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नई दिल्ली विश्व पुस्तक मेला: नौसेना ने भारत की समुद्री विरासत की प्रदर्शित की

नई दिल्ली, 11 जनवरी (आईएएनएस)। नई दिल्ली विश्व पुस्तक मेले में भारतीय नौसेना द्वारा देश की समुद्री विरासत प्रदर्शित की जा रही है। दरअसल, भारतीय नौसेना, नई दिल्ली विश्व पुस्तक मेला 2026 में सक्रिय रूप से भाग ले रही है। यहां एक विशेष कार्यक्रम में नौसेना प्रमुख भी शिरकत करेंगे।
नई दिल्ली विश्व पुस्तक मेला: नौसेना ने भारत की समुद्री विरासत की प्रदर्शित की

नई दिल्ली, 11 जनवरी (आईएएनएस)। नई दिल्ली विश्व पुस्तक मेले में भारतीय नौसेना द्वारा देश की समुद्री विरासत प्रदर्शित की जा रही है। दरअसल, भारतीय नौसेना, नई दिल्ली विश्व पुस्तक मेला 2026 में सक्रिय रूप से भाग ले रही है। यहां एक विशेष कार्यक्रम में नौसेना प्रमुख भी शिरकत करेंगे।

पुस्तक मेले में भारतीय नौसैनिक जहाजों, पनडुब्बियों, वायु शक्ति और प्रतिष्ठानों के इतिहास से संबंधित पुस्तकें हैं। इसके साथ ही भारत के समुद्री इतिहास पर आधारित महत्वपूर्ण प्रकाशन व नौसेना से संबंधित मॉडल भी रखे गए हैं। हॉल संख्या 5 में स्थित नौसेना पवेलियन में भारतीय नौसेना के आधिकारिक इतिहास (1945-2021) के सात खंड प्रदर्शित किए गए हैं। नौसेना व देश के समुद्री इतिहास से जुड़ी ये सभी पाठ्य सामग्री भारत की समृद्ध समुद्री और नौसैनिक परंपरा को समझने का अवसर प्रदान करती हैं। विद्वतापूर्ण शोध और दृश्य आकर्षण का यह संयोजन भारत की समुद्री यात्रा की एक प्रभावशाली कथा प्रस्तुत करता है। पुस्तकों का यह प्रतिष्ठित आयोजन साहित्य, ज्ञान और विरासत के उत्सव के रूप में जाना जाता है।

रक्षा मंत्रालय का कहना है कि यहां नौसेना की भागीदारी देश की समृद्ध समुद्री विरासत के संरक्षण और उसके प्रचार-प्रसार के प्रति उसकी प्रतिबद्धता को दोहराती है। इस पहल का नेतृत्व भारतीय नौसेना के प्रमुख शोध संस्थान, नौसेना इतिहास प्रभाग (नेवल हिस्ट्री डिवीजन- एनएचडी) द्वारा किया जा रहा है। एनबीटी के सहयोग से एनएचडी ने भारतीय नौसेना के विशेष स्टॉल स्थापित किए हैं। इनमें नौसेना के प्रामाणिक प्रकाशनों के साथ-साथ सावधानीपूर्वक तैयार किए गए स्केल शिप मॉडल प्रदर्शित किए गए हैं। ये प्रदर्शन नौसेना के विकास, परंपराओं और परिचालन उत्कृष्टता की सजीव झलक प्रस्तुत करते हैं।

बता दें कि नौ दिनों तक चलने वाले इस मेगा पुस्तक मेले का आयोजन राष्ट्रीय पुस्तक न्यास (एनबीटी) द्वारा किया जा रहा है, जो शिक्षा मंत्रालय के अंतर्गत भारत सरकार का एक स्वायत्त संगठन है। मेले का उद्घाटन केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान द्वारा किया गया था। शैक्षणिक एवं बौद्धिक संवाद को बढ़ावा देने के उद्देश्य से, यहां 1971 के युद्ध पर केंद्रित एक पैनल चर्चा का आयोजन भी किया गया। इस चर्चा का संचालन कमांडर नीरज वशिष्ठ ने किया, जिसमें वीर चक्र और नौसेना मेडल से सम्मानित कमांडर विजय प्रकाश कपिल (सेवानिवृत्त) तथा अन्य लोगों ने भाग लिया।

इस सत्र में भारत के नौसैनिक इतिहास के एक निर्णायक अध्याय पर गहन विचार-विमर्श हुआ। रविवार की शाम को यहां हॉल नंबर 5 के थीम पवेलियन में ‘नौसैनिक समुद्री अभियानों: अतीत और वर्तमान’ विषय पर एक और पैनल चर्चा आयोजित की जा रही है। इस सत्र का संचालन कमांडर कलेश मोहनन कर रहे हैं, जबकि पैनल में कैप्टन प्रशांत सी मेनन और कमांडर नीरज वशिष्ठ भाग ले रहे हैं। इसके अलावा 14 जनवरी 2026 को ‘नियम-आधारित व्यवस्था का निर्माण: भारतीय नौसेना की भूमिका’ विषय पर एक महत्वपूर्ण पैनल चर्चा प्रस्तावित है।

इसका संचालन एसोसिएट प्रोफेसर अभिमन्यु सिंह अर्हा करेंगे। इस सत्र में लेफ्टिनेंट कमांडर अनुपमा थपलियाल और लेफ्टिनेंट जीवितेश सहारण भारतीय महासागर क्षेत्र में भारतीय नौसेना की महत्वपूर्ण भूमिका पर अपने विचार साझा करेंगे।

रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, पुस्तक मेले का एक प्रमुख आकर्षण भारतीय नौसेना पर आधारित एक विशेष पुस्तक का विमोचन होगा। इस पुस्तक को नौसेना इतिहास प्रभाग द्वारा तैयार किया गया है। इस पुस्तक का अनावरण एक भव्य समारोह में नौसेना प्रमुख द्वारा किया जाएगा।

प्रदर्शनी और विचार-विमर्श के साथ-साथ, एनएचडी युवा आगंतुकों से भी सक्रिय संवाद कर रहा है। युवाओं को भारतीय नौसेना में करियर बनाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। नौसेना के प्रकाशन और स्टॉल पहले ही बड़ी संख्या में आगंतुकों का ध्यान आकर्षित कर चुके हैं। नौसेना का कहना है कि भारतीय नौसेना ने नई दिल्ली विश्व पुस्तक मेला 2026 में आने वाले सभी आगंतुकों को अपने गौरवशाली सेवा इतिहास और भारत की स्थायी समुद्री विरासत के बारे में जानने के लिए आमंत्रित किया है।

--आईएएनएस

जीसीबी/डीकेपी

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