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एनसीईआरटी कक्षा 9 की किताब में 'आपातकाल' का अध्याय जुड़ने पर कांग्रेस, सपा और राजद ने उठाए सवाल

एनसीईआरटी कक्षा 9 की किताब में 'आपातकाल' का अध्याय जुड़ने पर कांग्रेस, सपा और राजद ने उठाए सवाल
एनसीईआरटी कक्षा 9 की किताब में 'आपातकाल' का अध्याय जुड़ने पर कांग्रेस, सपा और राजद ने उठाए सवाल

नई दिल्ली, 25 जून (आईएएनएस)। कक्षा 9 की एनसीईआरटी पाठ्यपुस्तकों में 'आपातकाल' का अध्याय शामिल किए जाने के बाद राजनीतिक बहस तेज हो गई है। कांग्रेस, राजद और समाजवादी पार्टी के नेताओं ने इस फैसले को लेकर केंद्र और एनसीईआरटी पर सवाल उठाए हैं। विपक्षी दलों का आरोप है कि शिक्षा और इतिहास को राजनीतिक नजरिए से पेश करने की कोशिश की जा रही है।

कांग्रेस की राज्यसभा सदस्य जेबी माथेर ने कहा कि क्या एनसीईआरटी को यह याद है कि देश की आजादी की लड़ाई में महात्मा गांधी, पंडित जवाहरलाल नेहरू, मौलाना अबुल कलाम आजाद, सरदार वल्लभभाई पटेल और सुभाष चंद्र बोस जैसे नेताओं की महत्वपूर्ण भूमिका रही थी। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या अब इन सभी नामों पर भी बहस होगी और बचपन से पढ़ाया गया भारतीय इतिहास बदल दिया जाएगा।

उन्होंने कहा कि क्या स्वतंत्रता संग्राम, त्याग, बलिदान और महात्मा गांधी से जुड़ी अहिंसा की अवधारणा को भी बदलने की कोशिश की जाएगी। जेबी माथेर ने कहा कि दुनिया के कई देशों में स्वतंत्रता आंदोलन हुए, लेकिन गांधीजी की अहिंसा की विचारधारा अनूठी थी। उन्होंने आशंका जताई कि एनसीईआरटी इतिहास में बदलाव कर एक अलग संस्करण पेश कर सकती है।

वहीं, कांग्रेस नेता जयवर्धन सिंह ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि उसकी नीति लोगों के मन में भ्रम पैदा करने और असली मुद्दों से ध्यान भटकाने की है। उन्होंने कहा कि देश का युवा अच्छी शिक्षा और रोजगार चाहता है, चाहे वह एनसीईआरटी, सीबीएसई, मध्य प्रदेश या छत्तीसगढ़ बोर्ड के माध्यम से पढ़ाई कर रहा हो या उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहा हो। लेकिन भाजपा बच्चों की पाठ्यपुस्तकों में भी राजनीति कर रही है। कांग्रेस ने दशकों तक शासन किया, लेकिन कभी बच्चों के भविष्य के साथ राजनीति नहीं की।

कांग्रेस प्रवक्ता सुरेंद्र राजपूत ने कक्षा 9 की किताब में वेदों से जुड़े अध्याय शामिल किए जाने पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि आज सत्ता में बैठे लोगों की प्रशंसा कराई जा रही है और संवैधानिक संस्थाओं पर भाजपा, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और उससे जुड़े संगठनों का प्रभाव बढ़ गया है। वैज्ञानिक सोच की जगह धार्मिक सोच को बढ़ावा देने की कोशिश की जा रही है और बच्चों को वेद पढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है।

राजद सांसद सुधाकर सिंह ने कहा कि जो सरकार सत्ता में होती है, वह अपने नजरिए से इतिहास पढ़ाती है और इसमें कुछ नया नहीं है। उन्होंने कहा कि जब उनकी सरकार आएगी तो वह भी बदलाव करेगी। साथ ही, उन्होंने आरोप लगाया कि बच्चों को गलत पढ़ाया जा रहा है।सुधाकर सिंह ने धर्मेंद्र प्रधान पर भी निशाना साधते हुए कहा कि जो शिक्षा मंत्री पेपर लीक जैसी समस्याओं को नहीं रोक पा रहा है, वह बेहतर पाठ्यक्रम कैसे तैयार करवा पाएगा।

उधर, समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता फखरुल हसन चांद ने कहा कि देश आपातकाल के लिए कांग्रेस को कभी माफ नहीं करता और आज भी कई सवाल पूछे जा रहे हैं। लेकिन, भाजपा के पास भी कांग्रेस से आपातकाल पर सवाल पूछने का नैतिक अधिकार नहीं है।

--आईएएनएस

वीकेयू/पीएम

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