Samachar Nama
×

एनसीबी की तस्कर राहुल शेडगे पर कार्रवाई, तलोजा जेल भेजा गया

नई दिल्ली, 28 मई (आईएएनएस)। नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) ने आदतन नशीले पदार्थों के अपराधी राहुल बालकृष्ण शेडगे को ‘नारकोटिक ड्रग्स और साइकोट्रोपिक पदार्थों के अवैध व्यापार की रोकथाम अधिनियम, 1988’ के तहत हिरासत में लिया है। अधिकारियों ने बताया कि यह कार्रवाई नशीले पदार्थों की तस्करी में बार-बार शामिल रहे अपराधियों पर शिकंजा कसने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
एनसीबी की तस्कर राहुल शेडगे पर कार्रवाई, तलोजा जेल भेजा गया

नई दिल्ली, 28 मई (आईएएनएस)। नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) ने आदतन नशीले पदार्थों के अपराधी राहुल बालकृष्ण शेडगे को ‘नारकोटिक ड्रग्स और साइकोट्रोपिक पदार्थों के अवैध व्यापार की रोकथाम अधिनियम, 1988’ के तहत हिरासत में लिया है। अधिकारियों ने बताया कि यह कार्रवाई नशीले पदार्थों की तस्करी में बार-बार शामिल रहे अपराधियों पर शिकंजा कसने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

जानकारी के अनुसार, हिरासत का आदेश 14 मई 2026 को भारत सरकार के सक्षम प्राधिकारी द्वारा पीआईटीएनडीपीएस अधिनियम के तहत जारी किया गया था, जिसे 27 मई 2026 को एनसीबी ने निष्पादित किया। इसके बाद आरोपी को नवी मुंबई की तलोजा केंद्रीय जेल में रखा गया है।

राहुल बालकृष्ण शेडगे को एक आदतन अपराधी बताया गया है, जो पिछले कई वर्षों से नशीले पदार्थों की अवैध तस्करी और उससे जुड़ी गतिविधियों में शामिल रहा है। विभिन्न कानून प्रवर्तन एजेंसियों द्वारा कई बार गिरफ्तार किए जाने और उसके खिलाफ मामले दर्ज होने के बावजूद वह लगातार इन अवैध गतिविधियों में सक्रिय रहा।

उसका आपराधिक रिकॉर्ड 2009 से शुरू होता है, जब उसे पहली बार डीआरआई मुंबई ने एक मामले में गिरफ्तार किया था, जिसमें अल्प्राजोलम, नॉर्डाज़ेपम, एम्फेटामिन और डायजेपाम जैसे साइकोट्रोपिक पदार्थ शामिल थे। जमानत पर रिहा होने के बाद उसने कथित तौर पर फिर से अवैध गतिविधियां शुरू कर दीं और 2012 में एनसीबी मुंबई ने उसे एक अंतर-राज्यीय केटामाइन तस्करी मामले में गिरफ्तार किया था।

इसके बाद 2018 में डीआरआई मुंबई ने उसे अवैध नशीले पदार्थों के निर्माण से जुड़ी गतिविधियों में शामिल होने के आरोप में फिर से गिरफ्तार किया। वर्ष 2025 में एनसीबी मुंबई ने महाराष्ट्र के रायगढ़ जिले में उसकी एक गुप्त रासायनिक प्रयोगशाला का भंडाफोड़ किया, जहां वह केटामाइन निर्माण से जुड़े एक मध्यवर्ती रसायन के उत्पादन में शामिल पाया गया। जांच में सामने आया कि वह अंतिम चरण से पहले ही प्रक्रिया को रोककर कानूनी कार्रवाई से बचने की कोशिश करता था।

अधिकारियों के अनुसार, आरोपी अपनी रसायन विज्ञान की जानकारी का उपयोग कर अवैध गतिविधियों को छिपाने और नशीले पदार्थों के उत्पादन के तरीकों को बदलने की कोशिश करता था। बार-बार गिरफ्तारी और मुकदमों के बावजूद उसकी आपराधिक गतिविधियां जारी रहीं, जिसके चलते उसे इस बार पीआईटीएनडीपीएस के तहत निवारक हिरासत में लिया गया।

--आईएएनएस

एसएचके/एबीएम

Share this story

Tags