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नमो भारत को यात्री सेवाओं और संतुष्टि के लिए मिला राष्ट्रीय पुरस्कार, एनसीआरटीसी ने लगातार दूसरे साल जीता बेस्ट एग्जिबिटर अवॉर्ड

नमो भारत को यात्री सेवाओं और संतुष्टि के लिए मिला राष्ट्रीय पुरस्कार, एनसीआरटीसी ने लगातार दूसरे साल जीता बेस्ट एग्जिबिटर अवॉर्ड
नमो भारत को यात्री सेवाओं और संतुष्टि के लिए मिला राष्ट्रीय पुरस्कार, एनसीआरटीसी ने लगातार दूसरे साल जीता बेस्ट एग्जिबिटर अवॉर्ड

गाजियाबाद, 26 अक्टूबर (आईएएनएस)। दिल्ली-मेरठ नमो भारत कॉरिडोर ने यात्री सेवाओं और यात्रियों की संतुष्टि के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम (एनसीआरटीसी) को भुवनेश्वर में आयोजित 19वें अर्बन मोबिलिटी इंडिया (यूएमआई) कॉन्फ्रेंस एवं एक्सपो 2026 में ‘बेस्ट पैसेंजर सर्विसेज एंड सेटिस्फैक्शन’ पुरस्कार से सम्मानित किया गया। इसके साथ ही एनसीआरटीसी ने अपनी प्रदर्शनी के लिए भी प्रथम पुरस्कार हासिल किया।

खास बात यह है कि निगम ने लगातार दूसरे वर्ष यूएमआई में ‘बेस्ट एग्जिबिटर’ का पुरस्कार अपने नाम किया है। यह पुरस्कार केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य तथा विद्युत मंत्री मनोहर लाल ने एनसीआरटीसी के प्रबंध निदेशक शलभ गोयल को प्रदान किया। यह सम्मान नमो भारत कॉरिडोर की बढ़ती लोकप्रियता, बेहतर यात्री सुविधाओं और क्षेत्रीय परिवहन व्यवस्था को आधुनिक बनाने में इसके योगदान को दर्शाता है। दिल्ली-मेरठ नमो भारत कॉरिडोर का चरणबद्ध परिचालन अक्टूबर 2023 में शुरू हुआ था। इसके बाद से अब तक इस कॉरिडोर पर 4.8 करोड़ से अधिक यात्री यात्राएं दर्ज की जा चुकी हैं। वर्तमान में प्रतिदिन 1.1 लाख से अधिक यात्री नमो भारत की सेवाओं का लाभ उठा रहे हैं।

वहीं, कॉरिडोर पर एक दिन में सर्वाधिक 1.68 लाख से अधिक यात्रियों के सफर करने का रिकॉर्ड भी दर्ज किया गया है। ये आंकड़े बताते हैं कि दिल्ली, गाजियाबाद और मेरठ के बीच तेज और सुविधाजनक परिवहन के लिए नमो भारत लोगों की पसंद बन रही है। इस सेवा के माध्यम से नौकरी, शिक्षा, कारोबार और अन्य दैनिक कार्यों के लिए यात्रा करने वाले लोगों को कम समय में अपने गंतव्य तक पहुंचने का विकल्प मिल रहा है। हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी नमो भारत कॉरिडोर को सुशासन का एक मानक बताया था।

उन्होंने परियोजना के समयबद्ध क्रियान्वयन और 160 किलोमीटर प्रति घंटे की परिचालन गति की सराहना की थी। इसके अलावा, उन्होंने ट्रेन की 99.9 प्रतिशत समयबद्धता को भी उल्लेखनीय बताया था। नमो भारत ट्रेन में वातानुकूलित कोच, आधुनिक स्टेशन, समयबद्ध संचालन और सुविधाजनक इंटरचेंज जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं। इनसे यात्रियों का सफर अधिक आरामदायक और सुगम हुआ है। सड़क मार्ग पर लगने वाले जाम और खराब मौसम के कारण होने वाली देरी के मुकाबले यह सेवा लोगों को एक बेहतर परिवहन विकल्प उपलब्ध करा रही है। कॉरिडोर को मेट्रो, भारतीय रेलवे, अंतरराज्यीय बस टर्मिनलों और सिटी बस सेवाओं जैसे सार्वजनिक परिवहन नेटवर्क से जोड़ने पर भी विशेष ध्यान दिया गया है।

इससे यात्रियों को एक परिवहन माध्यम से दूसरे माध्यम में जाने में सुविधा मिलती है और उनकी पूरी यात्रा अधिक व्यवस्थित बनती है। इस परियोजना की एक खास विशेषता यह भी है कि नमो भारत के बुनियादी ढांचे पर स्थानीय मेरठ मेट्रो सेवाएं भी संचालित की जा रही हैं। इससे क्षेत्रीय और स्थानीय परिवहन के बीच बेहतर तालमेल स्थापित हो रहा है तथा मेरठ और आसपास के इलाकों की कनेक्टिविटी मजबूत हो रही है। यूएमआई 2026 में एनसीआरटीसी की प्रदर्शनी को प्रथम पुरस्कार मिला। प्रदर्शनी में दिल्ली-मेरठ नमो भारत कॉरिडोर के निर्माण, विकास और परिचालन की यात्रा को प्रस्तुत किया गया।

इसमें आधुनिक बुनियादी ढांचे, उन्नत तकनीकों, मल्टीमॉडल इंटीग्रेशन और ट्रांजिट-ओरिएंटेड डेवलपमेंट से जुड़ी पहलों को प्रमुखता से प्रदर्शित किया गया। लगातार दूसरे वर्ष बेस्ट एग्जिबिटर का पुरस्कार मिलना इस बात का संकेत है कि एनसीआरटीसी क्षेत्रीय परिवहन से जुड़ी अपनी परियोजनाओं और तकनीकी नवाचारों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत कर रहा है। नमो भारत कॉरिडोर का प्रभाव केवल यात्रा के समय में कमी तक सीमित नहीं है। बेहतर कनेक्टिविटी के कारण दिल्ली, गाजियाबाद और मेरठ के बीच आर्थिक एवं सामाजिक संपर्क भी मजबूत हो रहा है। इसके चलते रोजगार और शिक्षा के प्रमुख केंद्रों तक पहुंच आसान हो रही है।

एनसीआरटीसी के अनुसार, क्षेत्र में आवासीय, व्यावसायिक और सेवा क्षेत्र से जुड़ी गतिविधियों को भी नई गति मिल रही है। दिल्ली में काम करने वाले कुछ पेशेवर बेहतर परिवहन सुविधा के चलते एनसीआर के आसपास के क्षेत्रों में रहने के विकल्प तलाश रहे हैं। इससे स्टेशनों के आसपास सुनियोजित शहरी विकास की संभावनाएं बढ़ रही हैं।

--आईएएनएस

पीकेटी/डीकेपी

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