नासिक में गणेशोत्सव पर पर्यावरण का ख्याल, कृत्रिम तालाबों में होगा बप्पा का विसर्जन: मेयर
नासिक, 11 सितंबर (आईएएनएस)। गणेशोत्सव सिर्फ आस्था का पर्व नहीं है, बल्कि यह नासिक की सांस्कृतिक पहचान का भी अहम हिस्सा है। इसी को ध्यान में रखते हुए नासिक महानगरपालिका ने इस बार सार्वजनिक गणेश मंडलों के उत्साह को बढ़ाने के लिए 6 लाख रुपए से अधिक के पुरस्कारों की घोषणा की है। इसके साथ ही पर्यावरण संरक्षण, ट्रैफिक प्रबंधन और सुरक्षा को लेकर भी व्यापक इंतजाम किए जा रहे हैं। खास बात यह है कि इन तैयारियों में आगामी कुंभ पर्व की झलक भी दिखाई देगी।
नासिक की मेयर हिमगौरी आहेर ने बताया कि सार्वजनिक गणेशोत्सव मंडलों के साथ हुई बैठक में कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए। उन्होंने कहा कि पिछले करीब चार वर्षों के प्रशासकीय कार्यकाल के दौरान पुरस्कारों की परंपरा बंद हो गई थी, जिसे अब दोबारा शुरू किया गया है। गणेश मंडलों के बीच प्रतियोगिता के लिए कुंभ थीम पर आधारित पुरस्कार भी रखे गए हैं।
गणेश विसर्जन के दौरान पर्यावरण को ध्यान में रखते हुए महानगरपालिका ने कृत्रिम तालाब और विसर्जन कुंड तैयार करने की योजना बनाई है। नदी घाटों और रामकुंड क्षेत्र में चल रहे कार्यों के कारण सभी मंडलों और नागरिकों के लिए वहां पहुंचना आसान नहीं हो सकता। ऐसे में शाडू मिट्टी और बड़ी गणेश प्रतिमाओं के विसर्जन के लिए वैकल्पिक व्यवस्था उपलब्ध कराई जाएगी। इसके अलावा, मूर्ति संकलन की व्यवस्था भी की जाएगी। विसर्जन स्थलों पर सुरक्षा रक्षक तैनात किए जाएंगे और संवेदनशील स्थानों पर पुलिस की मौजूदगी रहेगी।
ट्रैफिक को नियंत्रित करने के लिए बैरिकेडिंग, वैकल्पिक मार्गों के नक्शे और दिशा-सूचक होर्डिंग लगाए जाएंगे। मंडलों को यह भी बताया जाएगा कि किस क्षेत्र से जुड़े लोग किस स्थान पर विसर्जन कर सकेंगे। डीजे और ध्वनि व्यवस्था में ध्वनि प्रदूषण से जुड़े नियमों का पालन सुनिश्चित करने की बात भी मेयर ने कही।
मेयर ने कहा कि नासिक में हर महीने बड़ी संख्या में नए वाहन जुड़ रहे हैं। शहर के शिक्षा केंद्र होने के कारण दोपहिया वाहनों की संख्या भी काफी है। बढ़ती आबादी और वाहनों के दबाव को देखते हुए मौजूदा सड़कों के साथ वैकल्पिक मार्ग विकसित करना जरूरी हो गया है। इसी दिशा में राइट बैंक कैनाल के समानांतर गंगापुर रोड विकसित करने की योजना को मंजूरी मिली है। करीब 7.5 किलोमीटर की मांग के मुकाबले लगभग 5 किलोमीटर के मार्ग को मंजूरी मिली है।
नासिक के अपेक्षाकृत कम विकसित हिस्सों में कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए लेफ्ट बैंक कैनाल को लेकर भी योजना बनाई गई है। मेयर के मुताबिक, किसानों और स्थानीय लोगों से मिले सुझावों के आधार पर रिंग रोड से रिंग रोड कनेक्टिविटी के लिए इस विकल्प पर काम किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि यह प्रोजेक्ट साबरमती रिवरफ्रंट की तर्ज पर विकसित करने की योजना है। इसके जरिए शहर की कनेक्टिविटी के साथ-साथ सौंदर्यीकरण और हरित क्षेत्र विकसित करने पर भी जोर दिया जाएगा।
आहेर ने कहा कि नासिक के विकास की योजना में मोबिलिटी और कॉम्प्रिहेंसिव मोबिलिटी प्लान को महत्वपूर्ण स्थान दिया गया है। मेट्रो परियोजना के साथ सड़क नेटवर्क को भी मजबूत किया जा रहा है। वडाला-पाथर्डी रोड सहित अन्य मार्गों को विकसित करने की योजनाओं का भी उन्होंने उल्लेख किया। नासिक को आने वाले समय में सुंदर, हरित और बेहतर कनेक्टिविटी वाले शहर के रूप में विकसित करने की दिशा में काम हो रहा है। गणेशोत्सव की तैयारियों से लेकर कुंभ की व्यापक योजना तक महानगरपालिका, प्रशासन और जनप्रतिनिधि समन्वय के साथ काम कर रहे हैं।
उन्होंने नासिक के नागरिकों से त्योहारों को पर्यावरण अनुकूल तरीके से मनाने और शहर के विकास के लिए अपने सुझाव देने की अपील की। आहेर ने कहा कि नासिक के विकास की इस यात्रा में नागरिकों की भागीदारी भी उतनी ही महत्वपूर्ण है।
--आईएएनएस
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