नई दिल्ली विश्व पुस्तक मेला: वैश्विक प्रकाशन और राइट्स एक्सचेंज में भारत की भूमिका को मिली मजबूती
नई दिल्ली, 12 जनवरी (आईएएनएस)। नई दिल्ली विश्व पुस्तक मेले में सोमवार को ‘नई दिल्ली राइट्स टेबल’ (एनडीआरटी) का शुभारंभ हुआ। इस पहल के माध्यम से अंतरराष्ट्रीय प्रकाशन व्यापार और राइट्स एक्सचेंज को लेकर भारत की भूमिका और मजबूत हुई है।
विश्व का सबसे बड़ा पुस्तक मेला यानी ‘नई दिल्ली विश्व पुस्तक मेला’ 10 जनवरी से शुरू हो चुका है। यह आयोजन 18 जनवरी तक भारत मंडपम, नई दिल्ली में जारी रहेगा। यहां पहली बार पुस्तक मेले में सभी का प्रवेश निशुल्क रखा गया है।
यहां राष्ट्रीय पुस्तक न्यास (एनबीटी), भारत द्वारा संचालित एनडीआरटी प्रकाशकों को विभिन्न भाषाओं और क्षेत्रों में अनुवाद तथा वितरण अधिकारों पर बातचीत के लिए एक सुव्यवस्थित बाजार उपलब्ध करा रहा है।
बता दें कि राष्ट्रीय पुस्तक न्यास केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय के अंतर्गत कार्य करता है। एनबीटी के मुताबिक नई दिल्ली राइट्स टेबल 2026 में कुल 85 प्रकाशक भाग ले रहे हैं। इनमें लगभग 40 विदेशी प्रकाशक भी शामिल हैं। यहां 12 व 13 जनवरी को लगभग 600 पूर्व-निर्धारित बैठकें आयोजित की जा रही हैं। इसके अंतर्गत आधे घंटे की बैठकों के माध्यम से प्रकाशकों को राइट्स अधिग्रहण, सह-प्रकाशन के अवसरों तथा दीर्घकालिक अंतरराष्ट्रीय साझेदारियों की संभावनाओं पर चर्चा करने का अवसर मिल रहा है।
राइट्स टेबल का औपचारिक उद्घाटन क्लॉडिया कैसर, वाइस प्रेसिडेंट (बिजनेस डेवलपमेंट), फ्रैंकफर्ट बुक फेयर द्वारा किया गया। इसके साथ ही यहां उच्चस्तरीय राइट्स चर्चाओं की शुरुआत हुई।
क्लॉडिया कैसर ने भारत और फ्रैंकफर्ट बुक फेयर के बीच लंबे समय से चले आ रहे संबंधों को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि 1980 के दशक में भारत मेले का गेस्ट ऑफ ऑनर बनने वाला पहला एशियाई देश था। फ्रैंकफर्ट में डेडिकेटेड इंडिया पवेलियन तब से एक नियमित और महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुका है।
नई दिल्ली विश्व पुस्तक मेले के थीम पवेलियन का शीर्षक ‘भारतीय सैन्य इतिहास: शौर्य एवं प्रज्ञा 75’ है। स्वतंत्रता के बाद से भारतीय सेना, नौसेना और वायुसेना के साहस, बलिदान और राष्ट्र-निर्माण में उनकी भूमिका को सम्मानित करते हुए 1,000 वर्ग मीटर का यह खास मंडप तैयार किया गया है।
इस मंडप में 500 से अधिक पुस्तकें, चयनित प्रदर्शनी, पोस्टर, डॉक्यूमेंट्री और इंस्टॉलेशन प्रदर्शित किए गए हैं। मुख्य आकर्षणों में अर्जुन टैंक, आईएनएस विक्रांत और एलसीए तेजस की प्रतिकृतियां, 21 परमवीर चक्र विजेताओं को श्रद्धांजलि तथा बड़गाम 1947 से लेकर ऑपरेशन सिंदूर तक के प्रमुख युद्धों और सैन्य अभियानों पर सत्र शामिल हैं।
यह आयोजन राष्ट्रीय पुस्तक न्यास (एनबीटी), शिक्षा मंत्रालय के तत्वावधान में आयोजित किया जा रहा है। एनबीटी के अनुसार नौ दिन तक चलने वाले इस पुस्तक मेले में 35 से अधिक देशों के 1000 से अधिक प्रकाशकों के 3000 से ज्यादा स्टॉल लगे हैं।
--आईएएनएस
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