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नरेंद्र मोदी देश के पहले प्रधानमंत्री जिनकी मंदिरों में आस्था, रविंद्र पुरी ने की सराहना

प्रयागराज, 5 जनवरी (आईएएनएस)। माघ माह के शुरुआत से ही माघ मेले का आरंभ हुआ और अब सनातन परंपरा, आस्था एवं सांस्कृतिक चेतना को जागृत करने वाली पंचकोसी परिक्रमा का आगाज भी हो गया है, जहां त्रिवेणी तट पर कई अखाड़ों के साधू-संतों को पूजन करते हुए देखा गया।
नरेंद्र मोदी देश के पहले प्रधानमंत्री जिनकी मंदिरों में आस्था, रविंद्र पुरी ने की सराहना

प्रयागराज, 5 जनवरी (आईएएनएस)। माघ माह के शुरुआत से ही माघ मेले का आरंभ हुआ और अब सनातन परंपरा, आस्था एवं सांस्कृतिक चेतना को जागृत करने वाली पंचकोसी परिक्रमा का आगाज भी हो गया है, जहां त्रिवेणी तट पर कई अखाड़ों के साधू-संतों को पूजन करते हुए देखा गया।

इसी क्रम में अखाड़ा परिषद के संतों ने सोमनाथ मंदिर पर हमले के 1000 साल पूरे होने पर अपनी राय रखी और सुविधाजनक इंतजाम के लिए प्रदेश सरकार का धन्यवाद भी दिया है।

अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष रविंद्र पुरी ने आईएएनएस से खास बातचीत में कहा कि जूना अखाड़ा हजारों संतों के साथ यहां आया है। हम भी पवित्र स्नान करने आए हैं और आज ऐसा करेंगे। हमारा इरादा पूरे महीने चलने वाले इस अनुष्ठान का पालन करने का है। पहले हम सभी कुंभ में यहां स्नान के लिए आए थे और अब लग रहा है कि ये मिनी कुंभ हो रहा है। प्रशासन ने भी मेले और पंचकोसी परिक्रमा की पूरी तैयारी कर ली है और श्रद्धालुओं के लिए हर तरह के इंतजाम किए गए हैं।

सोमनाथ मंदिर पर हमले के 1000 साल पूरे होने पर उन्होंने कहा कि हमारे पीएम नरेंद्र मोदी देश के पहले प्रधानमंत्री हैं जिनकी आस्था मंदिरों में है। वे भगवान शिव को अपना ईष्ट मानते हैं; सिर्फ सोमनाथ ही नहीं, बल्कि केदारनाथ में भी उनकी आस्था है। बांग्लादेश में हिंदुओं की घटना पर कहा है कि हमारे गृहमंत्री हमेशा सक्रिय हैं और पूरा ध्यान रख रहे हैं। बांग्लादेश में जो कुछ हिंदुओं के साथ घटना हो रही है, वह दुखद है, हम उसकी निंदा करते हैं।

काशी सुमेरु पीठ के जगद्गुरु शंकराचार्य नरेंद्रानंद सरस्वती ने कहा कि "पौष पूर्णिमा से अगले माघ पूर्णिमा तक, यह मेला पूरे एक महीने तक चलता है और कभी-कभी शिवरात्रि तक चलता है। परंपरागत रूप से, संत यहां गंगा की त्रिवेणी पूजा करने के लिए आते हैं। ये यात्रा सतयुग से शुरू हुई थी और आज भी ये परंपरा जारी है, ये मात्र परिक्रमा नहीं, बल्कि हिंदुओं की आस्था का प्रतीक है।"

उन्होंने आगे कहा कि नर्मदा और गंगा में स्नान करने से मन और तन की शुद्धता होती है और भगवत प्राप्ति का मार्ग भी प्रशस्त होता है। सोमनाथ मंदिर पर हमले के 1000 साल पूरे होने पर उन्होंने कहा कि कुछ कदाचारियों ने भारत के मंदिरों को लूटा और मंदिरों पर आक्रमण किया, लेकिन आज भी कुछ मंदिरों की दुर्दशा हो रखी है।

जूना अखाड़ा के संरक्षक हरि गिरि ने कहा कि "आज की पंचकोशी परिक्रमा एक प्राचीन परंपरा है, और ऐसा माना जाता है कि ये प्रथाएं सैकड़ों हजारों साल पुरानी हैं। जैसा कि आप जानते हैं, प्रारंभ में भगवान गणेश ने इन्हें संपन्न किया, जिसके बाद अन्य दिव्य अवतारों ने भी इन्हें संपन्न किया।" उन्होंने आगे सीएम योगी और राजनाथ सिंह का धन्यवाद दिया और कहा कि उनकी मेहनत के बाद से प्रयाग आज भी पवित्र है। पहले यहां मांस और अंडे बिकते थे, लेकिन सीएम योगी के फैसले से आज सब कुछ बिकना बंद हो गया है।

--आईएएनएस

पीएस/जीकेटी

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