मुस्लिम महिलाओं को राजनीति में सक्रिय रूप से भाग लेना चाहिए: एसटी हसन
मुरादाबाद, 15 अप्रैल (आईएएनएस)। समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता एसटी हसन ने मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी के बयान पर पलटवार किया। उन्होंने कहा कि मुस्लिम महिलाओं को राजनीति में सक्रिय रूप से भाग लेना चाहिए।
मुरादाबाद में सपा नेता ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत करते हुए कहा कि मुझे नहीं पता कि शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी किस शरिया कानून की बात कर रहे हैं। इस्लाम मुस्लिम महिलाओं को राजनीति करने से नहीं रोकता। मैं मुस्लिम महिलाओं को राजनीति में आने के लिए प्रोत्साहित करता हूं। उन्हें अपनी बात रखनी चाहिए और सक्रिय होनी चाहिए।
एसटी हसन ने कहा कि शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी को अपने बयान को लेकर आत्मचिंतन करना चाहिए।
उन्होंने महाराष्ट्र सरकार के उस प्रस्तावित बिल की आलोचना की है, जिसमें एक मई से टैक्सी और ऑटो ड्राइवरों के लिए मराठी भाषा में बोलना अनिवार्य करने का प्रावधान है।
हसन ने कहा कि यह हमारा दुर्भाग्य है कि हमारी राजनीति अब बंटवारे की राजनीति बन गई है। पहले हमने हिंदू-मुस्लिम बांटा, फिर जातियों के आधार पर बांटा, अब क्षेत्र और भाषा के आधार पर बांटने की कोशिश की जा रही है। महाराष्ट्र में मराठी को अनिवार्य करने का फैसला लोगों के बीच नया बंटवारा पैदा करेगा।
उन्होंने कहा कि जो लोग मराठी नहीं बोल पाएंगे, उनके साथ अन्याय होगा। उन्हें पीटा जा सकता है और वहां से भगाया जा सकता है। हम कब तक लोगों को बांटते रहेंगे। हमें नफरत की राजनीति छोड़कर प्यार, मोहब्बत और विकास की राजनीति करनी चाहिए। महंगाई, बेरोजगारी जैसे मुद्दों पर राजनीति होनी चाहिए, न कि भाषा के आधार पर बंटवारा करना चाहिए। मुंबई में मराठी का मुद्दा है, इसीलिए मराठी बोलने के लिए दबाव बना रहे हैं।
उन्होंने महिला आरक्षण बिल पर कहा कि सरकार महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने का बिल लाई है, जिसका सभी समर्थन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि इसमें मुस्लिम महिलाओं, अल्पसंख्यकों, एससी/एसटी और ओबीसी महिलाओं के लिए भी समुचित प्रावधान होना चाहिए।
उन्होंने कहा कि महिलाओं का आरक्षण चुनाव आयोग के माध्यम से नहीं, बल्कि पार्टियों द्वारा 33 प्रतिशत टिकट देकर लागू किया जाना चाहिए।
बिहार में सम्राट चौधरी के सीएम बनने पर एसटी हसन ने तंज कसा। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार जिस डाल पर बैठे थे, उसी को काट दिए। अब जदयू का भविष्य खतरे में है।
उन्होंने कहा कि भाजपा नीतीश कुमार के नाम पर चुनाव जीती थी, लेकिन अब उन्हें ठंडे बस्ते में डाल देगी। जदयू का अंत तय है।
--आईएएनएस
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