नायब सैनी की पगड़ी पर भड़के लालजीत भुल्लर, बोले–दिखावे में नहीं आएंगे पंजाब के लोग
चंडीगढ़, 3 मार्च (आईएएनएस)। पंजाब के कैबिनेट मंत्री लालजीत सिंह भुल्लर ने हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी द्वारा बजट पेश करते समय भगवा पगड़ी पहनने पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि जब सैनी साहब पंजाब आते हैं तो पगड़ी पहन लेते हैं, लेकिन हरियाणा में होते हैं तो उतार देते हैं।
भुल्लर ने तंज कसते हुए कहा कि अगर पगड़ी पहननी है तो पक्की नीयत से पहनें, सिर्फ दिखावे के लिए नहीं। उन्होंने कहा कि पंजाब के लोग बहुत समझदार और सयाने हैं, वे ऐसे दिखावे में आने वाले नहीं हैं। उनके मुताबिक यह सिर्फ एक राजनीतिक ढोंग है और पंजाब की जनता को अच्छी तरह समझ है कि कौन सच्चा है और कौन सिर्फ माहौल बनाने की कोशिश कर रहा है।
14 मार्च को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के दौरे को लेकर भी भुल्लर ने अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि अमित शाह आएं या प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आएं, वे देश के बड़े नेता हैं और उनका स्वागत है, लेकिन पंजाब का जो हक बनता है, वह जरूर मिलना चाहिए।
उन्होंने कहा कि रूरल डेवलपमेंट फंड, नेशनल हेल्थ मिशन के पैसे, मंडी बोर्ड का हिस्सा और नेशनल हाईवे से जुड़े फंड– ये सब पंजाब का अधिकार हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि ये फंड रोके गए हैं और अब समय आ गया है कि केंद्र सरकार साफ बताए कि पंजाब का बकाया कब दिया जाएगा।
भुल्लर ने चंडीगढ़ के मुद्दे को भी उठाया। उन्होंने कहा कि चंडीगढ़ पर पंजाब का हक है, लेकिन वहां डेप्यूटेशन पर आने वाले कर्मचारियों और भर्तियों में भी पंजाब का हिस्सा कम कर दिया गया। पहले अगर सौ कर्मचारी भर्ती होते थे तो 60 प्रतिशत पंजाब से होते थे, लेकिन अब वह भी कम कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि पंजाब को उसका हक मिलना चाहिए और चंडीगढ़ का मुद्दा भी सुलझाया जाना चाहिए।
मिडिल ईस्ट में चल रहे तनाव पर बोलते हुए भुल्लर ने कहा कि पंजाब सरकार और मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान लगातार हालात पर नजर रखे हुए हैं। उन्होंने कहा कि विदेशों में रह रहे पंजाबी भाइयों-बहनों की सुरक्षा सरकार की प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री लगातार भारतीय दूतावासों और संबंधित अधिकारियों के संपर्क में हैं।
भुल्लर ने कहा कि दो व्यक्तियों के बीच झगड़ा भी बुरा होता है, लेकिन जब देशों के बीच लड़ाई होती है तो नुकसान बहुत बड़ा होता है। उन्होंने अपील की कि अमेरिका और अन्य देश बैठकर इस मसले का हल निकालें, ताकि हालात सामान्य हों और लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
एआई समिट के दौरान प्रदर्शन के मुद्दे पर भी भुल्लर ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि भारत लोकतंत्र का देश है, लेकिन जब से भाजपा की सरकार आई है, लोकतंत्र को दबाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी नेताओं को काम करने देने की बजाय उन पर दबाव बनाया गया। उन्होंने कहा कि अगर काम करके दिखाया जाए तो विरोध की आवाज को दबाने की जरूरत नहीं पड़ती।
भुल्लर ने कहा कि आम आदमी पार्टी के नेताओं जैसे अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया और सत्येंद्र जैन के खिलाफ कार्रवाई कर उन्हें लंबे समय तक जेल में रखा गया। उनका कहना है कि इससे दिल्ली के लोगों का नुकसान हुआ, क्योंकि जिन नेताओं को जनता ने काम के लिए चुना था, वे जेल में रहे। उन्होंने कहा कि राजनीति में मतभेद हो सकते हैं, लेकिन लोकतांत्रिक तरीके से काम होना चाहिए, न कि विरोधियों को दबाकर।
--आईएएनएस
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