'नशा मुक्त युवा-विकसित भारत' अभियान को जनभवन से मिली रफ्तार, राज्यपाल ने भी की पहल
लखनऊ, 2 अगस्त (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू किए गए 'नशा मुक्त युवा-विकसित भारत' राष्ट्रव्यापी अभियान को उत्तर प्रदेश में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल की पहल से नई गति मिली है। जनभवन में रविवार को प्रधानमंत्री के अभियान शुभारंभ कार्यक्रम का सीधा प्रसारण किया गया। इसके साथ ही युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों से जागरूक करने और जनभागीदारी बढ़ाने के उद्देश्य से राज्यभर में विभिन्न जनजागरूकता गतिविधियों को और तेज करने का संदेश दिया गया।
राज्यपाल आनंदीबेन पटेल की प्रेरणा से जनभवन में आयोजित कार्यक्रम में अधिकारियों और कर्मचारियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संबोधन का सजीव प्रसारण देखा। यह अभियान प्रधानमंत्री के 'विकसित भारत-2047' और 'नशा मुक्त भारत' के संकल्प को साकार करने की दिशा में शुरू किया गया है।
भारत सरकार के युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय की पहल पर 'माय भारत' के माध्यम से 16 जुलाई से 15 अगस्त 2026 तक देशभर के विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में 'विकसित भारत युवा कनेक्ट कार्यक्रम' का आयोजन 'नशा मुक्त युवा-विकसित भारत' थीम पर किया जा रहा है।
इसी क्रम में राज्यपाल की प्रेरणा से जनभवन में 26 जुलाई से 18 अगस्त तक विशेष नशा मुक्ति जनजागरूकता अभियान संचालित किया जा रहा है। अभियान के तहत प्रभात फेरियां, जागरूकता रैलियां, नशा मुक्ति सेमिनार और संवाद कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।
नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) और एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ) के सहयोग से नशे के दुष्प्रभावों पर विशेष जागरूकता कार्यक्रम भी आयोजित किए गए हैं। आगामी दिनों में नशा प्रभावित क्षेत्रों में साइकिल जनजागरूकता रैली, शिक्षण संस्थानों के विद्यार्थियों की रैलियां, नुक्कड़ नाटक, चित्रकला एवं स्लोगन प्रतियोगिताएं, प्रदर्शनी, शपथ ग्रहण, नशा मुक्ति यज्ञ और स्वतंत्रता दिवस पर विशेष शपथ कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
इन कार्यक्रमों में लखनऊ पुलिस, एनसीबी, एएनटीएफ, जनभवन के अधिकारी-कर्मचारी और विभिन्न शिक्षण संस्थानों के विद्यार्थी भी भाग लेंगे।
प्रधानमंत्री द्वारा शुरू किए गए इस अभियान का उद्देश्य युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक कर स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करना है। अभियान के तहत अगले 100 सप्ताह तक प्रत्येक रविवार देशभर में जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, ताकि नशा मुक्ति को जनआंदोलन का स्वरूप दिया जा सके।
अभियान में 'माय भारत', राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस), विद्यालयों, महाविद्यालयों, विश्वविद्यालयों, युवा क्लबों, स्वयंसेवी संस्थाओं और आध्यात्मिक संगठनों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी, जिससे नशामुक्त भारत के संकल्प को जन-जन तक प्रभावी ढंग से पहुंचाया जा सके।
--आईएएनएस
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