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नई दिल्ली में दो दिवसीय सम्मेलन 'मेडिकल कॉलेज रिसर्च कनेक्ट 2026' का शुभारंभ

नई दिल्ली, 26 फरवरी (आईएएनएस)। स्वास्थ्य अनुसंधान विभाग ने गुरुवार को नई दिल्ली के चाणक्यपुरी स्थित सुषमा स्वराज भवन में 'मेडिकल कॉलेज रिसर्च कनेक्ट 2026' का उद्घाटन किया।
नई दिल्ली में दो दिवसीय सम्मेलन 'मेडिकल कॉलेज रिसर्च कनेक्ट 2026' का शुभारंभ

नई दिल्ली, 26 फरवरी (आईएएनएस)। स्वास्थ्य अनुसंधान विभाग ने गुरुवार को नई दिल्ली के चाणक्यपुरी स्थित सुषमा स्वराज भवन में 'मेडिकल कॉलेज रिसर्च कनेक्ट 2026' का उद्घाटन किया।

26 और 27 फरवरी 2026 को आयोजित यह दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन देशभर के 100 से अधिक मेडिकल कॉलेजों को एक साझा मंच पर लेकर आया है। इस सम्मेलन का उद्देश्य देश में स्वास्थ्य अनुसंधान को मजबूत करना और मेडिकल कॉलेजों में अनुसंधान की बुनियादी संरचना को सशक्त बनाना है।

यह आयोजन केंद्र सरकार की केंद्रीय क्षेत्र अम्ब्रेला योजना के तहत स्थापित मेडिकल कॉलेज अनुसंधान इकाइयों के माध्यम से किया जा रहा है। इन इकाइयों की स्थापना का मुख्य उद्देश्य मेडिकल कॉलेजों में गुणवत्तापूर्ण शोध को बढ़ावा देना और अनुसंधान के लिए आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराना है।

कार्यक्रम में स्वास्थ्य और परिवार कल्याण तथा रसायन और उर्वरक राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं। इस अवसर पर राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग के अध्यक्ष अभिजात चंद्रकांत शेठ विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल हुए।

अपने संबोधन में अनुप्रिया पटेल ने भारत सरकार की ओर से स्वास्थ्य अनुसंधान को बढ़ावा देने की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने मेडिकल कॉलेजों में किए जा रहे शोध कार्यों की सराहना की और शिक्षकों तथा शोधकर्ताओं से आह्वान किया कि वे अनुसंधान की गुणवत्ता को और बेहतर बनाएं। उन्होंने कहा कि मजबूत और उच्च स्तर का चिकित्सा अनुसंधान देश को विकसित भारत की दिशा में आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

दो दिवसीय सम्मेलन के दौरान विभिन्न मेडिकल कॉलेजों के प्रतिनिधि अपनी अनुसंधान गतिविधियों की रिपोर्ट प्रस्तुत करेंगे। साथ ही बेहतर शोध प्रस्ताव तैयार करने, प्रशिक्षण के अवसरों और जैव-चिकित्सा अनुसंधान के तकनीकी पहलुओं पर व्याख्यान, कार्यशाला और विचार-विमर्श सत्र आयोजित किए जाएंगे। इन सत्रों का उद्देश्य शोधकर्ताओं के बीच अनुभवों का आदान-प्रदान कराना और उनके संस्थानों में उच्च गुणवत्ता वाला अनुसंधान करने की क्षमता को मजबूत करना है।

आयोजकों का मानना है कि इस तरह के सम्मेलनों से देशभर के मेडिकल कॉलेजों के बीच समन्वय बढ़ेगा और स्वास्थ्य अनुसंधान के क्षेत्र में नए आयाम स्थापित होंगे।

--आईएएनएस

एमएस/

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