Murasu Cyclone Alert: बंगाल की खाड़ी में उठेगा चक्रवात मुरासु, आंध्र प्रदेश समेत कई राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट
बंगाल की खाड़ी में एक नया मौसमी सिस्टम सक्रिय होने से कई राज्यों में चक्रवात का खतरा बढ़ गया है। चक्रवात अर्नब के बाद अब संभावित तूफान मुरासु को लेकर मौसम विभाग की चेतावनी सामने आई है। बताया जा रहा है कि समुद्र में बना गहरे दबाव का क्षेत्र चक्रवाती तूफान का रूप ले सकता है और इसके आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों की ओर बढ़ने की आशंका है।
इस मौसमी सिस्टम के प्रभाव से तटीय क्षेत्रों में तेज हवाओं के साथ भारी बारिश हो सकती है। संभावित खतरे को देखते हुए मछुआरों और समुद्र के आसपास रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
भारत ने दिया है मुरासु नाम
मुरासु नाम तमिल भाषा से लिया गया है, जिसका अर्थ ढोल या पारंपरिक वाद्य यंत्र होता है। ऐतिहासिक रूप से ढोल का इस्तेमाल महत्वपूर्ण घोषणाएं करने और लोगों तक चेतावनी पहुंचाने के लिए किया जाता था। इस चक्रवात का नाम भारत की ओर से सुझाया गया है।
110 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है हवा की रफ्तार
मौसम विभाग के अनुमान के मुताबिक, चक्रवात के प्रभाव से तटीय इलाकों में 80 से 90 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। कुछ स्थानों पर हवा के झोंकों की गति 100 से 110 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की आशंका है।
हालांकि, हवा की रफ्तार पिछले चक्रवात अर्नब के मुकाबले कम रहने का अनुमान जताया गया है, लेकिन भारी बारिश और तेज हवाओं के कारण नुकसान की आशंका बनी हुई है।
आंध्र प्रदेश से लेकर तमिलनाडु तक बारिश का अलर्ट
संभावित चक्रवात के असर से तटीय आंध्र प्रदेश और रायलसीमा के कई हिस्सों में अगले दो से तीन दिनों तक बारिश हो सकती है। इसके अलावा तमिलनाडु, पुडुचेरी, कराईकल, केरल और माहे में भी भारी बारिश की संभावना जताई गई है।
समुद्र में ऊंची लहरें उठने और मौसम खराब रहने की आशंका के चलते मछुआरों को समुद्र में नहीं जाने की सलाह दी गई है।
आंध्र प्रदेश के इन जिलों पर ज्यादा खतरा
तूफान के संभावित तट से टकराने के दौरान आंध्र प्रदेश के कृष्णा, गुंटूर, बापटला, प्रकाशम और नेल्लोर जिलों में ज्यादा सतर्कता बरतने की जरूरत बताई गई है। इन इलाकों में तेज हवाओं और भारी बारिश से जनजीवन प्रभावित हो सकता है।
इसके अलावा ओडिशा और तेलंगाना के कुछ हिस्सों में भी भारी बारिश का खतरा बताया गया है। कुछ क्षेत्रों में 200 से 300 मिलीमीटर तक बारिश होने की आशंका जताई गई है। इससे निचले इलाकों में जलभराव और बाढ़ जैसी स्थिति बन सकती है।
उत्तर भारत के मौसम पर भी दिख सकता है असर
इस मौसमी बदलाव का प्रभाव उत्तर भारत के कुछ हिस्सों तक पहुंचने की संभावना भी जताई गई है। उत्तर प्रदेश, बिहार और झारखंड में मौसम बदल सकता है और कुछ स्थानों पर रुक-रुककर बारिश हो सकती है।
नोट: चक्रवात की दिशा, तीव्रता और तट से टकराने का समय मौसम विभाग के ताजा बुलेटिन के अनुसार बदल सकता है। इसलिए प्रभावित क्षेत्रों के लोगों को IMD और स्थानीय प्रशासन की आधिकारिक सलाह पर ध्यान देना चाहिए।

