने की भी बात कही गई।
विधान परिषद चुनाव में हार के बाद बढ़ी चर्चा
अमित शाह से मुलाकात ऐसे समय हुई है, जब महाराष्ट्र विधान परिषद के हालिया चुनाव में NCP को झटका लगा। पार्टी औरंगाबाद ग्रेजुएट्स सीट हार गई, जो पिछले 18 साल से उसके पास थी। इस हार के बाद पार्टी के संगठन और नेतृत्व को लेकर सवाल उठने लगे थे।हालांकि, पार्टी ने आधिकारिक तौर पर किसी भी तरह के मतभेद से इनकार किया है। दूसरी ओर, कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में पार्टी के अंदर नेतृत्व और संगठन को लेकर असंतोष की चर्चा की गई है। फिलहाल NCP का सार्वजनिक रुख यही है कि वह सुनेत्रा पवार के नेतृत्व में एकजुट रहेगी और NCP (SP) के साथ विलय नहीं करेगी।

