Samachar Nama
×

नेचुरल पेन किलर है लौंग, दांत दर्द से माइग्रेन तक में कारगर

नई दिल्ली, 11 जनवरी (आईएएनएस)। दांत में तेज दर्द हो या माइग्रेन का असहनीय सिरदर्द, जब ये शुरू होते हैं तो इंसान परेशान हो जाता है। कई बार सामान्य दवाइयां भी राहत नहीं दे पातीं। ऐसे में आयुर्वेद एक आसान और कारगर उपाय बताता है लौंग। इसे प्राकृतिक पेन किलर माना जाता है। लौंग के औषधीय गुण दर्द को जल्दी शांत करते हैं और बिना साइड इफेक्ट के आराम देते हैं।
नेचुरल पेन किलर है लौंग, दांत दर्द से माइग्रेन तक में कारगर

नई दिल्ली, 11 जनवरी (आईएएनएस)। दांत में तेज दर्द हो या माइग्रेन का असहनीय सिरदर्द, जब ये शुरू होते हैं तो इंसान परेशान हो जाता है। कई बार सामान्य दवाइयां भी राहत नहीं दे पातीं। ऐसे में आयुर्वेद एक आसान और कारगर उपाय बताता है लौंग। इसे प्राकृतिक पेन किलर माना जाता है। लौंग के औषधीय गुण दर्द को जल्दी शांत करते हैं और बिना साइड इफेक्ट के आराम देते हैं।

लौंग दांत दर्द, माइग्रेन, खांसी, जुकाम और पेट दर्द जैसी परेशानियों में महंगी दवाओं के बजाय घरेलू नुस्खे आजमाना बेहतर है। भारत सरकार का आयुष मंत्रालय नेचुरल पेन किलर लौंग को बेहद कारगर बताता है, जो कई तरह के दर्द और बीमारियों में कारगर साबित होती है।

आयुर्वेद में लौंग को 'औषधि रत्न' माना गया है। रसोई में पाए जाने वाले मसाले में कई शक्तिशाली गुण छिपे हैं। दांत दर्द में लौंग का तेल रुई में भिगोकर दांत के गड्ढे में रखने से तुरंत राहत मिलती है और कीड़े भी मर जाते हैं। माइग्रेन या सिर दर्द में लौंग का लेप माथे पर लगाने से आराम मिलता है।

आमवात, कमर दर्द या जोड़ों के दर्द में लौंग के तेल से हल्की मालिश करना फायदेमंद है। लौंग मुंह और गले की समस्याओं में भी रामबाण है। इसे चूसने से मुंह की दुर्गंध दूर होती है और गले की खराश में राहत मिलती है।

यही नहीं, लौंग पेट दर्द, गैस या अपच की शिकायत हो तो लौंग का रस या चाय पीने से फायदा होता है। यह पाचन तंत्र को मजबूत करती है, भूख बढ़ाती है और जठराग्नि (पाचन अग्नि) को ठीक रखती है। सर्दियों में खांसी, जुकाम, श्वास की तकलीफ और हिचकी में भी लौंग बहुत असरदार है। यह कफ और पित्त दोष को शांत करती है। लौंग रक्त, मांसपेशियों, नसों और श्वसन तंत्र को मजबूती देती है। साथ ही यह रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाती है, क्योंकि इससे शरीर में श्वेत रक्त कणों (वाइट ब्लड सेल्स) की संख्या बढ़ती है।

लौंग की तासीर गर्म होती है, इसलिए इसका इस्तेमाल सही मात्रा में करना जरूरी है। ज्यादा मात्रा में लेने से गर्मी, सूजन या पित्त बढ़ सकता है। जिन्हें पहले से गर्मी या एसिडिटी की समस्या हो, उन्हें सावधानी बरतनी चाहिए।

रसोई में मौजूद यह छोटा सा मसाला न सिर्फ खाने का स्वाद बढ़ाता है, बल्कि कई बीमारियों से बचाव और इलाज भी करता है, हालांकि लौंग का सेवन शुरू करने से पहले विशेष परिस्थितियों में डॉक्टर से सलाह जरूर लें।

--आईएएनएस

एमटी/वीसी

Share this story

Tags