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'नई टीम में फैसले तो पुराने लोग ही लेते हैं', भाजपा पर हुसैन दलवई ने कसा तंज

'नई टीम में फैसले तो पुराने लोग ही लेते हैं', भाजपा पर हुसैन दलवई ने कसा तंज
'नई टीम में फैसले तो पुराने लोग ही लेते हैं', भाजपा पर हुसैन दलवई ने कसा तंज

मुंबई, 18 अगस्त (आईएएनएस)। साल 2027 में कई राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनावों को देखते हुए भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन की नई टीम का ऐलान किया गया है। नई टीम में उन राज्यों के कार्यकर्ताओं, नेताओं और पूर्व मंत्रियों को जगह दी गई है, जहां विधानसभा चुनाव होने हैं। इसके साथ ही कुछ नए चेहरों को शामिल करने के अलावा पार्टी ने कई पुराने चेहरों पर भी फिर से भरोसा जताया है।

भाजपा की नई टीम को लेकर महाराष्ट्र के कांग्रेस नेता हुसैन दलवई ने तंज कसा। उन्होंने कहा कि नई टीम बनाने का क्या फायदा, जब बड़े फैसले पुराने लोग ही लेते हैं।

मुंबई में आईएएनएस से बातचीत के दौरान हुसैन दलवई ने कहा कि नितिन नवीन खुद नए चेहरे हैं, अब उनकी यह नई टीम है, लेकिन सारे निर्णय सिर्फ प्रधानमंत्री और केंद्रीय गृह मंत्री लेते हैं। बड़े-बड़े नेताओं के बारे में भी कुछ मालूम नहीं चलता कि उनके पास वास्तव में कितनी भूमिका है।

हुसैन दलवई ने एसआईआर को लेकर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने आरोप लगाया कि इसका मकसद कुछ लोगों को चुनावी प्रक्रिया से दूर रखना है, खासकर उन लोगों को, जिनके बारे में यह माना जाता है कि वे सत्तारूढ़ दल के पक्ष में मतदान नहीं करेंगे। यह चुनावी व्यवस्था को खत्म करने की कोशिश है। लोगों के मन में ‘एक पार्टी, एक देश, एक संस्कृति, एक धर्म’ का विचार बैठाने का प्रयास किया जा रहा है।

'वंदे मातरम' को लेकर चल रही बहस पर हुसैन दलवई ने कहा कि इसे लेकर अनावश्यक माहौल बनाया जा रहा है। यदि किसी सरकारी कार्यक्रम में पूरा 'वंदे मातरम' गाया जाता है तो वह अलग बात है, लेकिन हर व्यक्ति के लिए इसे उसी तरह करना अनिवार्य नहीं हो सकता है। बाहर कोई क्या करता है, इस पर यह नहीं कहा जा सकता कि हर किसी को पूरा 'वंदे मातरम' ही कहना चाहिए या पढ़ना चाहिए। यह सिर्फ किसी एक धर्म या समुदाय का सवाल नहीं है, बल्कि देश के धर्मनिरपेक्ष चरित्र का सवाल है।

कांग्रेस की वरिष्ठ नेता सोनिया गांधी से माफी मांगने वाली मांगों पर उन्होंने कहा कि माफी उन्हें मांगनी चाहिए, जिन्होंने कभी अपने कार्यालय पर तिरंगा नहीं फहराया।

राम मंदिर से जुड़े मामले में एसआईटी की रिपोर्ट पर दलवई ने सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जब एसआईटी का गठन किया गया था, तभी लोगों को अंदाजा था कि जांच का क्या परिणाम हो सकता है। उन्होंने आरोप लगाया कि मामले की स्वतंत्र जांच नहीं की गई और रिपोर्ट के जरिए मामले को दबाने की कोशिश की गई। दलवई ने रिपोर्ट को फर्जी करार दिया।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बयान पर हुसैन दलवई ने कहा कि अमेरिका के निर्माण और विकास में बड़ी संख्या में भारतीयों का योगदान रहा है। आगे जिस एक्ट की वह बात कर रहे हैं, उससे एक चीज तो साफ है कि प्रवासियों के खिलाफ बड़े स्तर पर कार्रवाई की जाएगी, यह बेहद अफसोसजनक स्थिति होगी।

--आईएएनएस

डीकेएम/एबीएम

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