नाबालिग को शराब बेचने के मामले में आबकारी मंत्री सख्त, सेल्समैन हटाया, 30 हजार का जुर्माना
लखनऊ, 14 सितंबर (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में नाबालिग को शराब बेचने के आरोप से जुड़े सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो का आबकारी मंत्री नितिन अग्रवाल ने तत्काल संज्ञान लिया है। मंत्री के निर्देश पर हुई जांच में सेल्समैन का व्यवहार अनुचित पाए जाने के बाद उसे तत्काल दुकान से हटा दिया गया। साथ ही संबंधित कम्पोजिट दुकान के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करते हुए 30 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है।
मामला लखनऊ के विकासनगर थाना क्षेत्र स्थित एक कम्पोजिट शराब की दुकान से जुड़ा है। 11 सितंबर को सोशल मीडिया मंच एक्स समेत अन्य प्लेटफॉर्म पर एक वीडियो प्रसारित हुआ था, जिसमें दुकान के सेल्समैन की एक व्यक्ति से कहासुनी दिखाई दे रही थी। वीडियो में सेल्समैन पर नाबालिग बच्चे को शराब बेचने का आरोप लगाया जा रहा था। सोशल मीडिया पर वीडियो सामने आने के बाद आबकारी एवं मद्य निषेध राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) नितिन अग्रवाल ने मामले का तत्काल संज्ञान लेते हुए संबंधित अधिकारियों को जांच कर कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए।
जिला आबकारी अधिकारी, लखनऊ की ओर से मामले की जांच की गई। जांच के दौरान सेल्समैन का व्यवहार उचित नहीं पाया गया। इसके बाद उसे तत्काल प्रभाव से हटा दिया गया। वहीं, संबंधित कम्पोजिट दुकान के खिलाफ आबकारी नियमों के तहत प्रशमन की कार्रवाई करते हुए 30 हजार रुपये का जुर्माना आरोपित किया गया।
आबकारी मंत्री नितिन अग्रवाल ने अधिकारियों को सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि भविष्य में इस तरह का कोई मामला सामने आया तो संबंधित लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रदेश में किसी भी स्तर पर अवैध या जहरीली शराब की बिक्री, अथवा कम उम्र के बच्चों को शराब परोसने या बेचने जैसी गतिविधियों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस तरह के कृत्य प्रदेश सरकार की आबकारी नीति के खिलाफ हैं और इससे सरकार की छवि को नुकसान पहुंचाने का प्रयास होता है। ऐसे मामलों में किसी भी स्तर पर लापरवाही क्षम्य नहीं होगी।
नितिन अग्रवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व और पारदर्शी नीतियों के कारण पिछले साढ़े चार वर्षों से अधिक समय में प्रदेश में अवैध या जहरीली शराब की बिक्री का कोई मामला सामने नहीं आया है और जहरीली शराब से मृत्यु का कोई प्रकरण भी संज्ञान में नहीं आया है। उन्होंने इसके लिए आबकारी विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों को बधाई दी। मंत्री ने सभी अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में लगातार निगरानी और मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए हैं।
उन्होंने कहा कि आबकारी विभाग की कार्यप्रणाली और पारदर्शिता के कारण उत्तर प्रदेश का आबकारी विभाग देश के अन्य राज्यों के लिए रोल मॉडल बन चुका है। इस छवि को बनाए रखना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि शराब की दुकानों की नियमित निगरानी की जाए और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि नाबालिगों को शराब की बिक्री जैसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
--आईएएनएस
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