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देश के कई राज्यों में कुदरत का कहर: यूपी के 26 जिलों में बाढ़ का संकट, बिहार में फ्लोटिंग अस्पताल शुरू और मुंबई में भरा पानी

देश के कई राज्यों में कुदरत का कहर: यूपी के 26 जिलों में बाढ़ का संकट, बिहार में फ्लोटिंग अस्पताल शुरू और मुंबई में भरा पानी

देश के कई हिस्सों में मानसून एक बार फिर सक्रिय है। लगातार हो रही बारिश के कारण उत्तर प्रदेश, बिहार, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, राजस्थान, उत्तराखंड और पंजाब समेत कई राज्यों में हालात बिगड़ गए हैं। कहीं नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं, तो कहीं सड़कों और रिहायशी इलाकों में पानी भर गया है। कई जगहों पर बाढ़ के कारण बड़ी आबादी प्रभावित हुई है।

यूपी में 26 जिले बाढ़ की चपेट में

उत्तर प्रदेश में लगातार हो रही मानसूनी बारिश के कारण गंगा, घाघरा और सरयू समेत कई नदियों का जलस्तर बढ़ गया है। राज्य के 26 जिलों में बाढ़ जैसे हालात बने हुए हैं और करीब 4 लाख लोग प्रभावित बताए जा रहे हैं।पीलीभीत में शारदा नदी का कटान तेज हो गया है। नदी के तेज बहाव की वजह से किनारे पर बने मकानों और पेड़ों को नुकसान पहुंच रहा है। वहीं बाराबंकी में सरयू नदी का जलस्तर बढ़ने से नदी के किनारे बनी एक मस्जिद का हिस्सा भी खतरे में आ गया है।चंदौली में भी बारिश और बढ़ते जलस्तर का असर देखने को मिल रहा है। यहां 6 डैम ओवरफ्लो हो चुके हैं, जिससे आसपास के इलाकों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है।

बिहार में 44 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित

बिहार में भी कई जिलों में बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी हुई है। राज्य के 14 जिलों के करीब 2,360 गांवों में 44 लाख की आबादी बाढ़ के पानी से प्रभावित है। प्रदेश की कई नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं।

खगड़िया में बाढ़ प्रभावित लोगों तक इलाज पहुंचाने के लिए फ्लोटिंग अस्पताल का सहारा लिया जा रहा है। नाव पर जरूरी चिकित्सा सुविधाओं के साथ डॉक्टर और स्वास्थ्यकर्मी बाढ़ प्रभावित इलाकों में पहुंच रहे हैं और मरीजों का इलाज कर रहे हैं।

हालांकि बिहार में बारिश की गतिविधि फिलहाल कमजोर पड़ती दिखाई दे रही है, लेकिन पहले से जमा पानी और नदियों के बढ़े जलस्तर के कारण कई इलाकों में बाढ़ का संकट अभी भी बना हुआ है।

मुंबई और वसई-विरार में भारी बारिश

महाराष्ट्र में मुंबई और वसई-विरार इलाके में भी लगातार बारिश हो रही है। रातभर हुई तेज बारिश के बाद कई सड़कों पर पानी भर गया।

मुंबई के सायन इलाके के प्रतीक्षा नगर में जलभराव देखने को मिला। वहीं छत्रपति शिवाजी महाराज इंटरनेशनल एयरपोर्ट के आसपास भी बारिश का पानी जमा हो गया, जिससे लोगों को आवाजाही में परेशानी का सामना करना पड़ा।

ठाणे में भी बारिश को लेकर मौसम विभाग ने यलो अलर्ट जारी किया है।

मध्य प्रदेश में कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट

मध्य प्रदेश में भी मानसून सक्रिय बना हुआ है। इंदौर और उज्जैन संभाग समेत पश्चिमी हिस्सों में बारिश का दौर जारी है। इंदौर, धार, बड़वानी, रतलाम और भोपाल समेत कई इलाकों में तेज बारिश दर्ज की गई।

चित्रकूट में मंदाकिनी नदी का जलस्तर बढ़ गया है। नदी का पानी घाटों के ऊपर तक पहुंच गया है। मौसम विभाग ने राज्य के कई जिलों में भारी बारिश को लेकर अलर्ट जारी किया है।

राजस्थान में 29 जिलों में बारिश का अलर्ट

राजस्थान में भी मानसून का असर बना हुआ है। राज्य के 29 जिलों में तेज बारिश का यलो अलर्ट जारी किया गया है।

जयपुर, भरतपुर, कोटा और उदयपुर संभाग के कई इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश हुई। उदयपुर संभाग में कई जगहों पर करीब दो इंच तक बारिश दर्ज की गई। वहीं जोधपुर शहर और आसपास के इलाकों में भी लंबे समय बाद बारिश देखने को मिली।

डूंगरपुर में थोड़े समय की तेज बारिश के बाद सड़कों पर पानी बहने लगा, जिससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।

उत्तराखंड में भारी बारिश की संभावना

उत्तराखंड के भी कई जिलों में बारिश का दौर जारी है। बागेश्वर और पिथौरागढ़ में भारी बारिश को लेकर यलो अलर्ट जारी किया गया है। बागेश्वर में सुबह से ही तेज बारिश देखने को मिली।

हरिद्वार और ऊधम सिंह नगर में कुछ जगहों पर आकाशीय बिजली गिरने की आशंका भी जताई गई है। पहाड़ी इलाकों में लगातार बारिश के कारण भूस्खलन और सड़क बाधित होने का खतरा भी बना हुआ है।

हिमाचल में मानसून कमजोर

हिमाचल प्रदेश में फिलहाल मानसून कमजोर पड़ता दिखाई दे रहा है। मौसम विभाग के मुताबिक अगले कुछ दिनों तक प्रदेश में मौसम सामान्य रहने की संभावना है। फिलहाल भारी बारिश को लेकर कोई बड़ा अलर्ट जारी नहीं किया गया है।

हालांकि पहाड़ी इलाकों में पहले हुई बारिश के कारण कई जगहों पर भूस्खलन और पेड़ गिरने की घटनाएं सामने आई हैं। शिमला के जंगल में जमीन खिसकने के कारण कई देवदार के पेड़ गिर गए।

पंजाब और हरियाणा में फिर बढ़ेगी बारिश

पंजाब में 13 सितंबर से मानसून के फिर सक्रिय होने की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग के मुताबिक अगले कुछ दिनों तक राज्य के कई इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ कुछ जगहों पर भारी बारिश हो सकती है। चंडीगढ़ में भी बादल छाए रहने और बारिश का अनुमान है।

हरियाणा में भी 13 से 18 सितंबर तक बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। इस दौरान कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश के साथ गरज-चमक हो सकती है। खासकर 16 और 17 सितंबर को कई इलाकों में बारिश बढ़ने का अनुमान है।

कई राज्यों में जलभराव से बढ़ी परेशानी

लगातार बारिश का असर सिर्फ नदियों के बढ़ते जलस्तर तक सीमित नहीं है। कई शहरों में सड़कों, कॉलोनियों और निचले इलाकों में पानी भर गया है। इससे यातायात प्रभावित हुआ है और लोगों को रोजमर्रा के कामों के लिए भी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।

देश के अलग-अलग हिस्सों से सामने आ रही तस्वीरों में कहीं सड़कें पानी में डूबी नजर आ रही हैं, तो कहीं नदियां अपने किनारों से बाहर बह रही हैं। प्रशासन और राहत टीमें बाढ़ प्रभावित इलाकों पर नजर बनाए हुए हैं।

फिलहाल सबसे ज्यादा चिंता उत्तर प्रदेश और बिहार के बाढ़ प्रभावित इलाकों को लेकर है, जहां लाखों लोग प्रभावित हैं। वहीं महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश और राजस्थान समेत कई राज्यों में आने वाले दिनों में बारिश बढ़ने की संभावना के कारण प्रशासन और लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है।

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