धरने पर बैठे झारखंड सरकार से नाराज छात्र बोले-'नौकरी तो बेच ही दी, अब जान भी ले लीजिए'
रांची, 14 अगस्त (आईएएनएस)। झारखंड में जेपीएससी-जेएसएससी परीक्षाओं में अनियमितताओं के खिलाफ छात्रों का आंदोलन शुक्रवार को लगातार 21वें दिन भी जारी है। छात्र जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में डटे हुए हैं और परीक्षा रद्द करने, सीबीआई जांच और भर्ती प्रक्रिया में सुधार की मांग कर रहे हैं। छात्रों का कहना है कि सरकार क्या चाहती है? अनशन पर बैठे झारखंड के छात्र ऐसे ही तड़प-तड़पकर मर जाएं।
छात्रों का कहना है कि पिछले 21 दिनों से वे शांतिपूर्ण तरीके से विरोध कर रहे हैं लेकिन सरकार उनकी मांगों को गंभीरता से नहीं ले रही। सरकार से लगातार बातचीत चल रही है, लेकिन जब तक मांगे पूरी नहीं होतीं, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। यदि जल्द से जल्द मांगे पूरी नहीं हुई तो पूरे देश से छात्र यहां जुटेंगे और सरकार को एक भयावह स्वरूप देखने को मिलेगा।
आंदोलन में शामिल एक छात्र ने आईएएनएस से बात करते हुए बताया कि आज उनकी भूख हड़ताल का 10वां दिन है। उन्होंने कहा, "सेहत लगातार बिगड़ रही है। मेरी हालत काफी खराब हो गई थी, खासकर छठे दिन। मुझे तुरंत सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां मेडिकल टीम ने मेरी जांच की। थोड़ा बेहतर महसूस करने के बाद, मैं 10 अगस्त को विधानसभा के विरोध प्रदर्शन में शामिल होने गया। मुझे अस्पताल से छुट्टी नहीं मिली थी, लेकिन फिर भी मैं वहां से निकलकर विरोध प्रदर्शन में शामिल हुआ।"
उन्होंने कहा, "सरकार क्या चाहती है? झारखंड के बच्चे जो अनशन पर बैठे हैं वो ऐसे भी तड़प-तड़प के मर जाएं। नौकरी तो आप लोगों ने पहले ही बेच दी हैं। सब तो लूट लिए हैं, अब जान भी ले लीजिए।"
छात्र नेता रवींद्र कुमार पासवान ने कहा, "आज 21वां दिन है। यह हमारा अनिश्चितकालीन विरोध प्रदर्शन है, इसलिए यह जारी रहेगा। कल 15 अगस्त है, इसलिए हम कल की तैयारी करेंगे। हम एक भव्य तिरंगा यात्रा निकालेंगे। यह तिरंगा यात्रा सरकार को दिखाएगी कि हम सभी छात्रों में देश के प्रति प्रेम और राष्ट्रवाद की भावना है,"
झारखंड सरकार की मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की के छात्रों के प्रतिनिधिमंडल में शामिल लोगों को छात्र न बताने पर भी पासवान ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, "मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने दो ऐसे बयान दिए हैं जो मुझे नहीं लगता कि उनके जैसी युवा और शिक्षित मंत्री को देने चाहिए। बिना जांचे-परखे, बिना सोचे-समझे ऐसे बयान देकर आप जानबूझकर या अनजाने में यह दिखा रही हैं कि आप अपने पद को गंभीरता से नहीं ले रही हैं।"
एक अन्य प्रदर्शनकारी ने कहा, "दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान क्या वहां सभी नीट छात्र थे? क्या वहां उनके कोई अभिभावक थे? उसी तरह, यहां विरोध करने वाले भी छात्र हैं। शिल्पी नेहा तिर्की का बयान उन पर शोभा नहीं देता।"
--आईएएनएस
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