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नैनीताल में 'जनगणना- 2027' की तैयारियां तेज, 10 अप्रैल से पहले चरण की शुरुआत

नैनीताल, 10 अप्रैल (आईएएनएस)। नैनीताल के अपर जिला मजिस्ट्रेट शैलेंद्र सिंह नेगी ने भारत में होने वाली जनगणना को लेकर अहम जानकारी साझा की है। उन्होंने बताया कि जनगणना 2027 की प्रक्रिया शुरू हो गई है। यहां तक कि इसकी तैयारियां भी अभी से शुरू कर दी गई हैं। खास बात यह है कि इस बार जनगणना को डिजिटल तरीके से भी किया जाएगा, जिससे आम लोगों की भागीदारी और आसान हो जाएगी।
नैनीताल में 'जनगणना- 2027' की तैयारियां तेज, 10 अप्रैल से पहले चरण की शुरुआत

नैनीताल, 10 अप्रैल (आईएएनएस)। नैनीताल के अपर जिला मजिस्ट्रेट शैलेंद्र सिंह नेगी ने भारत में होने वाली जनगणना को लेकर अहम जानकारी साझा की है। उन्होंने बताया कि जनगणना 2027 की प्रक्रिया शुरू हो गई है। यहां तक कि इसकी तैयारियां भी अभी से शुरू कर दी गई हैं। खास बात यह है कि इस बार जनगणना को डिजिटल तरीके से भी किया जाएगा, जिससे आम लोगों की भागीदारी और आसान हो जाएगी।

उन्होंने बताया कि जनगणना दो चरणों में पूरी की जाएगी। पहला चरण मकान सूचीकरण और मकानों की गणना का होगा, जिसकी शुरुआत 10 अप्रैल से हो चुकी है। यह काम पहले 24 अप्रैल तक स्व-गणना (सेल्फ एन्यूमरेशन) के रूप में किया जाएगा। इसके बाद 25 अप्रैल से 24 मई 2026 तक प्रगणक (एन्यूमरेटर) और सुपरवाइजर घर-घर जाकर डाटा कलेक्ट करेंगे।

शैलेंद्र सिंह नेगी ने समझाया कि इस बार लोगों को एक डिजिटल विकल्प दिया गया है, जिससे वे खुद अपने घर की जानकारी ऑनलाइन भर सकते हैं। इसके लिए सरकार ने एक लिंक उपलब्ध कराया है, जहां कोई भी भारतीय नागरिक लॉगिन करके अपनी जानकारी दर्ज कर सकता है। यह सुविधा मोबाइल, लैपटॉप या डेस्कटॉप सभी पर काम करेगी।

उन्होंने बताया कि इस प्रक्रिया में करीब 8 आसान स्टेप्स होंगे, जिन्हें पूरा करके कोई भी व्यक्ति अपनी जानकारी भर सकता है। जब यह प्रक्रिया पूरी हो जाएगी, तो व्यक्ति को एक यूनिक आईडी मिलेगी, जिसे सुरक्षित रखना होगा। बाद में जब सरकारी कर्मचारी घर पर आएंगे, तो उसी आईडी के जरिए जानकारी को वेरीफाई किया जाएगा और अंतिम रूप से सबमिट किया जाएगा।

एडीएम ने यह भी साफ किया कि अगर कोई व्यक्ति खुद से यह ऑनलाइन प्रक्रिया पूरी नहीं कर पाता है, तो चिंता की बात नहीं है। 25 अप्रैल से 24 मई के बीच जब प्रगणक घर-घर जाएंगे, तो वे खुद यह काम पूरा कर देंगे। इस बार प्रशासन का फोकस ज्यादा से ज्यादा लोगों को इस डिजिटल प्रक्रिया से जोड़ने पर है ताकि काम तेजी और सटीक तरीके से हो सके। इसी को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने तीन चरणों में जागरूकता अभियान भी शुरू किया है।

पहले चरण में जिले के जनप्रतिनिधियों जैसे मंत्री, सांसद, विधायक, जिला पंचायत अध्यक्ष और ब्लॉक प्रमुख को इस प्रक्रिया से जोड़ा जाएगा। उनके घर जाकर उन्हें सेल्फ एन्यूमरेशन के बारे में बताया जाएगा और उनसे यह प्रक्रिया पूरी करवाई जाएगी।

दूसरे चरण में सभी सरकारी कर्मचारियों को शामिल किया जाएगा। चाहे वे ऑफिस में काम करते हों या फील्ड में, सभी को अपनी जानकारी खुद भरने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। इससे एक बड़ा वर्ग इस डिजिटल पहल से जुड़ जाएगा।

तीसरे चरण में आम जनता तक यह जानकारी पहुंचाने के लिए व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाएगा। इसके तहत नगर निगम, नगर पालिका और ग्रामीण क्षेत्रों में होर्डिंग, बैनर और अन्य माध्यमों से लोगों को जागरूक किया जाएगा। यहां तक कि कूड़ा उठाने वाले वाहनों और सार्वजनिक जगहों पर भी इस संदेश को फैलाया जाएगा।

ग्रामीण क्षेत्रों के लिए भी खास योजना बनाई गई है। गांव-गांव में लेखपाल, ग्राम विकास अधिकारी, ग्राम पंचायत अधिकारी और स्कूल शिक्षक लोगों को इस प्रक्रिया के बारे में समझाएंगे। स्कूलों में बच्चों को भी सिखाया जा रहा है कि सेल्फ एन्यूमरेशन कैसे करना है, ताकि वे अपने परिवार की मदद कर सकें।

शैलेंद्र सिंह नेगी ने कहा कि आज के डिजिटल युग में लगभग हर व्यक्ति मोबाइल का उपयोग करता है, ऐसे में यह एक बेहतरीन मौका है कि लोग खुद अपनी जानकारी दर्ज करें और इस राष्ट्रीय प्रक्रिया में भागीदार बनें। इससे न सिर्फ जनगणना तेजी से पूरी होगी, बल्कि आंकड़े भी ज्यादा सटीक और विश्वसनीय मिलेंगे।

--आईएएनएस

पीआईएम/एबीएम

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