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एनसीएल के पूर्व सीएमडी पर ईडी का शिकंजा, मनी लॉन्ड्रिंग मामले में कोर्ट में अभियोजन शिकायत दायर

एनसीएल के पूर्व सीएमडी पर ईडी का शिकंजा, मनी लॉन्ड्रिंग मामले में कोर्ट में अभियोजन शिकायत दायर
एनसीएल के पूर्व सीएमडी पर ईडी का शिकंजा, मनी लॉन्ड्रिंग मामले में कोर्ट में अभियोजन शिकायत दायर

भोपाल, 6 जुलाई (आईएएनएस)। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के भोपाल जोनल ऑफिस ने नॉर्दर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एनसीएल) के तत्कालीन चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर (सीएमडी) भोला सिंह के खिलाफ जबलपुर की स्पेशल कोर्ट (पीएमएलए) में प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (पीएमएलए), 2002 के तहत अभियोजन शिकायत (पीसी) दायर की है। इसी को लेकर कोर्ट ने आरोपी को नोटिस जारी किया है।

ईडी ने इस मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई), एंटी-करप्शन ब्रांच-II, नई दिल्ली द्वारा दर्ज एफआईआर के आधार पर शुरू की थी। यह एफआईआर भोला सिंह के खिलाफ प्रिवेंशन ऑफ करप्शन एक्ट, 1988 (2018 में संशोधित) की धारा 13(2) के साथ धारा 13(1)(बी) और धारा 12 के तहत दर्ज की गई थी।

एफआईआर में आरोप था कि 1 जनवरी 2022 से 31 जनवरी 2024 की अवधि के दौरान एनसीएल के सीएमडी के तौर पर काम करते हुए भोला सिंह ने अपनी आय से अधिक संपत्ति जमा की थी। पीएमएलए के प्रावधानों के तहत जांच में पता चला कि भोला सिंह ने जानबूझकर अपराध से हुई कमाई को हासिल किया, अपने पास रखा, छिपाया और उसे वैध संपत्ति के तौर पर दिखाया।

उन्होंने ऐसा कैश और सोने के गहने रखकर और अचल संपत्ति खरीदने के लिए बैंकिंग चैनलों के जरिए तीसरे पक्ष के फंड का इस्तेमाल करके किया। जांच में यह भी पता चला कि तीसरे पक्ष से मिली 50 लाख रुपए की रकम का इस्तेमाल अन्य फंड के साथ-साथ रांची के एसएआईएल सिटी में एक रिहायशी फ्लैट खरीदने के लिए किया गया था और इसे वैध संपत्ति के तौर पर दिखाया गया था।

जांच के दौरान अपराध से हुई कुल कमाई (पीओसी) की पहचान की गई और उसकी कीमत 2.79 करोड़ रुपए आंकी गई। ईडी ने पहले पीएमएलए, 2002 के प्रावधानों के तहत 2.79 करोड़ रुपए की कुल कीमत वाली चल और अचल संपत्तियों को जब्त करने का प्रोविजनल अटैचमेंट ऑर्डर जारी किया था।

ईडी की ओर से जब्त की गई संपत्तियों में बैंक लॉकर से बरामद सोने के गहने और रांची में स्थित एक रिहायशी फ्लैट शामिल हैं।

--आईएएनएस

डीके/डीकेपी

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