नंदीग्राम में टीएमसी उम्मीदवार एहतेशामुल हक का अभियान शुरू, ममता बनर्जी पर ही साधा निशाना
नंदीग्राम, 25 सितंबर (आईएएनएस)। नंदीग्राम सीट पर होने वाले उपचुनाव में टीएमसी उम्मीदवार एहतेशामुल हक ने अपने चुनाव अभियान की शुरुआत की। उन्होंने स्थानीय लोगों और खासकर मुस्लिम समुदाय के लोगों से मुलाकात कर समर्थन मांगा। अभियान के दौरान उन्होंने प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और उनकी राजनीति पर भी निशाना साधा।
एहतेशामुल हक ने कहा कि अभियान की शुरुआत उन्होंने जुमे की नमाज अदा करने के बाद लोगों से दुआ लेकर की। इस दौरान मुस्लिम समुदाय के लोगों से मुलाकात हुई और लोगों ने उन्हें चुनाव में समर्थन देने का भरोसा दिलाया। उन्होंने अल्पसंख्यक समुदाय के मतदाताओं से वोट को विभाजित नहीं करने और उन्हें समर्थन देने की अपील की।
उन्होंने ममता बनर्जी पर मुस्लिम समुदाय का राजनीतिक इस्तेमाल करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि मुस्लिमों को बड़े-बड़े सपने दिखाए गए, लेकिन विकास के स्तर पर अपेक्षित काम नहीं हुआ। लंबे समय तक सत्ता में रहने के दौरान लोग खुलकर अपनी बात नहीं कह पाते थे, लेकिन अब लोग अपनी बात रखने में झिझक नहीं रहे हैं। पश्चिम बंगाल के लोगों ने ममता बनर्जी को अपने दिल से निकाल दिया है।
हक ने अपने बयान में विधानसभा में मुस्लिम उम्मीदवारों के प्रतिनिधित्व का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने दावा किया कि 2011 में कांग्रेस के साथ सत्ता में आने के समय 70 मुस्लिम उम्मीदवार थे, लेकिन 2016 में यह संख्या बढ़ने के बजाय घटकर 57 रह गई। इसके बाद यह संख्या बढ़ने के बजाय 42 तक पहुंच गई। मुस्लिम समुदाय का इस्तेमाल पार्टी का झंडा उठाने और पार्टी के पीछे चलने के लिए किया गया, लेकिन राजनीतिक नेतृत्व में पर्याप्त अवसर नहीं दिया गया।
टीएमसी उम्मीदवार ने कहा कि अब लोग जागरूक हो चुके हैं और राजनीति में किसी एक व्यक्ति का प्रभाव हमेशा नहीं चल सकता। बच्चों और युवाओं से प्यार से बात करनी चाहिए, लेकिन तानाशाही के तरीके से राजनीति नहीं चल सकती। उन्होंने स्थानीय नेताओं और क्षेत्र के लोगों से मिल रहे समर्थन का भी दावा किया। हक ने कहा कि वह लगातार लोगों से व्यक्तिगत रूप से मुलाकात कर रहे हैं और उन्हें चुनाव में समर्थन देने की बात कही जा रही है।
एहतेशामुल हक ने नंदीग्राम जैसी सीट से मुस्लिम उम्मीदवार बनाए जाने को अपने लिए बड़ी जिम्मेदारी बताया। उन्होंने कहा कि पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने उन पर भरोसा जताकर यह जिम्मेदारी दी है और वह मतदाताओं के बीच जाकर अपनी बात रखेंगे। उन्होंने सभी जाति, वर्ग और समुदाय के लोगों से समर्थन की अपील की। उन्होंने हिंदू, मुस्लिम, सिख और ईसाई समुदायों को देश की एकता का हिस्सा बताते हुए नफरत की दीवारों में देश को नहीं बांटने की अपील की।
--आईएएनएस
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