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नासिक: टीसीएस जबरन धर्मांतरण एवं अत्याचार प्रकरण में तीन आरोपियों की जमानत अर्जी खारिज

नासिक: टीसीएस जबरन धर्मांतरण एवं अत्याचार प्रकरण में तीन आरोपियों की जमानत अर्जी खारिज
नासिक: टीसीएस जबरन धर्मांतरण एवं अत्याचार प्रकरण में तीन आरोपियों की जमानत अर्जी खारिज

नासिक, 4 जुलाई (आईएएनएस)। महाराष्ट्र के नासिक में स्थित बहुचर्चित टीसीएस कंपनी से जुड़े कथित जबरन धर्मांतरण एवं अत्याचार प्रकरण में जिला एवं सत्र न्यायालय ने आरोपी रजा मेमन, शाहरुख कुरैशी और अश्विनी चेनानी की जमानत याचिकाएं खारिज कर दी हैं।

इन तीनों आरोपियों की जमानत अर्जी इससे पहले भी निचली अदालत द्वारा खारिज की जा चुकी थी। न्यायालय ने आरोपों की गंभीरता तथा मामले की जांच की वर्तमान स्थिति को ध्यान में रखते हुए जमानत देने से इनकार किया।

वहीं, इस मामले के अन्य आरोपी निदा खान, दानिश शेख और तौसीफ अत्तार की जमानत याचिकाओं पर अब 6 जुलाई को सुनवाई होगी। इस बीच, बचाव पक्ष के वकीलों ने संकेत दिए हैं कि जिन आरोपियों की जमानत याचिकाएं खारिज हुई हैं, उनकी ओर से अब उच्च न्यायालय में जमानत के लिए याचिका दायर की जाएगी।

बता दें कि यह पूरा विवाद उस वक्त शुरू हुआ जब नासिक स्थित टीसीएस कार्यालय में कार्यरत एक महिला कर्मचारी ने अपने सहकर्मी दानिश शेख के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। शिकायतकर्ता का आरोप है कि दानिश शेख ने पहले से विवाहित होने के बावजूद शादी का झांसा देकर उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए।

जांच आगे बढ़ने पर कई अन्य महिलाओं ने भी नासिक शाखा के वरिष्ठ कर्मचारियों पर उत्पीड़न के आरोप लगाए। महिलाओं का कहना है कि फरवरी 2022 से मार्च 2026 के बीच उन्हें मानसिक और यौन उत्पीड़न का सामना करना पड़ा, लेकिन उनकी शिकायतों को मानव संसाधन विभाग ने नजरअंदाज कर दिया।

इस मामले में दो चार्ज चार्जशीट दाखिल हो चुकी हैं। एसआईटी ने 29 मई को अदालत में दूसरा आरोपपत्र दायर किया था। अधिकारियों ने बताया कि आरोपपत्र मुंबई नाका पुलिस स्टेशन में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं के तहत दर्ज आठ एफआईआर से संबंधित है। आरोपपत्र में रजा रफीक मेमन, शाहरुख हुसैन शौकत कुरैशी, अश्विनी अशोक चैनानी, तौसीफ बिलाल अत्तार, शफी भीखन शेख, दानिश एजाज शेख, निदा एजाज खान और अन्य शामिल हैं।

इससे पहले, 22 मई को एसआईटी ने देवलाली कैंप पुलिस स्टेशन में बीएनएस और अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम की धाराओं के तहत दर्ज एक अलग मामले में 1,500 पृष्ठों की आरोपपत्र दायर की थी। उस आरोप पत्र में दानिश एजाज शेख, तौसीफ बिलाल अत्तार, निदा एजाज खान और मतीन मजीद पटेल को आरोपी बनाया गया था।

--आईएएनएस

ओपी/डीकेपी

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