Samachar Nama
×

'नशामुक्त बिहार' अभियान गांव-गांव और घर-घर तक पहुंचाना है: सीएम सम्राट चौधरी

'नशामुक्त बिहार' अभियान गांव-गांव और घर-घर तक पहुंचाना है: सीएम सम्राट चौधरी
'नशामुक्त बिहार' अभियान गांव-गांव और घर-घर तक पहुंचाना है: सीएम सम्राट चौधरी

पटना, 27 अक्टूबर (आईएएनएस)। बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मंगलवार को राज्यव्यापी ‘नशामुक्त बिहार अभियान’ का शुभारंभ करते हुए कहा कि इस अभियान को गांव-गांव और घर-घर तक पहुंचाना है। उन्होंने युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए व्यापक जन-जागरूकता अभियान चलाने और नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने का निर्देश दिया। यह अभियान 27 अक्टूबर से 26 नवंबर तक राज्यभर में चलाया जाएगा।

पटना में मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग की ओर से आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने दीप प्रज्वलित कर अभियान की शुरुआत की। इस अवसर पर उन्होंने नशामुक्ति के लिए व्हाट्सऐप चैटबोट और हेल्पलाइन का शुभारंभ किया। साथ ही, जन-जागरूकता वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। ये वाहन अगले एक महीने तक बिहार के विभिन्न जिलों में ऑडियो-विजुअल माध्यम से लोगों को नशे के दुष्परिणामों और नशामुक्त जीवन के लाभों के प्रति जागरूक करेंगे।

सीएम सम्राट चौधरी ने कार्यक्रम में उपस्थित लोगों और वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े विभिन्न जिलों के पदाधिकारियों एवं आम नागरिकों को नशीले पदार्थों का सेवन नहीं करने, दूसरों को नशे से दूर रहने के लिए जागरूक करने, नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार को रोकने और बिहार को नशामुक्त बनाने में सक्रिय योगदान देने की शपथ दिलाई। उन्होंने अभियान को जनभागीदारी से व्यापक स्तर पर चलाने की अपील की।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के संकल्प और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के वर्ष 2029 तक देश को नशामुक्त बनाने के लक्ष्य की दिशा में यह अभियान महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उन्होंने वर्ष 2016 में शराबबंदी लागू करने के लिए पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की सराहना करते हुए कहा कि शराबबंदी को प्रभावी बनाए रखने के साथ अब सभी प्रकार के नशीले पदार्थों के खिलाफ भी व्यापक अभियान चलाने की आवश्यकता है।

उन्होंने कहा कि नशामुक्त, स्वस्थ और उज्ज्वल बिहार का निर्माण तभी संभव है, जब समाज के सभी वर्ग इस अभियान से जुड़ें। इसके लिए जीविका की लगभग 1.81 करोड़ दीदियों, छात्र-छात्राओं, सामाजिक संगठनों और आम नागरिकों की भागीदारी सुनिश्चित की जानी चाहिए। शहरी क्षेत्रों में व्यापक प्रचार-प्रसार के साथ ग्रामीण इलाकों में नुक्कड़ नाटक, चौपाल और पंचायत स्तर पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

मुख्यमंत्री ने सूखे नशे के बढ़ते प्रचलन पर चिंता जताते हुए बताया कि बिहार में चरस की जब्ती वर्ष 2024 में 282 किलोग्राम थी, जो 2025 में बढ़कर 400 किलोग्राम हो गई। इसी तरह हेरोइन की जब्ती 42 किलोग्राम से बढ़कर 65 किलोग्राम पहुंच गई। वर्ष 2025 में 77 किलोग्राम अफीम भी जब्त की गई। उन्होंने संबंधित जिलों में विशेष अभियान चलाने और तस्करी के नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल का निर्देश दिया।

मुख्यमंत्री ने बताया कि नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार के खिलाफ करीब 1,700 मामले दर्ज किए गए हैं। इनके निपटारे के लिए कई जिलों में विशेष न्यायालयों की व्यवस्था की गई है। उन्होंने पुलिस और मद्य निषेध विभाग के अधिकारियों से प्रभावी निगरानी और कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा। कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव, मंत्री मदन सहनी, संजय सिंह टाइगर, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, पुलिस महानिदेशक प्रीता वर्मा सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

--आईएएनएस

एमएनपी/डीकेपी

Share this story

Tags